‘राम मंदिर में विवाद नहीं, चोरी-डकैती हुई’, बहराइच में शंकराचार्य का BJP सरकार पर बड़ा हमला
Swami Avimukteshwaranand ने बहराइच में राम मंदिर चढ़ावा मामले और गौमाता के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में विवाद नहीं बल्कि चोरी और डकैती हुई है।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
Jul 14, 2026 • 6:47 AM | बहराइच Last Edited By:News Tv India हिंदी
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Minaxi Rathore
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‘राम मंदिर में विवाद नहीं, चोरी-डकैती हुई’, बहराइच में शंकराचार्य का BJP सरकार पर बड़ा हमला
Swami Avimukteshwaranand ने बहराइच में राम मंदिर चढ़ावा मामले और गौमाता के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में विवाद नहीं बल्कि चोरी और डकैती हुई है।
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14 July 2026
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‘राम मंदिर में विवाद नहीं, चोरी-डकैती हुई’, बहराइच में शंकराचार्य का BJP सरकार पर बड़ा हमला
81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा पर निकले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को बहराइच पहुंचे। यहां उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले से लेकर गौ संरक्षण तक कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को सीधे निशाने पर लिया।
शंकराचार्य ने राम मंदिर से जुड़े मामले को ‘विवाद’ कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि वहां विवाद नहीं, बल्कि ‘चोरी और डकैती’ हुई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बेहद तल्ख अंदाज में कहा कि कथित तौर पर इसमें शामिल लोगों को हटाना पड़ेगा।
बहराइच पहुंचने पर कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर शंकराचार्य का स्वागत किया गया। वह जिले में दो दिन प्रवास करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
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Swami Avimukteshwaranand बोले- ‘गौमाता को पशु कहना अपमान’
गविष्ठि यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौमाता को पशुओं की सूची में रखे जाने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि भारत में लाखों वर्षों से गाय को माता के रूप में सम्मान दिया जाता रहा है। वेदों, पुराणों और धार्मिक परंपराओं में भी गौमाता का विशेष स्थान बताया गया है।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की व्यवस्था की नकल करते हुए सरकार गौमाता को पशुओं की श्रेणी में रखकर उसी आधार पर व्यवहार कर रही है।
उन्होंने मांग की कि सरकार गाय को पशुओं की सूची से हटाए, ‘राज्य माता’ का दर्जा दे और संरक्षण के लिए अलग तथा प्रभावी प्रोटोकॉल तैयार करे।
‘सरकार जवाब नहीं दे रही, वोट खिसकने का डर’
Swami Avimukteshwaranand ने अपनी यात्रा और मांगों पर सरकार की कथित चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “सरकार दो कारणों से चुप है। पहला, हमारे सवालों का उनके पास जवाब नहीं है। दूसरा, उन्हें डर है कि उनके वोट खिसक जाएंगे।”
शंकराचार्य ने दावा किया कि जनता के सामने अब सरकार की कथनी और करनी का अंतर सामने आ चुका है।
उन्होंने गंगा की स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि धार्मिक प्रतीकों के नाम पर राजनीति की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ।
‘जो गौमाता का होगा, हम उसके होंगे’
समाजवादी पार्टी के समर्थन से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि गौमाता के मुद्दे को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा, “जो गौमाता का होगा, हम उसके होंगे।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल गौ संरक्षण की बात करता है और उसके लिए काम करता है तो वह उसके साथ खड़े होंगे।
उन्होंने भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने गौ रक्षा का वादा किया था और इसी कारण बड़ी संख्या में लोगों ने उसका समर्थन किया।
BJP से नाता तोड़ने की बात भी कही
शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई सरकार गौमाता की रक्षा करने में विफल होती है तो उससे राजनीतिक नाता तोड़ने का अधिकार भी लोगों के पास है।
उन्होंने कहा, “हमको अधिकार है पार्टी चुनने का। हम जिस समय चाहेंगे, जिस पार्टी को चाहेंगे, उसे चुनेंगे।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल किया कि जब गौ रक्षा के नाम पर वोट मांगे गए थे तो अब गायों की स्थिति पर जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने अपने समर्थकों से भी गौमाता के मुद्दे को प्राथमिकता में रखकर राजनीतिक निर्णय लेने की अपील की।
Ram Mandir पर फिर भड़के शंकराचार्य
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा मामले पर Swami Avimukteshwaranand के तेवर सबसे ज्यादा तल्ख नजर आए।
उन्होंने कहा, “भगवान को धोखा दिया गया है। कह रहे हैं कि विवाद हो रहा है। काहे का विवाद? साफ चोरी हुई है।”
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि कथित चोरी से जुड़े लोग अब भी व्यवस्था में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, “हमने 500 साल की लड़ाई लड़ी और हमारा स्थान चोरों के कब्जे में चला गया।”
यह बयान राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।
‘शामिल लोगों को हटाना पड़ेगा’
शंकराचार्य ने कहा कि यदि व्यवस्था में गलत लोग मौजूद हैं तो उन्हें हटाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
हालांकि राम मंदिर मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाएगी। शंकराचार्य की ओर से लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत और सार्वजनिक बयान हैं।