Vat Purnima 2026: वट पूर्णिमा की शाम करें ये 6 आसान उपाय, दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की है मान्यता
वट पूर्णिमा की शाम किए जाने वाले धार्मिक उपायों के बारे में जानें। घी का दीपक, दान, प्रसाद वितरण और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की आराधना से जुड़ी मान्यताओं को सरल भाषा में समझें।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 29, 2026 • 7:14 AM
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Vat Purnima 2026: वट पूर्णिमा की शाम करें ये 6 आसान उपाय, दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की है मान्यता
वट पूर्णिमा की शाम किए जाने वाले धार्मिक उपायों के बारे में जानें। घी का दीपक, दान, प्रसाद वितरण और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की आराधना से जुड़ी मान्यताओं को सरल भाषा में समझें।
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29 June 2026
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वट पूर्णिमा की शाम किए जाने वाले धार्मिक उपायों को सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन के लिए शुभ माना जाता है।
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला वट पूर्णिमा व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं तथा वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। दिन में पूजा और परिक्रमा के बाद शाम के समय भी कुछ ऐसे धार्मिक उपाय बताए जाते हैं जिन्हें शुभ माना जाता है। हालांकि इन उपायों का आधार धार्मिक आस्था और परंपराएं हैं।
1. पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाएं
वट पूर्णिमा की शाम घर के मंदिर में शुद्ध देसी घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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यदि संभव हो तो शाम के समय पति-पत्नी कुछ समय साथ बैठकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करें। मान्यता है कि संयुक्त रूप से की गई प्रार्थना रिश्तों में विश्वास और आपसी समझ को मजबूत करने का प्रतीक मानी जाती है।
3. वट वृक्ष का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें
यदि किसी कारणवश शाम को दोबारा वट वृक्ष के पास जाना संभव न हो तो घर पर ही बैठकर वट वृक्ष का स्मरण और मन ही मन प्रणाम किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया स्मरण भी शुभ माना जाता है।
पूजा में उपयोग किए गए सिंदूर, चूड़ियां, चुनरी और अन्य सुहाग सामग्री को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखें। धार्मिक मान्यताओं में इसे अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना गया है।
5. जरूरतमंदों को दान दें
वट पूर्णिमा की शाम अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, फल, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में दान का विशेष महत्व बताया गया है।
6. प्रसाद का वितरण करें
पूजा और व्रत पूर्ण होने के बाद परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद दें। यदि संभव हो तो पड़ोसियों या जरूरतमंद लोगों में भी प्रसाद बांटें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे घर में सकारात्मक वातावरण और सौहार्द बना रहता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
शाम के समय घर में विवाद या कटु वचन बोलने से बचें।
क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहने का प्रयास करें।
परिवार के सभी सदस्यों के साथ प्रेम और सम्मान का व्यवहार करें।
पूरे दिन श्रद्धा और शांत मन से किए गए धार्मिक कार्यों को अधिक शुभ माना जाता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. News TV India इसकी पुष्टि नहीं करता है.