घोड़ासहन के संजीव ने यूपीएससी में हासिल किया 583वां रैंक, पिता चलाते हैं परचून की दुकान
पूर्वी चंपारण जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे घोड़ासहन प्रखंड के एक छोटे से गांव पीठवा से निकलकर संजीव कुमार ने वह कर दिखाया जो हजारों युवा सपने में देखते हैं। संजीव ने UPSC 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में 583वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

सोहराब आलम, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : पूर्वी चंपारण जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे घोड़ासहन प्रखंड के एक छोटे से गांव पीठवा से निकलकर संजीव कुमार ने वह कर दिखाया जो हजारों युवा सपने में देखते हैं। संजीव ने UPSC 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में 583वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
संजीव की सफलता की कहानी संघर्ष और प्रेरणा से भरी है |
संजीव कुमार, परचून की दुकान चलाने वाले सुनील कुशवाहा और गृहिणी सुनीता कुमारी के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मोतिहारी के इंडियन पब्लिक स्कूल से की। 2017 में उन्होंने ज्ञान ज्योति स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा 95% अंकों के साथ पास की।
2019 में उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय केशवपुरम, नई दिल्ली से 95.6% अंकों के साथ इंटरमीडिएट (मैथ, फिजिक्स, केमिस्ट्री) किया। इसके बाद 2022 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की, जिसमें उन्हें 72.6% अंक मिले।
संजीव ने 2022 में ग्रेजुएशन के तुरंत बाद UPSC की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में वे मेन्स तक पहुँचे लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर 10 घंटे की पढ़ाई करते हुए यूट्यूब और कोचिंग संसाधनों की मदद से दोबारा प्रयास किया। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 583वीं रैंक हासिल की।
संजीव का कहना है कि उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता, शिक्षकों और खुद की मेहनत को जाता है। उनके परिवार में वह अकेले भाई हैं और उनकी बहन दिल्ली में ही स्नातक कर रही हैं।
यह उपलब्धि न सिर्फ संजीव की व्यक्तिगत जीत है बल्कि यह उन सभी ग्रामीण छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखते हैं।