पंजाब में बिजली कनेक्शन अब बिना एनओसी के मिलेगा, संजीव अरोड़ा ने किया ऐलान
पंजाब सरकार ने पी.एस.पी.सी.एल. के माध्यम से बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया। अब आवेदक आवश्यक गारंटी जमा कर बिजली कनेक्शन ले सकेंगे, एनओसी की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह कदम नागरिकों को सुविधाएँ जल्दी और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Nov 18, 2025 • 4:19 PM
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पंजाब में बिजली कनेक्शन अब बिना एनओसी के मिलेगा, संजीव अरोड़ा ने किया ऐलान
पंजाब सरकार ने पी.एस.पी.सी.एल. के माध्यम से बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया। अब आवेदक आवश्यक गारंटी जमा कर बिजली कनेक्शन ले सकेंगे, एनओसी की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह कदम नागरिकों को सुविधाएँ जल्दी और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
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पंजाब में बिजली कनेक्शन अब बिना एनओसी के मिलेगा, संजीव अरोड़ा ने किया ऐलान
पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब सरकार के एक अहम जनहितैषी फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) अब आवेदकों द्वारा आवश्यक गारंटी जमा कराने के बाद बिना ऐतराज़हीनता प्रमाणपत्र (एनओसी) के ही बिजली कनेक्शन जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि यह कदम माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा नागरिकों को बिना किसी देरी के बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है ताकि कानूनी प्रक्रियाओं के पालन को सुनिश्चित किया जा सके।
श्री अरोड़ा ने कहा कि पहले, आवेदकों को बिजली कनेक्शन लेने से पहले स्थानीय प्राधिकरणों जैसे एम.सी., गमाडा, ग्लाडा, जे.डी.ए., ए.डी.ए., पी.डी.ए. या बी.डी.ए. द्वारा जारी एन.ओ.सी., रेगुलराइज़ेशन प्रमाणपत्र या स्वीकृत इमारत योजना जैसी अनुमतियाँ जमा करवानी पड़ती थीं। विभिन्न विभागों से इन अनुमतियों के उपलब्ध न होने या देर होने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हमें एक व्यावहारिक समाधान खोजने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा, ‘‘आज वह समाधान लागू कर दिया गया है।’’
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संशोधित हिदायतों के अनुसार, यदि आवेदक यह घोषणा (अंडरटेकिंग) देता है कि किसी भी सक्षम प्राधिकरण द्वारा भविष्य में इमारत को अवैध या अनधिकृत घोषित किए जाने की स्थिति में उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है, तो सप्लाई कोड 2024 के लागू प्रावधानों के तहत सभी आवेदकों को बिजली कनेक्शन जारी किये जाएंगे।
इसके अलावा, आवेदक को सप्लाई कोड 2024 के अनुसार भुगतान योग्य सभी सामान्य लागू खर्चों के अतिरिक्त, निपटान करने संबंधी खर्च (डिसमेंटलमेंट चार्ज) को कवर करने के लिए सुरक्षा राशि के रूप में सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि जमा करानी होगी।
श्री अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था जनसुविधा के साथ-साथ आवश्यक सुरक्षा उपायों को भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मान सरकार का मानना है कि हर परिवार जरूरी सेवाओं तक पहुँच पाने का अधिकारी है। यह फैसला सुनिश्चित करता है कि कोई भी नागरिक बिजली सप्लाई से वंचित न रहे।’’
बिजली मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे राज्य में पारदर्शिता और समान रूप से लागू किए जाने पर जोर देते हुए संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई व सावधानी से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आगे बताया कि बिजली कनेक्शन प्राप्त करने से संबंधित आवेदन फार्मों का सरलीकरण और रिकार्डों का डिजिटलीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इससे पहले, पी.एस.पी.सी.एल. ने यह फैसला किया था कि एल.टी. (लो टेंशन) श्रेणी के तहत 50 किलोवाट तक के लोड में नए कनेक्शन या बदलाव की मांग करने वाले आवेदकों या उपभोक्ताओं को भवन में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए किसी लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रिकल ठेकेदार से कोई टेस्ट रिपोर्ट या कोई स्व-प्रमाणनीकरण/दस्तख़त किए दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसकी बजाय, ऑनलाइन आवेदन फार्म में एक घोषणा शामिल होगी, जिसमें आवेदक यह घोषणा करेगा कि इमारत की आंतरिक वायरिंग किसी लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रिकल ठेकेदार/सरकार द्वारा मनोनीत अधिकारी द्वारा लगाई और टैस्ट किया गया है तथा टेस्ट प्रमाणपत्र उसके पास उपलब्ध है।