Stock Market Update: ईरान-अमेरिका तनाव कम होते ही शेयर बाजार में 'सुनामी' तेजी, सेंसेक्स 1500 अंक उछला, निफ्टी 22,800 के पार
वैश्विक राहत के चलते भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को जोरदार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 1,516 अंकों की छलांग लगाकर 74,000 के स्तर को पार कर गया, वहीं निफ्टी में भी 1.62 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार की सुबह मंगलकारी साबित हुई। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं कुछ कम होने और वैश्विक बाजारों में लौटी रौनक का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है।
बाजार की दमदार शुरुआत
कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने लंबी छलांग लगाई। सेंसेक्स 1,516.08 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की भारी तेजी के साथ 74,212.47 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 365.80 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,878.45 पर कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक
केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों ने जमकर दिलचस्पी दिखाई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 772 अंक उछलकर 53,490 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 219 अंकों की बढ़त के साथ 15,318 पर कारोबार कर रहा था।
सेक्टरवार प्रदर्शन और टॉप गेनर्स
बाजार में आज चौतरफा खरीदारी का माहौल है। निफ्टी पीएसयू बैंक, डिफेंस, ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के सूचकांक टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दिग्गज शेयरों में एशियन पेंट्स, इंडिगो, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। सेंसेक्स पैक में केवल पावर ग्रिड ही ऐसा शेयर था जो गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी स्तर
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार निफ्टी फिलहाल अपने छोटे अवधि के सपोर्ट जोन के आसपास है। बाजार के लिए 22,650-22,700 का स्तर एक कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। दूसरी ओर 22,300-22,400 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। यदि निफ्टी इस सपोर्ट के नीचे फिसलता है, तो आने वाले समय में गिरावट और बढ़ सकती है।
तेजी की असली वजह और अंतरराष्ट्रीय संकेत
बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमले को पांच दिनों के लिए टालने के फैसले को माना जा रहा है। इस फैसले ने निवेशकों का डर कम कर दिया है। इसके अलावा अमेरिकी बाजारों में रही तेजी और एशियाई बाजारों का हरे निशान में खुलना भारतीय बाजार के लिए बूस्टर साबित हुआ।