WWDC 2025 में Apple का बड़ा बदलाव: iOS 19 की जगह iOS 26, जानिए नाम बदलने की वजह
Apple ने अपने आगामी ऑपरेटिंग सिस्टम को पारंपरिक नंबरिंग के विपरीत iOS 26 के नाम से लॉन्च करने की योजना बनाई है। कंपनी ने यह कदम उपयोगकर्ताओं के बीच भ्रम को कम करने और नामकरण को अधिक व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

Apple की वार्षिक डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस WWDC 2025 इस वर्ष भले ही सीमित पैमाने पर आयोजित की जा रही हो, लेकिन इसकी घोषणाओं का असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाएगा। कंपनी इस मंच से iPhone, iPad, Mac, Apple Watch और Vision Pro के लिए नए ऑपरेटिंग सिस्टम की घोषणा करेगी। सबसे बड़ी चर्चा iPhone के नए ऑपरेटिंग सिस्टम iOS 26 को लेकर है, जिसे Apple ने पारंपरिक क्रम iOS 19 के बजाय नई स्ट्रैटेजी के तहत नामित किया है।
iOS 26 — नाम में बदलाव के पीछे की सोच
पारंपरिक दृष्टिकोण के अनुसार iOS 18 के बाद iOS 19 आना था, लेकिन Apple ने इस बार एक नयी दिशा में कदम बढ़ाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने ऑपरेटिंग सिस्टम की नंबरिंग को वर्ष आधारित बनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपयोगकर्ता आसानी से यह समझ सकें कि कौन-सा वर्जन नवीनतम है।
iOS 26 को वर्ष 2026 के संदर्भ में नामित किया गया है, क्योंकि यह मुख्य रूप से अगले वर्ष उपयोग में आएगा। इस बदलाव से यूजर्स को ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्जन की समकालीनता का सीधा अनुमान होगा।
iPhone 17 के साथ होगा रोलआउट
Apple iOS 26 को आगामी iPhone 17 सीरीज के साथ रोल आउट करेगा। साथ ही यह OS पिछले कई मॉडलों—iPhone 13, 14, 15 और 16—के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यापक कवरेज का उद्देश्य अधिकतम उपयोगकर्ताओं तक नया अनुभव पहुंचाना है।
इंटरफेस और फीचर्स में व्यापक बदलाव
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, iOS 26 में बड़े पैमाने पर डिज़ाइन परिवर्तन देखे जाएंगे। इसे “सॉफ्टवेयर सोलेरियम” के आंतरिक कोडनेम से विकसित किया जा रहा है। इसमें Android से प्रेरित कुछ आधुनिक तत्व जोड़े जाएंगे जैसे ट्रांसलूसेंट डिज़ाइन, विस्तृत बैटरी परसेंटेज इंडिकेटर और अधिक विज़ुअली इंटरएक्टिव इंटरफेस।
एकीकृत अनुभव: सभी प्लेटफॉर्म्स पर नया OS
Apple इस सम्मेलन में केवल iOS 26 ही नहीं, बल्कि अपने अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के लिए भी अपडेटेड वर्जन लॉन्च करेगा, जिनमें शामिल हैं:
- iPadOS 26
- macOS 26
- tvOS 26
- visionOS 26
इन सभी को वर्ष आधारित नामकरण प्रणाली में लाकर Apple ने अपने सॉफ़्टवेयर इकोसिस्टम को समेकित करने की दिशा में अहम पहल की है।