निजी स्कूलों की बढ़ी मुश्किलें! DC के सख्त आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग का पोर्टल 'धड़ाम', पासवर्ड के लिए हेड ऑफिस के चक्कर काट रहे स्कूल
लुधियाना के निजी स्कूलों में RTE के तहत 25% आरक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 12 जनवरी तय की गई थी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण पोर्टल ठप पड़ा है। यूडाइस डाटा और पासवर्ड न होने से स्कूल संचालक परेशान हैं। जानें डीसी हिमांशु जैन के सख्त आदेश और शिक्षा विभाग की लचर तैयारी का पूरा मामला।
लुधियाना। निजी स्कूलों के लिए आरटीई एक्ट के तहत 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का सरकारी आदेश व्यवहार में परेशानी का कारण बनता दिख रहा है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन द्वारा 12 जनवरी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किए जाने के बीच शिक्षा विभाग की तकनीकी खामियों और अधूरी तैयारी से स्कूल संचालक असमंजस में हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में स्कूल पोर्टल पर लॉग इन नहीं कर पाए और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ठप रही।
पोर्टल की खामियां, पासवर्ड हेड ऑफिस के पास
निजी स्कूल प्रबंधन का कहना है कि विभाग के पास कई स्कूलों का यूडाइस डेटा उपलब्ध नहीं है। कई स्कूलों के पास लॉग इन आईडी तो है, लेकिन पासवर्ड नहीं। संपर्क करने पर स्थानीय अधिकारी पासवर्ड केवल हेड ऑफिस से मिलने की बात कह रहे हैं। लगातार ‘सर्वर एरर’ के चलते स्कूल संचालकों को मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
सख्त निर्देश, कमजोर व्यवस्था
डीसी हिमांशु जैन ने लुधियाना के सभी गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) को निर्देश दिए हैं कि आरटीई पोर्टल पर एंट्री-लेवल सीटें, ट्यूशन फीस और मान्यता (सीओआर) नंबर अपलोड किए जाएं। प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया और फीस वसूली पर रोक भी लगाई है, लेकिन तकनीकी ढांचा पूरी तरह से चरमराया हुआ है।
दंड का डर, समय-सीमा पर सवाल
आदेशों के अनुसार आरक्षित सीटों पर केवल परिवहन शुल्क लेने की अनुमति है, जबकि किसी भी तरह के टेस्ट या इंटरव्यू पर रोक है। नियमों के उल्लंघन पर मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माने का प्रावधान है। स्कूलों का कहना है कि जब पोर्टल ही सही ढंग से काम नहीं कर रहा, तो समय-सीमा के भीतर जानकारी अपलोड करना संभव नहीं।
निजी स्कूलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने और तकनीकी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।