Ram Mandir Donation Case: चंपत राय पर उठे सवालों के बीच VHP प्रमुख आलोक कुमार का बयान, बोले- जांच पूरी होने का इंतजार करें
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी का मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। जानिए उन्होंने क्या कहा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 3, 2026 • 7:25 AM | New Delhi
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Ram Mandir Donation Case: चंपत राय पर उठे सवालों के बीच VHP प्रमुख आलोक कुमार का बयान, बोले- जांच पूरी होने का इंतजार करें
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी का मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। जानिए उन्होंने क्या कहा।
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Ram Mandir Donation Case: चंपत राय पर उठे सवालों के बीच VHP प्रमुख आलोक कुमार का बयान, बोले- जांच पूरी होने का इंतजार करें
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेर रहे हैं, जबकि मामले की जांच जारी है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना या उसका मीडिया ट्रायल करना उचित नहीं है।
'चंपत राय का नाम VHP की ओर से नहीं भेजा गया था'
एक मीडिया बातचीत में आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में महासचिव पद के लिए VHP ने नामित नहीं किया था।
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Delhi: Vishwa Hindu Parishad (VHP) President Alok Kumar says, "Should there be a media trial of any individual? Should turbans be tossed around just because elections are approaching? The boundaries of propriety are being broken. Even prominent leaders are claiming that theft of… pic.twitter.com/nnT7C9D3uN
— IANS (@ians_india) July 1, 2026
उन्होंने कहा कि चंपत राय ट्रस्ट में अपनी अलग भूमिका निभा रहे हैं और इस मामले में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उनके अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
'VHP, RSS और पीएमओ को बेवजह घसीटा जा रहा'
आलोक कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मामले के जरिए विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को विवाद में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि ऐसा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।
विपक्ष पर साधा निशाना
आलोक कुमार ने विपक्षी नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना जांच पूरी हुए बड़े वित्तीय घोटाले के दावे करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता के पास गंभीर आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
मामले की जांच जारी
राम मंदिर से जुड़े इस कथित वित्तीय अनियमितता मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच के दौरान कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है और एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।
अब तक जांच एजेंसियों की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है जिसमें राम मंदिर ट्रस्ट के किसी पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई हो। ऐसे में जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां विपक्ष सरकार से पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और उससे जुड़े आधिकारिक निष्कर्ष इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकते हैं।