Maharashtra Politics: 'लाडली बहना' पर भड़कीं शायना एनसी; राज ठाकरे और मणिशंकर अय्यर को दिया करारा जवाब, ट्रंप की 'दादागिरी' पर भी बोलीं
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कांग्रेस की 'वोट बैंक राजनीति' पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने 'लाडली बहना' योजना का बचाव करते हुए उद्धव गुट और मनसे को हिंदुत्व के मुद्दे पर आईना दिखाया। साथ ही, उन्होंने उत्तर भारतीयों पर राज ठाकरे की टिप्पणी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये पर बेबाक राय रखी। पढ़ें पूरी खबर।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jan 12, 2026 • 10:16 PM
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Maharashtra Politics: 'लाडली बहना' पर भड़कीं शायना एनसी; राज ठाकरे और मणिशंकर अय्यर को दिया करारा जवाब, ट्रंप की 'दादागिरी' पर भी बोलीं
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कांग्रेस की 'वोट बैंक राजनीति' पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने 'लाडली बहना' योजना का बचाव करते हुए उद्धव गुट और मनसे को हिंदुत्व के मुद्दे पर आईना दिखाया। साथ ही, उन्होंने उत्तर भारतीयों पर राज ठाकरे की टिप्पणी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये पर बेबाक राय रखी। पढ़ें पूरी खबर।
Full Story: https://www.newstvindia.in/maharashtra-politics-shayna-nc-slams-ladli-behna-responds-to-raj-thackeray-and-mani-shankar-aiyar-also-speaks-on-trump-s-dadagiri
Maharashtra Politics: 'लाडली बहना' पर भड़कीं शायना एनसी; राज ठाकरे और मणिशंकर अय्यर को दिया करारा जवाब, ट्रंप की 'दादागिरी' पर भी बोलीं
मुंबई: कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘लाडली बहना’ योजना पर आपत्ति जताए जाने और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाए जाने पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती है।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यदि कांग्रेस को इस योजना को लेकर कोई आपत्ति है तो उन्हें सीधे चुनाव आयोग से शिकायत करनी चाहिए। शायना एनसी ने कहा कि ‘लाडली बहना’ योजना महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जबकि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है। हमारी पार्टी जमीन पर काम कर रही है और महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
शायना एनसी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के उत्तर भारतीयों और बिहार को लेकर बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मराठी समाज ने हमेशा मराठी गौरव, मराठी आत्मसम्मान और मराठी पहचान को प्राथमिकता दी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हिंसा को बढ़ावा दिया जाए या किसी समुदाय को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘लुंगी-पुंगी’ या ‘रस मलाई’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल महाराष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की परंपरा सभी को स्वीकार करने की रही है। हालांकि, मराठी भाषा और अस्मिता को सर्वोपरि रखा जाता है।
शायना एनसी ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये दल हिंदुत्व की बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं, लेकिन उनके चुनावी घोषणापत्रों में ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे’, ‘हिंदुत्व’ और ‘मराठी मानुष’ जैसे शब्दों का जिक्र तक नहीं है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि इन दलों के पास विकास को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है और केवल बयानबाजी ही उनकी राजनीति की पहचान बन चुकी है।
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उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की दादागिरी हद से ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन भारत एक सक्षम और आत्मनिर्भर देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और विदेश मंत्रालय के सहयोग से भारत वैश्विक समुदाय के साथ तालमेल बैठाकर उचित जवाब देगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि ट्रंप केवल अमेरिका को आगे बढ़ाने और अन्य देशों पर दबाव बनाने की सोच रखते हैं। शायना ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत की भूमिका स्पष्ट होगी और देशहित सर्वोपरि रहेगा।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने कहा कि उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि हिंदुत्व का अर्थ क्या है। उनके अनुसार हिंदुत्व का मतलब सबके लिए न्याय और समानता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और यदि वास्तव में देश की तरक्की चाहती है तो उसे जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास की बात करनी चाहिए।
शायना एनसी ने देवकीनंदन ठाकुर द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने की बात कहे जाने पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद का निर्माण आस्था का विषय है और भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी सम्मान और सौहार्द ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।