अब हिंदी, मैथिली और भोजपुरी में मिलेगी AI आधारित सरकारी सेवा, बिहार सरकार ने किया बड़ा समझौता
बिहार सरकार ने सर्वम AI-भारत GPT के साथ समझौता किया है। इस पहल के तहत हिंदी, मैथिली, भोजपुरी और मगही में AI आधारित सरकारी सेवाएं, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
अब हिंदी, मैथिली और भोजपुरी में मिलेगी AI आधारित सरकारी सेवा, बिहार सरकार ने किया बड़ा समझौता
बिहार सरकार ने सर्वम AI-भारत GPT के साथ समझौता किया है। इस पहल के तहत हिंदी, मैथिली, भोजपुरी और मगही में AI आधारित सरकारी सेवाएं, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
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17 July 2026
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अब हिंदी, मैथिली और भोजपुरी में मिलेगी AI आधारित सरकारी सेवा, बिहार सरकार ने किया बड़ा समझौता
पटना: बिहार सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सर्वम AI-भारत GPT के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस साझेदारी के जरिए नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में AI आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बिहार डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, यह पहल राज्य को AI आधारित प्रशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।
Bihar AI Governance के तहत स्थानीय भाषाओं में मिलेगी सरकारी सेवाएं
सरकार के मुताबिक, इस समझौते के बाद नागरिकों को हिंदी के साथ-साथ मैथिली, भोजपुरी और मगही जैसी भारतीय भाषाओं में AI आधारित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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इन सेवाओं में सरकारी योजनाओं की जानकारी, शिकायत निवारण, वर्चुअल असिस्टेंट और अन्य नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तकनीक को आम लोगों तक उनकी भाषा में पहुंचाना है, ताकि डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।
AI नीति और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी तेजी से काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार सरकार पहले ही आईटी नीति-2024, बिहार जीसीसी नीति-2026 और AI-फर्स्ट गवर्नेंस मॉडल के जरिए डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार के अनुसार, आईआईटी पटना के सहयोग से AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा रिसर्च पार्क और इन्क्यूबेशन सेंटर के विस्तार के साथ बिहार की AI नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है।
इसका उद्देश्य राज्य में अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल
शिक्षा में छात्रों को मिलेगा व्यक्तिगत अध्ययन सहयोग
सरकार का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में AI आधारित तकनीक के जरिए छात्रों को उनकी स्थानीय भाषा में अध्ययन सामग्री और व्यक्तिगत शिक्षण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
किसानों तक पहुंचेगी AI आधारित जानकारी
कृषि क्षेत्र में किसानों को मौसम, फसल प्रबंधन, मंडी भाव और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी AI के माध्यम से उनकी अपनी भाषा में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी होगा विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में दूरदराज के इलाकों तक AI आधारित प्रारंभिक स्वास्थ्य परामर्श और जागरूकता सेवाएं पहुंचाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तकनीक आधारित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
Bihar AI Governance से निवेश और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह साझेदारी बिहार में वैश्विक तकनीकी निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विकास को भी नई गति देगी।
'विकसित बिहार' के लक्ष्य की ओर कदम
सरकार का कहना है कि AI आधारित यह पहल केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार, नवाचार और तकनीकी विकास को भी गति देगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल 'विकसित बिहार' और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।