Stock Market Today: शांति वार्ता की खबरों से बाज़ार में 'बुल रन'; सेंसेक्स 900 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के पार
बुधवार 25 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन शानदार बढ़त के साथ खुले। अमेरिकी-ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं जिसका सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला है।
मुंबई: बुधवार की सुबह भारतीय निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। मिडिल-ईस्ट में पिछले चार हफ्तों से जारी तनाव के बीच शांति वार्ता की सुगबुगाहट ने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल दिया है। सुबह 9:27 बजे तक सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,068 के मुकाबले 886 अंकों की तेजी के साथ 74,954 के स्तर पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 300 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 23,216 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। बाजार खुलते ही लिवाली का ऐसा दौर चला कि बेंचमार्क इंडेक्स ने कुछ ही मिनटों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त बना ली।
सेक्टरवार प्रदर्शन और व्यापक बाजार की स्थिति
बाजार की इस तेजी को हर सेक्टर का साथ मिला है जहाँ निफ्टी रियल्टी सबसे अधिक 3.55% की उछाल के साथ टॉप गेनर रहा। इसके अलावा निफ्टी मेटल में 2.51%, मीडिया में 2.29%, ऑटो में 2.20% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 2% की मजबूती देखी गई। व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 2.04% और निफ्टी स्मॉलकैप 2.29% की बढ़त के साथ मुख्य सूचकांकों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रीराम फाइनेंस (4.36%), ट्रेंट (3.64%) और अदाणी इंटरप्राइजेज (3.17%) जैसे शेयर आज के टॉप परफॉर्मर्स में शामिल रहे।
कच्चे तेल में भारी गिरावट और भारतीय रुपया
सीजफायर की खबरों का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल पर पड़ा है जो भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है। ब्रेंट क्रूड करीब 7% गिरकर 97.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 6% से ज्यादा की गिरावट के साथ 86.72 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। मुद्रा बाजार की बात करें तो बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 93.95 पर खुला जबकि मंगलवार को यह 93.87 के स्तर पर बंद हुआ था। क्रूड की इस गिरावट से आने वाले समय में महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलने की प्रबल उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय और निवेशकों के लिए सलाह
विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों के साथ-साथ कंपनियों से जुड़ी खबरें अहम भूमिका निभाएंगी। हालांकि वैश्विक संकेतों ने बाजार को जबरदस्त सपोर्ट दिया है लेकिन अभी भी बाजार की संरचना पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में टिकाऊ तेजी के लिए जरूरी है कि निफ्टी अपने अहम रेजिस्टेंस स्तरों को मजबूती से पार करे अन्यथा उच्च स्तरों पर बिकवाली का दबाव हावी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क और चयनात्मक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।