पंजाब 'आशीर्वाद योजना' अब हुई हाईटेक: शादियों के लिए ₹51,000 की मदद पाना हुआ आसान, डॉ. बलजीत कौर ने लॉन्च किया नया ऑनलाइन पोर्टल
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने हाशिए पर खड़े समुदायों के लिए अपनी प्रमुख 'आशीर्वाद योजना' को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन में आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया।
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार गरीब, पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों के कल्याण के लिए लगातार जनहितैषी फैसले ले रही है। इसी कड़ी में आशीर्वाद योजना को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जन–मैत्री बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। यह जानकारी पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
पंजाब भवन में आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ
डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन में आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल को सेवा केंद्रों के साथ एकीकृत करते हुए आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि अब आशीर्वाद योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदन केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
ईमानदारी और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता
सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि मान सरकार की यह स्पष्ट नीति है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पात्र लोगों तक पहुंचे। सेवा केंद्रों के जरिए आवेदन लेने से भ्रष्टाचार, दलाली और दुरुपयोग पर रोक लगेगी और आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। यह पहल बेटियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की सहायता
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना पंजाब सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना है। इसके तहत अनुसूचित जातियों, ईसाई समुदाय, पिछड़ी श्रेणियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा सभी जातियों की विधवाओं की बेटियों के विवाह पर ₹51,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा अनुसूचित जाति की विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के विवाह पर भी यह सहायता प्रदान की जाती है।
पहले आती थीं कई दिक्कतें
मंत्री ने कहा कि पहले लाभार्थियों को आवेदन और दस्तावेज तहसील कार्यालयों में जमा करने पड़ते थे, जिससे देरी और तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं। बाद में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने पर भी निजी साइबर कैफे द्वारा अधिक फीस वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
अब आसान, सस्ता और पारदर्शी लाभ
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने आशीर्वाद पोर्टल को सेवा केंद्रों से जोड़ दिया है। अब लाभार्थी अपने नजदीकी सेवा केंद्र से कम खर्च में, आसानी से और पूरी पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की निदेशक विम्मी भुल्लर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।