Live Updates
LIVE NOWElection Result LIVE: BJP कार्यालयों में शुरू होगा जश्न
पश्चिम बंगाल और असम में मिली जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में उत्साह का माहौल है. कुछ ही देर में बीजेपी के प्रदेश कार्यालयों में जश्न शुरू होने वाला है, जहां प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे. कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल‑नगाड़ों, मिठाइयों और आतिशबाजी के साथ जीत का जश्न मनाने की तैयारी की जा रही है.
Election Result LIVE: बंगाल में BJP 191 सीट पर आगे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक भाजपा 191 सीट पर आगे है.
"जिहादी मानसिकता को जनता ने दिया करारा जवाब": तरुण चुघ ने टीएमसी पर बोला हमला, कहा— बंगाल में अब चलेगा संविधान!
भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मां, माटी और मानुष ने मिलकर प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दिया है।
"ममता की तुष्टिकरण वाली राजनीति का अंत": विनोद तावड़े का बड़ा बयान, बंगाल में भाजपा की बढ़त से गदगद हुए दिग्गज नेता
नई दिल्ली : राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिल रहे शुरुआती रुझानों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने सोमवार को कहा कि आज भाजपा का हर कार्यकर्ता खुशी से कह रहा है कि जहां पैदा मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है। हमें यहां पर यह समझना होगा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत जरूरी हो जाती है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में विनोद तावड़े ने कहा कि अब बंगाल की जनता ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में किसी भी सूरत में तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा कि अगर आपको पश्चिम बंगाल में अपने सियासी किले को मजबूत करना है, तो इसके लिए आपको विकास को प्राथमिकता देनी होगी। आप विकास की राजनीति को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इतिहास गवाह है कि पश्चिम बंगाल में बिना हत्या हुए कोई चुनाव नहीं होता था, लेकिन आज यह चुनाव बिना किसी हत्या और हिंसा के हुआ है। इसे लेकर पूरे देश के लोगों में खुशी का माहौल है।
सांसद विनोद तावड़े ने कहा, "असम में भी हम जीत रहे हैं। पुडुचेरी में हमारी सरकार बनने जा रही है। इसके अलावा, हमने तमिलनाडु में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर, अब 25 प्रदेशों में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। विकसित भारत 2047 के ध्येय को ध्यान में रखते हुए यह एक अच्छा कदम है, जिसका हमें स्वागत करना चाहिए।"
विनोद तावड़े ने कहा कि आज की तारीख में लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा है। उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री उनके हितों को प्राथमिकता देंगे। इसी को देखते हुए हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा जीत का परचम लहरा रही है। इसी वजह विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में बढ़ रही है।
वहीं, भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने भाजपा को मिल रहे शुरुआती रुझानों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा समय में प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दे रही है। प्रदेश के लोग प्रधानमंत्री मोदी को अपना आशीर्वाद देकर कह रहे हैं कि आप इसी तरह से हमारे विकास के लिए काम करते रहें। पूरा देश आज की तारीख में प्रधानमंत्री मोदी के साथ है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कहा कि यहां की जनता ने यह साफ कर दिया कि देश संविधान से चलेगा, न की जिहादी मानसिकता से। इससे यह साफ हो गया कि अब राहुल गांधी भी अगले 100वें चुनाव में हारने जा रहे हैं। उन्हें कोई भी पूछने वाला नहीं है। कांग्रेस ने अपना झंडा और एजेंडा दोनों ही मुस्लिम लीग को गिरवी रख दिया है। जनता ने मतदान से इन लोगों को करारा जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि मां माटी और मानुष ने खुलकर प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद देकर ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि माटी अपने बच्चों के खून से लाल थी और मानुष लगातार अत्याचार सह रहा था। आज के चुनाव रुझान जिहादी मानसिकता के लोगों के लिए करारा जवाब हैं। हमें बंगाल में भी जनता का आशीर्वाद मिला है। असम और पुडुचेरी में भी हम दोबारा आ रहे हैं। इस बार हमें जनता का प्रचंड आशीर्वाद मिलता हुआ दिख रहा है।
तरुण चुघ ने तमिलनाडु के शुरुआती रुझानों के संदर्भ में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म को डेंगू कहा करते थे। वो आज तीसरे पायदान पर आ चुके हैं। उन्हें कोई भी पूछने वाला नहीं है। यह जनता सब जानती है, साथ ही करारा जवाब भी देना जानती है और आशीर्वाद भी देना जानती है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पश्चिम बंगाल के शुरुआती रुझानों में भाजपा को मिल रही बढ़त पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि पश्चिम बंगाल के लोग समझदार है। ऐसी स्थिति में यहां के लोग किसी भी सूरत में जल्दबाजी में फैसला नहीं लेती है। यह पार्टी कोई भी फैसला लेने से पहले बहुत ही सोच विचार करती है। इस बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कैसे 15 साल तक कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में राज किया। वहीं, कम्युनिस्ट ने भी लंबे समय तक प्रदेश में राज किया। इसके बाद जब यह दोनों ही पार्टी प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं तो प्रदेश की जनता ने भाजपा को मौका दिया है। लोगों को भाजपा पर भरोसा है कि यह पार्टी हमारे लिए काम करेगी। हमारे हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि टीएमसी ने लंबे समय तक अपने शासनकाल में प्रदेश की जनता पर अत्याचार किया। इसके बाद जब यहां की जनता टीएमसी की कार्यशैली से तंग आ गई, तो इसे विदा करने का मन बना लिया है। इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि प्रदेश की जनता कोई भी फैसला बहुत ही सोच समझकर लेती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। बीजेपी की सरकार बनने के बाद यहां पर स्थिति को ठीक करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके बाद यहां पर लोग बेहतर शासन व्यवस्था में जी पाएंगे।
उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि जिस तरह की स्थिति मौजूदा समय में हमें पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रह है, उसे देखते हुए मुझे यह पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी और इसके बाद यहां की स्थिति में सुधार आएगा।
इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पश्चिम बंगाल में शुरुआती रुझानों में भाजपा की बढ़त पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पश्चिम सहित पूरे देश में खुशी का माहौल है। लोग भाजपा के बढ़त को लेकर खुशी है। पश्चिम बंगाल में लोगों ने ममता बनर्जी को यह बता दिया कि यहां पर किसी भी सूरत में तुष्टिकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रवाद की राजनीति को स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा, इस बार लोगों ने महिला सशक्तीकरण को भी प्राथमिकता दी है। यह वोट चोट है, थोड़ी देर से लगती है, लेकिन होती बहुत गहरी है।
वहीं, भाजपा नेता अरुण सिंह ने भी पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिल रहे शुरुआती रुझानों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज का दिन भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए बहुत शुभ दिन है। अब पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार जा रही है। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी, तो विकास का कार्य तेज गति से होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को छह बजे भाजपा के कार्यालय पहुंच रहे हैं। इस पर भी भाजपा नेता अरुण सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें हमारे प्रधानमंत्री पर गर्व है। वो विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, जो गरीबों और महिलाओं के हितों के बारे में सोचते हैं।
PM मोदी की खास अपील, क्या 'पहले मतदान फिर जलपान' का मंत्र बदल देगा चुनावी गणित?
तमिलनाडु के मतदाताओं के लिए अपने संदेश में उन्होंने इस मतदान को एक 'पवित्र कर्तव्य' करार दिया। प्रधानमंत्री का यह आह्वान चुनावी भागीदारी बढ़ाने और खासकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में जोश भरने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।
लोकतंत्र का महापर्व: पीएम मोदी ने युवाओं और महिलाओं से की खास अपील
मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से युवा मतदाताओं और महिलाओं को संबोधित करते हुए मतदान को 'लोकतंत्र का उत्सव' बताया। पीएम मोदी ने आग्रह किया कि लोग भारी संख्या में बाहर निकलें और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
'असम में फिर से एनडीए को मिलेगा बहुमत', मतदान खत्म होने के बाद बोले सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खासकर हिंदू और स्वदेशी समुदायों में दिखा उत्साह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मतदान संपन्न होने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि स्थानीय और स्वदेशी मतदाताओं में भागीदारी में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी सक्रिय भागीदारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करती है और शासन में जनता के भरोसे को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता हुआ मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि लोग अब अधिक जागरूक हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं का उत्साह राज्य में जीवंत लोकतांत्रिक संस्कृति को दर्शाता है।
सरमा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन 90 से अधिक सीटें जीत सकता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से मिले जनसमर्थन से साफ संकेत मिलता है कि जनता का जनादेश सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ज्यादा मतदान से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी और इससे अधिक प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनेगी।
उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजे राज्य की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाएंगे, क्योंकि इस बार असम में हाल के वर्षों के सबसे ज्यादा भागीदारी वाले चुनावों में से एक देखा गया।
चुनाव आयोग के अनुसार, असम में इस बार 85.38 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।
अधिकारियों ने मतदान को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया, जहां केवल कुछ स्थानों से मामूली घटनाएं सामने आईं।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, महिला मतदाताओं (85.96 प्रतिशत) की भागीदारी पुरुषों (84.80 प्रतिशत) से थोड़ी अधिक रही, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं का प्रतिशत 36.84 रहा।
लोकतंत्र का महापर्व: PM मोदी और CM सरमा ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील, कहा- "हर वोट मायने रखता है"
नई दिल्ली: केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों राज्यों के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और रिकॉर्ड तोड़ मतदान करने का विशेष आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के माध्यम से अलग-अलग संदेशों में युवाओं और महिलाओं से लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए आगे आने को कहा।
'पावर प्लांट और ब्रिज डे': राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम, युद्ध की आहट तेज
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़ी भाषा में धमकी दी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंगलवार को ईरान में “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” एक साथ हो सकता है. उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने ईरान में जो कुछ बचा है, उसे नष्ट करना अभी शुरू भी नहीं किया है. अब ब्रिज के बाद पावर प्लांट पर हमला होगा.
ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खोलना होगा, वरना परिणाम बहुत भयानक होंगे. उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान को “जहन्नुम” भेज दिया जाएगा.
ट्यूसडे पावर प्लांट और ब्रिज डे
ट्रंप के पोस्ट में लिखा, “मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा. जैसा पहले कभी नहीं देखा गया, वैसा कुछ होने वाला है.” उन्होंने ईरान की नई व्यवस्था को भी चेतावनी दी कि जो करना है, वह तेजी से करना होगा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता है. यहां से बहुत बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है. ईरान के इस रास्ते को बंद रखने से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
ईरान पर लगातार दबाव
ट्रंप ने पहले भी 48 घंटे की समय सीमा दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो अमेरिका कहर बरपाएगा. अब उन्होंने समय खत्म होने की बात कही है. ट्रंप ने एक दुर्लभ बचाव अभियान का भी जिक्र किया, जिसमें अमेरिकी बलों ने ईरान के अंदर जाकर घायल एफ-15 पायलट को बचाया. ट्रंप का कहना है कि यह मिशन बहुत खतरनाक था. अमेरिकी सैनिक घंटों तक ईरानी क्षेत्र में रहे और दुश्मन की नजर से बचते रहे.
ईरान का सख्त रुख
ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों को पूरी तरह ठुकरा दिया है. ईरानी कमांडरों ने अमेरिका की चेतावनी को “घबराया हुआ और मूर्खतापूर्ण” बताया है. ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल उसके बुनियादी ढांचे पर हमला करता है तो जवाब में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर भारी हमले होंगे.
ईरान ने हाल ही में खाड़ी देशों में ऊर्जा सुविधाओं पर हमले भी किए है. दोनों तरफ से बढ़ती धमकियों से युद्ध की आशंका और मजबूत हो गई है.दुनिया पर असरस्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने या बंद रहने से पूरी दुनिया के तेल बाजार पर असर पड़ रहा है. ट्रंप का अल्टीमेटम न सिर्फ ईरान को, बल्कि पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है.
डिजिटल युद्ध की आहट: ईरान की रडार पर 18 अमेरिकी टेक कंपनियां, बहरीन में अमेजन डेटा सेंटर के पास हमला
दुबई/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है, जहां युद्ध का दायरा पारंपरिक मोर्चों से निकलकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर तक फैल गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी टेक दिग्गजों को निशाना बनाने की सीधी चेतावनी के बाद अब जमीन पर इसके असर दिखने शुरू हो गए हैं। ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बहरीन स्थित अमेजन (Amazon) के डेटा सेंटर के बेहद करीब ड्रोन हमले किए गए हैं, जिससे वहां के तकनीकी परिचालन पर गंभीर असर पड़ा है।
हालांकि, प्रारंभिक सूचना के अनुसार डेटा सेंटर की मुख्य इमारत को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन आसपास हुए शक्तिशाली धमाकों की वजह से इसकी कार्यप्रणाली बाधित हुई है। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब जंग सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस युद्ध की आग की चपेट में आ रहा है।
निशाने पर मेटा, गूगल और एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियां
1 अप्रैल 2026 को सामने आई आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए खुलकर घोषणा की है कि वह अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। खुफिया रिपोर्ट्स का दावा है कि ईरान ने कुल 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को संभावित लक्ष्यों (Potential Targets) के रूप में चिन्हित किया है।
इस सूची में मेटा (Meta), गूगल (Google), एप्पल (Apple) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दुनिया की सबसे प्रभावशाली कंपनियां शामिल हैं। ईरान का तर्क है कि ये कंपनियां मध्य पूर्व में डेटा, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से प्रतिकूल गतिविधियों में सहायक हो रही हैं। इस घोषणा के बाद से पूरे क्षेत्र में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं चरम पर हैं।
साइबर और फिजिकल हमलों का दोहरा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अब टेक कंपनियों को केवल साइबर हमलों का ही नहीं, बल्कि बहरीन जैसी घटनाओं के बाद फिजिकल हमलों का भी सामना करना पड़ सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां मध्य पूर्व के डिजिटल स्पेस को नियंत्रित कर रही हैं, वे उसके रडार पर रहेंगी। इससे न केवल सूचनाओं के प्रवाह पर असर पड़ सकता है, बल्कि वैश्विक क्लाउड स्टोरेज और इंटरनेट सेवाओं में भी बड़े व्यवधान आने की आशंका है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इन कंपनियों के डेटा सेंटर्स या केबल नेटवर्क को निशाना बनाया जाता है, तो इसका असर केवल युद्धरत देशों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और संचार व्यवस्था पर पड़ेगा।
ट्रंप की सख्त चेतावनी: 'सैन्य और आर्थिक स्तर पर देंगे जवाब'
अमेरिकी टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने की खबरों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अमेरिकी कंपनी या उसके डिजिटल ढांचे पर आंच आती है, तो अमेरिका इसका जवाब 'पूरी ताकत' से देगा। उन्होंने इसे सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता पर हमला करार दिया है।
व्हाइट हाउस से जारी संदेश में कहा गया है कि अमेरिका ऐसी किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई के खिलाफ सैन्य और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप के इस कड़े रुख से साफ हो गया है कि यदि टेक कंपनियों पर हमले जारी रहे, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष एक विनाशकारी और व्यापक वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।