पंजाब के सरकारी स्कूलों में 'मेडिटेशन क्रांति': मोहाली में सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट, अब पूरे प्रदेश में होगा लागू
पंजाब की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और संवेदनशील बनाने की दिशा में मान सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मोहाली के सरकारी अपर-प्राइमरी स्कूलों में शुरू किए गए ‘रोजाना मेडिटेशन प्रोग्राम’ की सफलता को देखते हुए अब इसे पूरे राज्य के स्कूलों में विस्तार देने की तैयारी है।
मोहाली : पंजाब के सरकारी स्कूलों में छात्रों के मानसिक और भावनात्मक विकास को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। मोहाली जिले के सरकारी अपर-प्राइमरी स्कूलों में अब ‘रोजाना मेडिटेशन प्रोग्राम’ लागू किया गया है। इस बारे में जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दी।
स्कूल प्रमुखों के साथ वर्कशॉप में हुई चर्चा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बुधवार को मोहाली में स्कूल प्रमुखों और प्रिंसिपलों के साथ एक वर्कशॉप के दौरान इस कार्यक्रम पर विचार-विमर्श किया।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने मेडिटेशन प्रोग्राम के क्रियान्वयन और शुरुआती प्रभावों की जानकारी साझा की।
पूरे पंजाब में लागू होगी योजना
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।
स्कूल प्रमुखों से मिले फीडबैक के मुताबिक, छात्र अब पहले से ज्यादा शांत, एकाग्र और भावनात्मक रूप से मजबूत हो रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि सरकार की योजना है कि इस तरह के कार्यक्रमों को पूरे राज्य के स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
रोजाना मेडिटेशन से छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट 19 जनवरी 2026 को शुरू किया गया था।
मेडिटेशन प्रोग्राम की खास बातें
- सुबह की सभा के बाद 30 मिनट का मेडिटेशन सत्र
- सभी स्कूलों में 21½ मिनट का एकरूप ध्यान मॉड्यूल
- निरंतरता और अनुशासन पर विशेष जोर
यह कार्यक्रम न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (NILP) जैसे शैक्षिक सुधारों के तहत लागू किया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य में निवेश: हरजोत बैंस
शिक्षकों से संवाद करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा,
“सच्ची शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होती। यह छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत, भावनात्मक रूप से संतुलित और एकाग्र बनाने की प्रक्रिया है। यह पहल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में एक ठोस निवेश है।”
उन्होंने कहा कि शुरुआती फीडबैक से मानसिक स्थिरता और एकाग्रता में सुधार साफ दिख रहा है।
मनीष सिसोदिया ने किया पूर्ण समर्थन का आह्वान
मनीष सिसोदिया ने कहा कि नियमित ध्यान से मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
उन्होंने स्कूल नेताओं से अपील की कि इस कार्यक्रम को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए, ताकि हर छात्र को इसका लाभ मिल सके और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
इस मौके पर डीईओ (सेकेंडरी) मोहाली डॉ. गिन्नी दुग्गल ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और मेडिटेशन प्रोग्राम के लाभों पर प्रकाश डाला।