"अकाली दल को CPR दे रहे हैं राज्यपाल": राजा वड़िंग का बड़ा आरोप— 'नशा विरोधी मार्च' के बहाने भाजपा-अकाली गठबंधन की तैयारी

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर अकाली-भाजपा गठबंधन के लिए 'समझौता एक्सप्रेस' चलाने का आरोप लगाया है।

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News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 9, 2026 • 4:41 PM
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"अकाली दल को CPR दे रहे हैं राज्यपाल": राजा वड़िंग का बड़ा आरोप— 'नशा विरोधी मार्च' के बहाने भाजपा-अकाली गठबंधन की तैयारी
ाजा वड़िंग का बड़ा आरोप— 'नशा विरोधी मार्च' के बहाने भाजपा-अकाली गठबंधन की तैयारी
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर अकाली-भाजपा गठबंधन के लिए 'समझौता एक्सप्रेस' चलाने का आरोप लगाया है।
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"अकाली दल को CPR दे रहे हैं राज्यपाल": राजा वड़िंग का बड़ा आरोप— 'नशा विरोधी मार्च' के बहाने भाजपा-अकाली गठबंधन की तैयारी
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चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा है कि नशा विरोधी मार्च की आड़ में शिरोमणि अकाली दल और उसके नेता सुखबीर सिंह बादल को दोबारा राजनीतिक रूप से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। वड़िंग का दावा है कि यह पूरी कवायद भविष्य में अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संभावित गठबंधन के लिए जमीन तैयार करने जैसी है।

राजा वड़िंग ने कहा कि जैसे-जैसे नशा विरोधी अभियान आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह पहल नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई से अधिक, राजनीतिक रूप से कमजोर हो चुके अकाली दल को “सीपीआर” देने का प्रयास प्रतीत हो रही है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।

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राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि राज्यपाल द्वारा निकाला गया नशा विरोधी मार्च वास्तव में नशे के खिलाफ है या फिर अकाली-भाजपा गठबंधन के लिए माहौल बनाने के उद्देश्य से ‘समझौता एक्सप्रेस’ चलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इस मार्च में अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी कई राजनीतिक संदेश दे रही है, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यपाल से यह भी सवाल किया कि क्या मार्च की अगुवाई करने से पहले इस गंभीर मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठाया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि सीमा सुरक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है और हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया है।

वड़िंग ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार पहले ही पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है, तब सीमा पार से हो रही नशे की तस्करी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक कौन-से ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

राजा वड़िंग ने अपील की कि नशे जैसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय राज्यपाल को इसे गंभीरता से केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने उठाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के बजाय, पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ईमानदार और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है।

अपने बयान के अंत में वड़िंग ने राज्यपाल और सुखबीर सिंह बादल की कुछ तस्वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये तस्वीरें अपने आप में स्पष्ट राजनीतिक संकेत दे रही हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस नशे के खिलाफ किसी भी वास्तविक और निष्पक्ष अभियान का समर्थन करेगी, लेकिन राजनीतिक एजेंडे के लिए चलाए जा रहे अभियानों का कड़ा विरोध करती रहेगी।

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