पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बड़ा खुलासा: ट्राइसिटी और दोनों राज्यों में 1 करोड़ वाहन बिना बीमा के, पीड़ितों को नहीं मिल रहा मुआवजा
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लगभग 1 करोड़ वाहन बिना इंश्योरेंस के चल रहे हैं। एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह की अर्जी पर 10 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई।
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में करीब 14.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से दो लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं। वहीं हरियाणा में करीब 1.3 करोड़ वाहनों में से 41 लाख से अधिक वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में करीब एक करोड़ वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर मोटर वाहन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई अर्जी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। मामले पर हाईकोर्ट 10 मार्च को सुनवाई करेगा। वाहनों का बीमा न होने से दुर्घटना की स्थिति पीड़ितों को मुआवजा मिलने में समस्या आ रही है। मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह द्वारा दाखिल अर्जी में संसद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला दिया गया है। अर्जी में बताया गया है कि ट्राइसिटी और दोनों राज्यों में बड़ी संख्या में वाहन बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए भी गंभीर समस्या पैदा कर रहा है।
जानिए… क्या है वाहनों की स्थिति
अदालत को दिए गए आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में करीब 14.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से दो लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं। वहीं हरियाणा में करीब 1.3 करोड़ वाहनों में से 41 लाख से अधिक वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं। पंजाब की स्थिति इससे भी अधिक चिंताजनक बताई गई है, जहां लगभग 1.3 करोड़ वाहनों में से 56 लाख से ज्यादा वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो चंडीगढ़ में लगभग 15 प्रतिशत, हरियाणा में 32 प्रतिशत और पंजाब में करीब 42 प्रतिशत वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं।