बंगाल में 2026 का 'शक्ति प्रदर्शन': भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का मिशन दुर्गापुर, ममता के गढ़ में 'बिहारी वोटर्स' को साधने का नया प्लान!
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने पहले आधिकारिक पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं। उनके इस दौरे ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नवीन का कोलकाता के बजाय दुर्गापुर से अपना अभियान शुरू करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है
कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं। पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक पश्चिम बंगाल दौरा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल दौरा राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरे को 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां भाजपा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है।
नितिन नवीन ने कोलकाता को छोड़कर सीधे दुर्गापुर और आस-पास के इलाकों को चुना है। वे 27 जनवरी शाम को अंडाल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। वह शाम में दुर्गापुर के चित्रालय मेला मैदान में 'कमल मेला' कार्यक्रम में शामिल हुए, जो पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने और संगठन को मजबूत करने का मंच था।
इस दौरे का मुख्य फोकस संगठनात्मक बैठकों पर है। नवीन राज्य कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिला स्तर पर आकलन लेंगे और बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं से सीधी बातचीत करेंगे। वह विशेष रूप से दुर्गापुर, आसनसोल, रानीगंज और वर्धमान विभाग के कार्यकर्ता सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस क्षेत्र में बिहारी और गैर-बंगाली वोटरों की अच्छी संख्या है, इसलिए यहां से 'मिशन बंगाल' शुरू करने की रणनीति अपनाई गई है।
भाजपा बंगाल में पिछले चुनावों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। पार्टी का मानना है कि बर्धमान, आसनसोल, बीरभूम, बांकुड़ा और पुरुलिया जैसे जिलों में समर्थन बढ़ रहा है। नवीन महिलाओं, युवाओं और बूथ कार्यकर्ताओं की भूमिकाओं पर जोर देंगे। वे घुसपैठ, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, ग्रामीण संकट और तृणमूल शासन के 15 सालों में आर्थिक संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
पार्टी नेतृत्व 2026 के चुनाव को कड़ा मुकाबला मान रहा है। इस दौरे से केंद्रीय नेतृत्व का बंगाल पर पूरा ध्यान दिख रहा है। उम्मीदवार चयन, रणनीति और संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने पर विस्तृत चर्चा होगी।