NEET Paper Leak: सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष शर्तें बदलना बंद करे; जेपी नड्डा का बड़ा बयान
NEET Paper Leak मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में 12 या 18 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बार-बार शर्तें बदलने के बजाय सकारात्मक बहस में शामिल होने की अपील की।
BaluSingh Rajpurohit Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 22, 2026 • 10:26 PM | नई दिल्ली Last Edited By:News Tv India हिंदी
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BaluSingh Rajpurohit
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NEET Paper Leak: सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष शर्तें बदलना बंद करे; जेपी नड्डा का बड़ा बयान
NEET Paper Leak मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में 12 या 18 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बार-बार शर्तें बदलने के बजाय सकारात्मक बहस में शामिल होने की अपील की।
NEET Paper Leak और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्र सरकार ने संसद में विस्तृत चर्चा की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि सरकार इस मुद्दे पर खुलकर बहस करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह बार-बार अपनी शर्तें बदलने के बजाय संसद में चर्चा में हिस्सा ले और छात्रों के हित में समाधान निकालने की दिशा में सहयोग करे।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसलिए इस पर संसद जैसे लोकतांत्रिक मंच पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।
NEET Paper Leak पर सरकार का प्रस्ताव, जितनी देर चाहें बहस कर लें
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा, "विपक्ष चाहे तो 12 घंटे चर्चा करे, चाहे 18 घंटे, सरकार हर तरह की बहस के लिए तैयार है। चर्चा कितनी देर चलेगी, इसका फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी और विपक्ष मिलकर कर सकते हैं।"
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INDI गठबंधन का व्यवहार बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना है। उनकी प्रजातांत्रिक विरोधी गतिविधि साफ-साफ संसद में दिख रही है। वे संसद की मर्यादाओं को तार-तार करके ये प्रजातांत्रिक मूल्यों का हनन कर रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, "बच्चे हमारे भी हैं, आपके भी हैं और देश का भविष्य भी हैं। उनकी चिंता करना हम सभी की जिम्मेदारी है।"
उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर रचनात्मक भूमिका निभाए और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दे।
राहुल गांधी के आरोपों पर दिया जवाब
राहुल गांधी की ओर से संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं किसी एक सरकार या एक राज्य तक सीमित नहीं रही हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में अलग-अलग समय पर पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार, यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे सभी राज्यों में हुई घटनाओं पर समान रूप से चर्चा करनी चाहिए।
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों और शर्तों में बदलाव करता रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में बहस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसी माध्यम से गंभीर मुद्दों का समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय परीक्षा प्रणाली में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
CJP आंदोलन और सोनम वांगचुक पर भी बोले
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। यदि उनकी ओर से कोई लिखित प्रस्ताव आता है तो सरकार उस पर विचार करेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात के सवाल पर नड्डा ने कहा कि उन्होंने उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनका पत्र भी प्राप्त किया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार का रुख
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसे विषयों का समाधान इस्तीफे की मांग से नहीं, बल्कि संसद में चर्चा और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि सरकार इस मुद्दे पर हर तरह की बहस के लिए तैयार है और संसद के माध्यम से ही आगे का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
समाचार लिखे जाने तक विपक्ष की ओर से जेपी नड्डा के ताजा बयान पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है और संसद में आगे होने वाली चर्चा पर सभी की नजर बनी हुई है।