कहीं आप भी तो नहीं डिस्बायोसिस के शिकार जानें सही करने के घरेलू उपाय
Dysbiosis इन दिनों बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है खासकर युवाओं में अपनी लाइफ स्टाइल को ध्यान में न रखने पर यह समस्या बहुत ज्यादा देखी जा रही है इसका टाइम पर ट्रीटमेंट बहुत जरूरी है।
कहीं आप भी तो नहीं डिस्बायोसिस के शिकार जानें सही करने के घरेलू उपाय
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट की छोटी-मोटी परेशानियां आम होती जा रही हैं लेकिन अगर ये लगातार बनी रहें तो ये Dysbiosis का खतरा हो सकता है। ये आंतों में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के डिसबैलेंस की वजह से होता है जो पूरे शरीर को इफेक्टेड करता है।
क्या है डिस्बायोसिस
Dysbiosis यानी आंत के माइक्रोबायोम में गड़बड़ी जहां अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं और बुरे बढ़ जाते हैं। ये डाइजेस्टिव सिस्टम को कमजोर बनाते है इस से कई बीमारियां हो जाती है और अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं देते हैं तो यह प्रॉब्लम गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं।
जानें Dysbiosis के कारण
Dysbiosis के होने के कई सारे कारण हो सकते हैं जिसमें सबसे बड़ा तो लाइफस्टाइल पर सही से ध्यान ना देना है। कई बार गलत खान-पान जैसे ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, एंटीबायोटिक्स का ज्यादा यूज, तनाव और कम नींद इस की खास वजह हैं। कभी-कभी इन्फेक्शन या पॉल्यूशन भी इसे ट्रिगर करता है।
पहचाने शुरुआती सिम्टम्स
जब यह शुरू होता है तो शुरुआत में आपको कुछ सिम्टम्स दिखते हैं जिसे आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके सिम्टम्स पर अगर आप ध्यान देंगे तो आपको आसानी से समझ आ जाएगा कि आप इसके शिकार है इस में पेट फूलना, बार-बार गैस बनना, कब्ज या डायरिया हो जाता है और कई बार थकान भी फील होती है।
• कभी स्किन पर मुंहासे या मूड स्विंग्स भी दिखते हैं। अगर ये 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा रहें तो आपको ध्यान देना चाहिए।
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हेल्थ पर पड़ता है गहरा असर
इसका आपके हेल्थ पर बहुत ही गहरा असर पड़ता है अगर आप शुरू में ध्यान नहीं देते हैं तो यह आपके बाकी पार्ट्स को भी बहुत खराब करती है। इसके बाद ये सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता बल्कि इम्यून सिस्टम कमजोर कर देता है और वजन बढ़ाने या डिप्रेशन जैसी प्रॉब्लम्स भी करने लगता हैं।
• लंबे समय तक ऐसा रहने पर डायबिटीज या हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
आहार पर दे ध्यान
ऐसे मैं आपको जितना हो सके उतना फाइबर से युक्त फल और सब्जियां ही खानी चाहिए ताकि डाइजेशन में आसानी रहे। आप चाहे तो से केला पलक को अपने डाइट में जरूर शामिल कर सकते हैं इसके अलावा दही छाछ प्रोबायोटिक फूड्स भी आपको रोज लेने चाहिए क्योंकि आपको काफी फायदा पहुंचाते हैं।
• इसके अलावा अगर आप जंक फूड चीनी और मैदा बहुत ज्यादा खाते हैं या बहुत ज्यादा फास्ट फूड खाते हैं तो वह आपको बिल्कुल कम या बंद कर देना चाहिए।
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प्रोबायोटिक्स है यूजफुल
इसमें प्रोबायोटिक बहुत यूजफुल रहते हैं। दही या योगर्ट से नेचुरल प्रोबायोटिक्स मिलते हैं जो अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं। अगर जरूरत पड़े तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लें सकते है।
जानें घरेलू उपाय
अगर आप चाहे तो कुछ घरेलू उपाय को भी अपना सकते हैं जैसे अगर आप अजवाइन का पानी या जीरा पानी पीते हैं तो आपकी गैस कम होती है वही योगासन को अपने रूटीन में शामिल करने से आपकी आते स्ट्रॉन्ग होती है यह काफी आसान उपाय है।
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