पंजाब बजट 2026: विकास और जनहित पर रहेगा फोकस, मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी बजट में नई जन-कल्याणकारी योजनाओं और बिजली-स्वास्थ्य में सुधारों की घोषणा की है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य का आगामी बजट आर्थिक विकास और जनकल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले चार वर्षों में जनता के पैसे का जिम्मेदारी से उपयोग किया है और कई नई योजनाओं पर काम किया गया है।
आगामी बजट में जनहित योजनाओं पर जोर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जिला संगरूर में आयोजित “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य का आने वाला बजट विकास और जनकल्याण को आगे बढ़ाने वाला होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं को लागू करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने करदाताओं के पैसे का सावधानी से उपयोग किया है और राज्य के समग्र विकास पर ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे राज्य के विकास को और गति मिलेगी।
90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मुफ्त बिजली योजना शामिल है।
उन्होंने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। साथ ही किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें खेतों में रात बिताने की जरूरत नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों और आम परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर बिजली क्षेत्र में नया कदम उठाया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं।
इन क्लीनिकों में लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना” के तहत राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है। इस योजना से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चार वर्षों में 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि इन नौकरियों में किसी भी तरह की रिश्वत या सिफारिश नहीं चली। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।
सरकार का मानना है कि युवाओं को रोजगार देना राज्य के विकास के लिए जरूरी है।
नशे के खिलाफ अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने “युद्ध नशों विरुद्ध” अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाया जा रहा है।
सिंचाई व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने सिंचाई व्यवस्था में सुधार का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि सरकार बनने के समय केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था। अब यह बढ़कर 68 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर खालों और 18,000 से अधिक जल मार्गों को फिर से चालू किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में नए कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “स्कूल ऑफ एमिनेंस” शुरू किए गए हैं।
इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल की सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है ताकि शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके।
सरकारी स्कूलों के छात्र अब जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर रहे हैं।
विपक्ष और केंद्र सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब युवाओं को रोजगार की जरूरत है, तब गांवों में ताश के टूर्नामेंट कराने की बात करना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया कि पंजाब के कुछ फंड रोके गए हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र से फंड जल्द जारी करने की मांग की।
खाड़ी देशों में फंसे पंजाबियों को वापस लाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण कुछ पंजाबी वहां फंसे हुए हैं।
सरकार ने अब तक 370 पंजाबियों की पहचान की है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन्हें वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
लोक मिलनी कार्यक्रम का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोक मिलनी” कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के साथ सीधा संवाद करना है।
इन कार्यक्रमों के जरिए गांवों और शहरों के लोग सीधे अपनी समस्याएं सरकार के सामने रख सकते हैं। इससे प्रशासन को भी जमीनी स्थिति समझने में मदद मिलती है।