राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बताया 'बब्बर शेर'
दिल्ली के भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर बवाल मच गया। जानें राहुल गांधी ने गिरफ्तारी पर क्या कहा।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम स्थल के बाहर भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिसे लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
क्या है पूरा मामला?
20 फरवरी को भारत मंडपम में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एआई समिट चल रहा था, उसी दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता 'शॉर्टलेस' (बिना शर्ट के) होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से सुनियोजित था और इसके पीछे एक गहरी साजिश थी
युवा कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी
पुलिस ने करीब 20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चीब को भी गिरफ्तार कर लिया है पुलिस के अनुसार:
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उदय भानु इस पूरे प्रदर्शन के मास्टरमाइंड थे।
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उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रसद (लॉजिस्टिक) और अन्य सुविधाएं मुहैया कराईं।
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उन पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और धक्का-मुक्की करने का भी आरोप है
राहुल गांधी का 'बब्बर शेरों' वाला बयान
इस गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें अपने 'बब्बर शेरों' पर गर्व है राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार और ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने इन गिरफ्तारियों को सरकार की 'तानाशाही और कायरता' करार दिया राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह समझौता किसानों और छोटे उद्योगों के लिए नुकसानदायक है
सत्ता पक्ष का पलटवार
दूसरी तरफ, बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की है। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की छवि को खराब करता हैउन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता होने का मतलब यह नहीं है कि आप देश के विरोध में खड़े हो जाएं। सत्ता पक्ष का मानना है कि विदेशी मेहमानों के सामने ऐसा प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन था या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक थी एक तरफ विपक्ष इसे लोकतंत्र की आवाज बता रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार इसे देश के सम्मान से जोड़कर देख रही है। इस घटना ने एक बार फिर लोकतंत्र, विरोध के अधिकार और कानून के बीच की बहस को तेज कर दिया है।