चुनाव ड्यूटी में जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के बच्चों की पूरी पढ़ाई उठाएगी मान सरकार, 20 लाख की मदद भी मंजूर
पंजाब के मोगा में चुनाव ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में शहीद हुए अध्यापक दंपति के परिवार के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की है और बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Dec 25, 2025 • 10:45 PM
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3 months ago
चुनाव ड्यूटी में जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के बच्चों की पूरी पढ़ाई उठाएगी मान सरकार, 20 लाख की मदद भी मंजूर
पंजाब के मोगा में चुनाव ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में शहीद हुए अध्यापक दंपति के परिवार के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की है और बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है।
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चुनाव ड्यूटी में जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के बच्चों की पूरी पढ़ाई उठाएगी मान सरकार, 20 लाख की मदद भी मंजूर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को मुश्किल वक्त में अकेला नहीं छोड़ती। मोगा जिले में चुनाव ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के परिवार को सरकार ने त्वरित राहत दी है।
सरकार ने मृतक दंपति के परिजनों को कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी कर दी है। इसके साथ ही एक अहम फैसला लेते हुए उनके बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार ने ली है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
यह हादसा तब हुआ, जब सरकारी अध्यापक जसकरण सिंह अपनी पत्नी कमलजीत कौर को चुनाव ड्यूटी पर छोड़ने जा रहे थे। मोगा के बाघापुराना इलाके में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बिना देरी के 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की प्रक्रिया पूरी की।
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पंजाब सरकार का यह कदम सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि चुनाव जैसे अहम कार्य में जुटे कर्मयोगियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि शिक्षकों का योगदान अमूल्य है और उनके बलिदान को प्रदेश कभी नहीं भूलेगा।
इस संवेदनशील फैसले से राज्य के कर्मचारियों में यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि संकट की घड़ी में पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा व सम्मान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।