नालंदा में जुटे देशभर के नीति-विशेषज्ञ; 'इंडिया थिंक टैंक फोरम' में ब्रिक्स और भारत की वैश्विक भूमिका पर महामंथन
राजगीर के ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय में इंडिया थिंक टैंक फोरम (ITTF) के 8वें संस्करण का आगाज हुआ। ORF के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय फोरम में ब्रिक्स के 20 साल और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की आंतरिक सुदृढ़ता पर चर्चा की गई। जानें कैसे प्राचीन ज्ञान परंपरा से मिल रहा है आधुनिक चुनौतियों का समाधान।
राजगीर : बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में सोमवार को ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के सहयोग से इंडिया थिंक टैंक फोरम (आईटीटीएफ) के आठवें संस्करण की शुरुआत हुई। दो दिवसीय इस फोरम में देशभर के प्रमुख नीति-विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और संस्थागत प्रतिनिधि 'बदलती दुनिया में भारतः आंतरिक सुदृढ़ता का निर्माण' विषय पर मंथन कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में स्वागत वक्तव्य के दौरान वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए एकात्म दृष्टि और साझा उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर बल दिया गया, जो नालंदा की संवाद और विमर्श की प्राचीन परंपरा से प्रेरित है। पहले दिन '20 वर्षः ब्रिक्स' विषय पर आयोजित विशेष संवाद सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी तथा डॉ. समीर सरन, अध्यक्ष, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के बीच विचार-विमर्श हुआ, जिसका संचालन डॉ. हर्ष वी. पंत, उपाध्यक्ष, ओआरएफ ने किया।