Fact Check: क्या स्मार्टफोन कंपनियां सरकार को देंगी अपना सोर्स कोड? केंद्र ने इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट को बताया 'फेक' और 'भ्रामक'

सरकार ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि Apple और Samsung जैसी कंपनियों को अपना सोर्स कोड शेयर करने के लिए मजबूर किया जाएगा। आईटी मंत्रालय ने इसे सनसनीखेज खबर बताते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल साइबर सुरक्षा पर चल रही एक सामान्य चर्चा है। जानें क्या है सरकार का आधिकारिक रुख।

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News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 12, 2026 • 12:16 PM
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Fact Check: क्या स्मार्टफोन कंपनियां सरकार को देंगी अपना सोर्स कोड? केंद्र ने इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट को बताया 'फेक' और 'भ्रामक'
ार को देंगी अपना सोर्स कोड? केंद्र ने इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट को बताया 'फेक' और 'भ्रामक'
सरकार ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि Apple और Samsung जैसी कंपनियों को अपना सोर्स कोड शेयर करने के लिए मजबूर किया जाएगा। आईटी मंत्रालय ने इसे सनसनीखेज खबर बताते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल साइबर सुरक्षा पर चल रही एक सामान्य चर्चा है। जानें क्या है सरकार का आधिकारिक रुख।
Full Story: https://www.newstvindia.in/will-the-smartphone-companies-give-their-source-code-to-the-government-centre-calls-international-media-report-fake-and-misleading
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Fact Check: क्या स्मार्टफोन कंपनियां सरकार को देंगी अपना सोर्स कोड? केंद्र ने इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट को बताया 'फेक' और 'भ्रामक'
Fact Check: क्या स्मार्टफोन कंपनियां सरकार को देंगी अपना सोर्स कोड? केंद्र ने इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट को बताया 'फेक' और 'भ्रामक'
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नई दिल्ली : सरकार ने एक इंटरनेशनल न्यूज ऑर्गेनाइजेशन की उस रिपोर्ट को गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि सरकार स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को अपना सोर्स कोड सरकार के साथ शेयर करने के लिए मजबूर करना चाहती है और इसके लिए कई सॉफ्टवेयर बदलाव करने की योजना बना रही है। इस खबर में यह भी कहा गया था कि एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन न्यूज रिपोर्ट्स में न तो किसी स्मार्टफोन कंपनी का बयान दिया गया है और न ही उन उद्योग संगठनों का, जो इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "इन रिपोर्टों ने जानबूझकर उद्योग संगठन की बातों को नजरअंदाज किया है, जिससे साफ लगता है कि खबर को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई है।"

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सरकार ने कहा कि वह साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोबाइल सुरक्षा से जुड़ा एक मजबूत और सही नियम बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है।

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ये परामर्श सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मानकों पर उद्योग के साथ नियमित और निरंतर संवाद का हिस्सा हैं। मंत्रालय लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे तेजी से बदलते डिजिटल माहौल में यूजर्स की सुरक्षा बनी रहे और उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे।

मंत्रालय ने बताया, "हम नियमित रूप से सुरक्षा नियमों, इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और अनुकूलता मानकों, भारतीय भाषाओं के समर्थन, इंटरफेस की जरूरतों और सुरक्षा मानकों जैसे विषयों पर चर्चा करते हैं। इन चर्चाओं के बाद उद्योग के साथ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बात होती है।"

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मंत्रालय ने कहा कि वह उद्योग से जुड़े लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उनकी चिंताओं को सकारात्मक तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है, ताकि तकनीकी समस्याओं, नियमों के पालन में आने वाली दिक्कतों और दुनिया में अपनाए जा रहे अच्छे तरीकों को समझा जा सके।

मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि उद्योग द्वारा उठाई गई सभी सही और जरूरी चिंताओं पर खुले मन से विचार किया जाएगा, ताकि देश और उद्योग दोनों के हित सुरक्षित रहें।

इससे पहले, भारत के स्मार्टफोन निर्माण उद्योग ने भी सोर्स कोड शेयर करने से जुड़ी खबरों पर चिंता को कम करने की कोशिश की थी। उद्योग का कहना था कि यह मुद्दा काफी समय से चल रही बातचीत का हिस्सा है और इसका मतलब कोई नई या तुरंत लागू होने वाली नीति नहीं है।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच इस विषय पर कई वर्षों से चर्चा चल रही है और इसे अचानक नीति में बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

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