बच्चों के साथ युवाओं में भी बढ़ रहा टीथ इन्फेक्शन जानें सिंप्टम्स और ट्रीटमेंट
टीथ इन्फेक्शन की शुरुआती में कई लक्षण दिखते हैं लेकिन अगर आप इस पर ध्यान नहीं देते हैं तो यह बहुत ही ज्यादा गंभीर रूप धारण कर लेता है जिसके बाद कई बार मेडिकल ट्रीटमेंट कराना पड़ता है।
बच्चों के साथ युवाओं में भी बढ़ रहा टीथ इन्फेक्शन जानें सिंप्टम्स और ट्रीटमेंट
दांतों का संक्रमण इन दोनों बहुत ज्यादा देखा जा रहा है बच्चों के साथ-साथ युवा भी आजकल परेशान है क्योंकि बिजी लाइफस्टाइल के चलते वॉइस पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो यह पूरे बॉडी को इफेक्ट कर सकता है इस आर्टिकल में हम इसके बढ़ते कारण इसके लक्षण और इसके ट्रीटमेंट के बारे में डिटेल्स में बात करेंगे।
क्या है दांतों का संक्रमण
दांतों का संक्रमण तब शुरू होता है जब बैक्टीरिया दांत की सतह पर जमा प्लाक से अंदर घुस जाते हैं खासकर कैविटी या मसूड़ों की कमजोरी से ऐसा अक्सर देखा जाता है यह दांत की जड़ तक पहुंचकर फोड़ा बना सकता है जो दर्द और सूजन पैदा करता है। अगर नजरअंदाज किया जाए तो यह जबड़े या गर्दन तक फैल जाता है।
जानें इसके मुख्य कारण
अगर इसके मुख्य कारण की बात करें तो इसमें काफी सारे रीजंस शामिल हो सकते हैं जिस में खराब ओरल हाइजीन जैसे ब्रश न करना या फ्लॉसिंग की कमी प्रमुख कारण है जिससे प्लाक जमता है। इस में ज्यादा चीनी युक्त भोजन, धूम्रपान और मसूड़ों की कमजोरी भी इसे बढ़ावा देते हैं। इस में पुरानी कैविटी या दांतों में चोट लगना भी बैक्टीरिया को आसान प्रवेश देता है।
जानें बढ़ने के कारण
इस का संक्रमण तब बढ़ता है जब शुरुआती लक्षणों को अनदेखा किया जाता है जैसे हल्का दर्द या सूजन कुछ अभी इग्नोर किया जाता है तो यह और भी ज्यादा बढ़ जाता है इन्फेक्शन का खतरा भी पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
• इस में कमजोर इम्यूनिटी, डायबिटीज या तनाव से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इस लिए देरी से डॉक्टर के पास जाना या एंटीबायोटिक्स का गलत यूज भी इसे फैला सकता है।
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जानें घरेलू उपाय
अगर आप इसके उपाय के बारे में सोच रहे हैं तो इसके कुछ ऐसे घरेलू उपाय हैं जिन्हें अपना कर भी आप इसे काफी कम कर सकते हैं। यह परमानेंट उपाय नहीं है लेकिन इससे आपका दर्द काफी कम हो सकता है।
• इस के लिए नमक के पानी से कुल्ला सूजन कम करता है और लहसुन या हल्दी का लेप बैक्टीरिया से लड़ता है। लौंग का तेल दर्द शांत करता है लेकिन ये अस्थाई हैं। इस लिए ज्यादा दर्द में दवा लें लेकिन डॉक्टर की सलाह बिना न लें।
चिकित्सकीय उपचार
अगर आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो डेंटिस्ट पहले आपके दांतों का एक-रे करता है स-र करने के बाद वह उसकी जांच करता है कि उसमें क्या कुछ रिपोर्ट सामने आई है इसके बाद वह आपको एंटीबायोटिक देते हैं जो संक्रमण को बढ़ने से रोकते है।
• इस में गंभीर मामलों में रूट कैनाल या फोड़े का चीरा लगाकर पस निकालते हैं। दांत निकालना अंतिम ऑप्शन रह जाता है।
डेली ध्यान रखें
आपको अपने दांतों को डेली ध्यान रखना चाहिए इसके लिए आपको डेली दो बार कम से कम ब्रश करना चाहिए इसके साथ ही आपको ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए। आपको कुछ समय के अंतरागैप के बाद डेंटल चेकअप करवाना चाहिए क्योंकि डेंटल चैकअप से कैविटी पकड़ में आ जाती है।
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