सर्दियां आते ही Lungs में बढ़ी Mucus की प्रॉब्लम्स जानें कारण और ट्रीटमेंट
Lungs में म्यूकस के भी कई टाइप्स होते हैं अगर म्यूकस में किसी तरह का इंफेक्शन है और उसे आप शुरू में ही कंट्रोल नहीं करें तो यह आगे जाकर बहुत बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है।
Vandana Rajput Verified Public Figure • 27 Mar, 2026Journalist
Dec 24, 2025 • 10:28 PM
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Vandana Rajput
5 months ago
सर्दियां आते ही Lungs में बढ़ी Mucus की प्रॉब्लम्स जानें कारण और ट्रीटमेंट
Lungs में म्यूकस के भी कई टाइप्स होते हैं अगर म्यूकस में किसी तरह का इंफेक्शन है और उसे आप शुरू में ही कंट्रोल नहीं करें तो यह आगे जाकर बहुत बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है।
Full Story: https://www.newstvindia.in/With-the-arrival-of-winter,-problems-with-increased-mucus-in-the-lungs-have-become-more-common
सर्दियां आते ही Lungs में बढ़ी Mucus की प्रॉब्लम्स जानें कारण और ट्रीटमेंट
फेफड़ों में म्यूकस जमा होना एक आम प्रॉब्लम है जो सांस लेने में दिक्कत कर सकती है। सर्दी आने के बाद तो यह और भी ज्यादा हो जाता है जिसकी वजह से कोई लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है इसकी कई कारण हो सकते हैं और इसका ध्यान आपको शुरू से ही रखना चाहिए इसकी पूरी जानकारी आपको डिटेल्स में इस आर्टिकल में दी जाएगी।
फेफड़ों में म्यूकस एक गाढ़ा चिपचिपा पदार्थ होता है जो श्वसन तंत्र को नेचुरली प्रोटेक्ट करता है यह बैक्टीरिया, वायरस और धूल को फंसाकर बाहर निकालने में हेल्प करता है लेकिन जब यह ज्यादा जमा हो जाता है तो सांस की नली रुक जाती है।
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फेफड़ों में म्यूकस की कई सारे कारण हो सकते हैं जिनमें खास कारणों की अगर बात करें तो इस में सर्दी जुकाम , ब्रोंकाइटिस निमोनिया और अस्थमा शामिल हैं।
• कई बार धूम्रपान, प्रदूषण या एलर्जी से भी यह बढ़ जाता है सर्दियों में इसका सर बहुत ही ज्यादा देखा जाता है। क्रॉनिक बीमारियां जैसे COPD या टीबी भी लंबे समय तक बलगम जमा करने का कारण बनती हैं।
अगर आपके भी फेफड़ों में म्यूकस जमा हो गया है तो इसके आपको काफी सारे लक्षण देखने को मिल जाएंगे। बलगम जमा होने पर लगातार खांसी होती है जो कफ बाहर निकालती है इस के साथ ही सांस फूलना और छाती में भारीपन महसूस होता है।
• गले में खराश, घरघराहट और थकान भी इस के लक्षण हैं। अगर बलगम में खून आए या बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से कांटेक्ट करें।
जानें गंभीर लक्षण
इसके ऐसे कुछ गंभीर लक्षण है जिन्हें आपको कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर खांसी तीन हफ्तों से ज्यादा चले, सांस लेने में तेज परेशानी हो या होंठ नीले पड़ने लगें तो यह गंभीर प्रॉब्लम का इशारा है। बच्चों या बुजुर्गों में यह जल्दी निमोनिया का रूप ले सकता है।
ऐसी कोई होम रेमेडीज है जिन अगर आप फॉलो करते हैं तो आप इस पर शुरू से ही काबू पा सकते हैं। गुनगुने पानी से गरारे करें या भाप लें इससे बलगम ढीला हो जाता है। आप शहद-अदरक का काढ़ा पिएं और नीलगिरी तेल से सिकाई करें। इस में ज्यादा पानी पीना और ह्यूमिडिफायर का यूज भी अच्छा है।
चिकित्सकीय ट्रीटमेंट
डॉक्टर एंटीबायोटिक्स बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए देते हैं जबकि ब्रोंकोडाइलेटर्स सांस की नलियों को खोलते हैं। म्यूकोलाइटिक दवाएं बलगम को पतला करती हैं। कई बार गंभीर केस में ऑक्सीजन थेरेपी या फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है।
अपनाएं अच्छी लाइफस्टाइल
आपको अपनी लाइफस्टाइल भी सही रखनी चाहिए इसका हमारी हेल्थ पर बहुत बड़ा असर पड़ता है इसके लिए आप अपनी लाइफ में ताजे फल-सब्जियां खाएं और दूध या डेयरी कम करें क्योंकि ये बलगम बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही रोजाना पैदल चलें और तनाव कम रखें।
My name is Vandana Raghav. I live in Jodhpur. I have done B.Sc. , B.ed and M.Sc. I like to give information related to tech , education , finance , Gaming and many fields . I have more than 5 years experience in this field.