Gavi Gangadhareshwara: बेंगलुरु का चमत्कारी मंदिर, जहाँ मकर संक्रांति पर सूर्य की किरणें स्वयं करती हैं शिवलिंग का राजतिलक
मकर संक्रांति पर बेंगलुरु के गवी गंगाधरेश्वर मंदिर में विज्ञान और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है। साल में सिर्फ एक बार सूर्य की किरणें नंदी के सींगों से होकर सीधे शिवलिंग को छूती हैं। जानें इस 3000 साल पुराने गुफा मंदिर की अनोखी परंपरा और दही प्रसाद का रहस्य।
नई दिल्ली : देश के हर हिस्से में भगवान शिव के कई चमत्कारी मंदिर मौजूद हैं, जहां भक्त अपने कष्टों से छुटकारा पाने के लिए आते हैं। बेंगलुरु में भगवान शिव का ऐसा अद्भुत मंदिर है, जहां मकर संक्रांति के मौके पर सूर्य निर्धारित समय पर शिवलिंग का तिलक करते हैं।
हम बात कर रहे हैं गवी गंगाधरेश्वर मंदिर की, जहां विज्ञान पर आस्था भारी पड़ती दिखती है। कर्नाटक के बेंगलुरु गाविपुरम में महादेव को समर्पित गवी गंगाधरेश्वर मंदिर है, जिसे तीन हजार साल पुराना बताया जाता है। "गवी" का अर्थ है "गुफा," और "गंगाधरेश्वर" का अर्थ है "महादेव।" यहां बाबा गुफानुमा मंदिर के अंदर विराजमान हैं, लेकिन मकर संक्रांति के दिन यहां कुछ ऐसा होता है, जो साल में सिर्फ एक बार होता है।