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मोतिहारी में ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, न्यायाधीश की गाड़ी का भी कटा चालान
मोतिहारी शहर में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस प्रशासन अब किसी को भी रियायत देने के मूड में नहीं है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई विशिष्ट व्यक्ति। पूर्वी चंपारण के आरक्षी अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Apr 11, 2025 • 7:25 AM
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मोतिहारी में ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, न्यायाधीश की गाड़ी का भी कटा चालान
मोतिहारी शहर में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस प्रशासन अब किसी को भी रियायत देने के मूड में नहीं है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई विशिष्ट व्यक्ति। पूर्वी चंपारण के आरक्षी अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है।
Full Story: https://www.newstvindia.in/strict-action-against-traffic-rule-violation-in-motihari-judge-s-vehicle-also-challaned
मोतिहारी में ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, न्यायाधीश की गाड़ी का भी कटा चालान
सोहराब आलम, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : मोतिहारी शहर में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस प्रशासन अब किसी को भी रियायत देने के मूड में नहीं है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई विशिष्ट व्यक्ति। पूर्वी चंपारण के आरक्षी अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है।
VIP गाड़ी हो या जज की, नो पार्किंग में खड़ी होने पर कटेगा चालान
इसका ताजा उदाहरण मोतिहारी के मुख्य पथ पर देखने को मिला, जहां एक न्यायाधीश की गाड़ी नो पार्किंग जोन में खड़ी थी। इस गाड़ी की तस्वीर एक स्थानीय व्यवसायी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रैफिक पुलिस को चुनौती दी कि क्या वह इस गाड़ी का चालान कर सकती है?
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“उत्तर प्रदेश के बहुत सारे माननीय लोग हमारे यहां जज के रूप में प्रतिनियुक्त हो गए हैं। देखिए किस प्रकार हमारे मोतिहारी के मेन रोड के बीच में गाड़ी लगाकर निश्चिंत होकर घूमते हैं। मौज मनाइए, आप बिहार में हैं। उत्तर प्रदेश में होता तो आपके घरों पर बुलडोजर चल जाता। क्या ट्रैफिक पुलिस को साहस है इनका चालान काटने का?”
इस पोस्ट पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरंत संज्ञान लिया और पूरे मामले की जानकारी जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी। जिला जज की अनुमति के बाद गाड़ी का चालान किया गया।
एसपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया,
“ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की गाड़ी थी जिसे ड्राइवर ने नो पार्किंग में खड़ा कर दिया था। चूंकि मामला न्यायपालिका से जुड़ा था, इसलिए पहले जिला जज से अनुमति ली गई और फिर नियमानुसार चालान किया गया। कानून सबके लिए बराबर है। ड्राइवर की गलती थी, उसने गाड़ी मालिक की जानकारी के बिना ऐसा किया था।”
मामले के बाद मोतिहारी पुलिस की पारदर्शिता और निष्पक्षता की काफी सराहना हो रही है। यह कदम न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करता है बल्कि आम जनता को यह भरोसा भी दिलाता है कि कानून का पालन हर किसी को करना होगा।
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