राजगढ़ में 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा, अधूरे भवन और बिजली-पानी की कमी पर SDM सख्त
Rajgarh Anganwadi News: सिरमौर के राजगढ़ में 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा बैठक में अधूरे भवन, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पर SDM राज कुमार ठाकुर ने नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
राजगढ़ में 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा, अधूरे भवन और बिजली-पानी की कमी पर SDM सख्त
Rajgarh Anganwadi News: सिरमौर के राजगढ़ में 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा बैठक में अधूरे भवन, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पर SDM राज कुमार ठाकुर ने नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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16 July 2026
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राजगढ़ में 190 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा, अधूरे भवन और बिजली-पानी की कमी पर SDM सख्त
राजगढ़ (सिरमौर): महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा को लेकर राजगढ़ में आयोजित खंड स्तरीय अनुश्रवण एवं निगरानी समिति की बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति प्रमुख मुद्दा रही। समीक्षा के दौरान कई केंद्रों के भवन निर्माण कार्य अधूरे पाए गए, जबकि कुछ केंद्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव सामने आया। इस पर एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने संबंधित विभागों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में पोषण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
Rajgarh Anganwadi News: 190 आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रही हैं विभिन्न सेवाएं
एसडीएम कार्यालय राजगढ़ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता एसडीएम एवं समिति के अध्यक्ष राज कुमार ठाकुर ने की। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेंद्र चौहान ने बताया कि राजगढ़ विकास खंड में वर्तमान समय में 190 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत छह माह से छह वर्ष तक के 1,542 बच्चों को नियमित पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 266 गर्भवती महिलाओं और 245 धात्री माताओं को भी विभाग की ओर से पोषण सहायता दी जा रही है, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सके।
पूर्व-शाला शिक्षा और पोषण ट्रैकर पर भी हुई समीक्षा
बैठक में बताया गया कि पूर्व-शाला शिक्षा कार्यक्रम के तहत 922 बच्चों को लाभ मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक माह शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों का वजन और लंबाई मापी जाती है तथा पूरा रिकॉर्ड पोषण ट्रैकर ऐप पर दर्ज किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार इससे बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी संभव हो रही है।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की प्रगति की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान विभाग की कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इनमें बेटी है अनमोल योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, महिला स्वयं रोजगार योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, पोषण अभियान और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शामिल रहीं।
पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जनजागरूकता अभियान भी प्रभावी ढंग से चलाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
अधूरे भवन और मूलभूत सुविधाओं पर SDM ने जताई नाराजगी
बैठक के दौरान कई आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे होने और कुछ केंद्रों में बिजली व पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
बच्चों और महिलाओं से जुड़े संस्थानों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इस पर एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं की कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल शक्ति, विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया गया।