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<title>News TV India &#45; BaluSingh Rajpurohit</title>
<link>https://www.newstvindia.in/rss/author/balusingh-rajpurohit</link>
<description>News TV India &#45; BaluSingh Rajpurohit</description>
<dc:language>hi</dc:language>
<dc:rights>© 2026 News Tv India . All rights reserved.</dc:rights>

<item>
<title>UPI के 10 साल: 1.78 करोड़ से 24,162 करोड़ ट्रांजेक्शन तक पहुंचा सफर, ऐसे बना डिजिटल पेमेंट का ग्लोबल लीडर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/business/10-years-of-upi-from-178-crore-to-24162-crore-transactions-a-global-leader-in-digital-payments</link>
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<description><![CDATA[ UPI ने 10 साल पूरे कर लिए हैं। 2016-17 में 1.78 करोड़ से शुरू हुआ ट्रांजेक्शन 2025-26 में 24,162 करोड़ के पार पहुंच गया। जानिए UPI की पूरी ग्रोथ स्टोरी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Aug 2026 10:36:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>UPI, UPI 10 Years, UPI Growth, UPI Transaction, Digital Payment India, NPCI, UPI Global Leader</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="109" data-end="447" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="109" data-end="123">नई दिल्ली:</strong> भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI ने एक दशक का सफर पूरा कर लिया है। 25 अगस्त 2016 को शुरू हुआ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस आज रोजमर्रा के छोटे भुगतानों से लेकर बड़े ट्रांसफर तक का अहम माध्यम बन चुका है। शुरुआत में जहां UPI पर ट्रांजेक्शन की संख्या बेहद कम थी, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 24,162 करोड़ से आगे निकल गया।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="449" data-end="628">वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, UPI के जरिए होने वाले लेन-देन में इस दौरान करीब 13,000 गुना की बढ़ोतरी हुई। यही तेज विस्तार भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल की सबसे बड़ी कहानी है।</p>
<h2 data-section-id="thy871" data-start="630" data-end="690">2016 में हुई शुरुआत, पहले महीने सिर्फ 90 हजार ट्रांजेक्शन</h2>
<p data-start="692" data-end="879">UPI की शुरुआत नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में की थी। अगस्त 2016 में लॉन्च के पहले महीने में UPI पर करीब 90 हजार ट्रांजेक्शन हुए थे।</p>
<p data-start="881" data-end="994">वित्त वर्ष 2016-17 में पूरे साल UPI से करीब 1.78 करोड़ लेन-देन हुए। इनकी कुल वैल्यू करीब 0.07 लाख करोड़ रुपये थी।</p>
<p data-start="996" data-end="1098">इसके बाद जैसे-जैसे लोगों और कारोबारियों ने डिजिटल भुगतान को अपनाया, UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता गया।</p>
<h2 data-section-id="1okt96f" data-start="1100" data-end="1143">एक दशक में ट्रांजेक्शन 13 हजार गुना बढ़ा</h2>
<p data-start="1145" data-end="1302">वित्त वर्ष 2025-26 में UPI ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गई। यानी 2016-17 के मुकाबले लेन-देन की संख्या में करीब 13,000 गुना उछाल आया।</p>
<p data-start="1304" data-end="1479">लेन-देन की कुल रकम में भी बड़ा बदलाव आया। 2016-17 में जहां UPI के जरिए करीब 0.07 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।</p>
<p data-start="1481" data-end="1664">यह करीब 4,000 गुना की बढ़ोतरी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में UPI ट्रांजेक्शन की संख्या में सालाना औसतन करीब 188 प्रतिशत और वैल्यू में करीब 155 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<h2 data-section-id="koefx6" data-start="1666" data-end="1711">2026 में रोज करीब 66 करोड़ UPI ट्रांजेक्शन</h2>
<p data-start="1713" data-end="1874">UPI का इस्तेमाल अब किस स्तर तक पहुंच चुका है, इसका अंदाजा रोज होने वाले ट्रांजेक्शन से लगाया जा सकता है। 2026 में औसतन करीब 66 करोड़ लेन-देन रोज UPI के जरिए हुए।</p>
<p data-start="1876" data-end="2010">जुलाई 2026 में UPI ने एक और रिकॉर्ड बनाया। इस महीने करीब 2,366 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 29.88 लाख करोड़ रुपये रही।</p>
<p data-start="2012" data-end="2140">इससे पहले मई 2026 में पहली बार किसी महीने में UPI ट्रांजेक्शन की संख्या 2,300 करोड़ के पार पहुंची थी और यह करीब 2,320 करोड़ रही।</p>
<h2 data-section-id="v1icew" data-start="2142" data-end="2189">21 बैंकों से शुरू हुआ सफर, अब 741 बैंक जुड़े</h2>
<p data-start="2191" data-end="2329">UPI के विस्तार का असर इससे जुड़े बैंकों की संख्या में भी दिखाई देता है। अप्रैल 2016 में जब सिस्टम की शुरुआत हुई, तब 21 बैंक इससे जुड़े थे।</p>
<p data-start="2331" data-end="2481">वित्त वर्ष 2016-17 में यह संख्या 44 थी। वित्त वर्ष 2025-26 तक UPI से जुड़े बैंकों की संख्या बढ़कर 703 हो गई। जुलाई 2026 तक यह आंकड़ा 741 तक पहुंच गया।</p>
<p data-start="2483" data-end="2593">इस नेटवर्क में सरकारी और निजी बैंकों के अलावा स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और को-ऑपरेटिव बैंक भी शामिल हैं।</p>
<h2 data-section-id="1wab2fm" data-start="2595" data-end="2636">दुकानदार से लेकर परिवार तक, हर जगह UPI</h2>
<p data-start="2638" data-end="2831">UPI की सबसे बड़ी ताकत इसका रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल है। चाय-कॉफी या किराने के छोटे भुगतान से लेकर बड़े बैंक ट्रांसफर तक, डिजिटल पेमेंट का यह सिस्टम आम लोगों के व्यवहार का हिस्सा बन गया है।</p>
<p data-start="2833" data-end="3056">उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल ट्रांजेक्शन की संख्या में करीब 63 प्रतिशत हिस्सा दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान का है। वहीं ट्रांसफर हुई कुल रकम में करीब 71 प्रतिशत हिस्सा व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेन-देन का है।</p>
<p data-start="3058" data-end="3233">2026 में दुकानदारों को किए जाने वाले करीब 86 प्रतिशत भुगतान 500 रुपये से कम के थे। वहीं व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले करीब 59 प्रतिशत ट्रांजेक्शन 500 रुपये से कम के रहे।</p>
<h2 data-section-id="apkl5g" data-start="3235" data-end="3265">UPI की ग्लोबल पहुंच भी बढ़ी</h2>
<p data-start="3267" data-end="3491">भारत में सफलता के बाद UPI का विस्तार दूसरे देशों तक भी हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक UPI अब संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव समेत 11 देशों में मौजूद है।</p>
<p data-start="3493" data-end="3687">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी UPI को रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के तौर पर बड़ी पहचान मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025 में ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत रही।</p>
<h2 data-section-id="2km4pg" data-start="3689" data-end="3726">UPI की कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं</h2>
<p data-start="3728" data-end="3901">UPI के दस साल के सफर को सिर्फ बढ़ते ट्रांजेक्शन के आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। इसने भारत में डिजिटल भुगतान को आसान और रोजमर्रा की जरूरत से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है।</p>
<p data-start="3903" data-end="4103">एक दशक पहले जहां डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल सीमित था, वहीं आज मोबाइल फोन के जरिए कुछ सेकंड में भुगतान करना आम बात है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार और व्यक्तिगत ट्रांसफर तक UPI की पहुंच बढ़ी है।</p>
<p data-start="4105" data-end="4278">आगे UPI के सामने चुनौती सिर्फ ट्रांजेक्शन बढ़ाने की नहीं होगी, बल्कि बढ़ते डिजिटल नेटवर्क के साथ साइबर सुरक्षा, भरोसा और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को मजबूत बनाए रखने की भी होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM Bhagwant Mann की वजह से पंजाब में खेती की बदल गई तस्वीर, सालों बाद खत्म हुई बिजली और पानी की दिक्कत</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/punjab/the-picture-of-farming-in-punjab-changed-due-to-cm-bhagwant-mann-electricity-and-water-problem-ended-after-years</link>
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<description><![CDATA[ CM Bhagwant Mann: गरीबों के लिए मसीहा बनी मान सरकार की तरफ से हर संभव प्रयास किया जाता है कि वह फ्री बिजली और पानी की सुविधा हर किसी के लिए मुहैया करवा सके। ऐसे में निश्चित तौर पर किसानों को काफी फायदा हुआ है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 07:48:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>CM Bhagwant Mann, Bhagwant Mann, CM Mann</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-pm-slice="1 1 []"><strong>CM Bhagwant Mann: पंजाब</strong> के किसानों के मुख्य आय का जरिया ही खेती है और यही वजह है कि <strong>मान सरकार</strong> इसके लिए लगातार प्रयासरत है हर संभव किसानों को मदद प्रदान किया जा रहा है। वही इस सब के बीच बुजुर्ग किसान ने बताया कि कैसे खेती की दिशा में क्रांति आई है और पंजाब सीएम भगवंत मान की वजह से विकास की ओर कदम बढ़ा रही है। सालों बाद इस समस्या से निजात मिल है और यह कहीं ना कहीं सीएम भगवंत मान ने संभव कर दिखाया है। आइए जानते हैं आप पंजाब ने इसकी जानकारी देते हुए क्या कहा है और कैसे किसानों के लिए मसीहा बने हुए हैं <strong>मुख्यमंत्री</strong>।</p>
<p>आप पंजाब ने एक वीडियो को पोस्ट किया है जहां एक किसान यह बताते हुए नजर आते हैं कि सालों से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या अब खत्म हो गई है। यह कहीं ना कहीं सीएम भगवंत मन की वजह से संभव हुआ है। उन्होंने सरकार का शुक्रिया अदा किया। आप पंजाब ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में कहा, “मान सरकार ने खेती के लिए फ्री बिजली और फ्री पानी देकर किसानों की खेती में आने वाली दिक्कतों को हमेशा के लिए हल कर दिया है।”</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="pa" dir="ltr">ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤੀ ਲਈ ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਖੁੱਲ੍ਹਾ-ਡੁੱਲ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਦੇ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਖੇਤੀ 'ਚ ਆਉਂਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਪੱਕਾ ਹੱਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਖੇਤਾਂ ਲਈ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਰਾਤਾਂ ਦੀ ਖੱਜਲ-ਖੁਆਰੀ ਖ਼ਤਮ ਕਰਕੇ ਕਿਸਾਨੀ ਦੀ ਤਸਵੀਰ ਬਦਲਣ ਲਈ ਇਸ ਬਜ਼ੁਰਗ ਨੇ ਕੀਤਾ CM ਮਾਨ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ। <a href="https://t.co/riZvcP5CBx">pic.twitter.com/riZvcP5CBx</a></p>
— AAP Punjab (@AAPPunjab) <a href="https://x.com/AAPPunjab/status/2087750997192163384?ref_src=twsrc%5Etfw">August 13, 2026</a></blockquote>
<p>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</p>
<h2><strong>CM Bhagwant Mann की वजह से किसानों की हुई बल्ले बल्ले</strong></h2>
<p>आप पंजाब ने यह भी कहा कि बुजुर्ग आदमी ने सीएम भगवंत मान को धन्यवाद दिया कि उन्होंने किसानों की खेतों और रातों के लिए पानी की चिंता खत्म करके खेती की इमेज बदल दी। जाहिर तौर पर पंजाब के लोगों के लिए फ्री बिजली की सेवा सीएम भगवंत मान की वजह से संभव हो सका है। वहीं खेतों तक नहरों का पानी पहुंच सके इसके लिए प्रयासरत सरकार हर संभव लोगों के लिए मसीहा बनी हुई है। लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सीएम भगवंत मान जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।</p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राज्यसभा का सत्र खत्म: 37 घंटे 49 मिनट चली कार्यवाही, सभापति बोले&#45; व्यवधान से महत्वपूर्ण चर्चा का मौका गंवाया</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/rajya-sabha-session-ends-37-hours-49-minutes-of-proceedings-says-chairman-disruption-loses-opportunity-for-critical-discussion</link>
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<description><![CDATA[ Rajya Sabha Session : राज्यसभा के 271वें सत्र के समापन पर सभापति ने लगातार व्यवधान पर चिंता जताई। सदन 37 घंटे 49 मिनट चला और 39.17% समय ही वास्तविक काम हो सका। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 07:43:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Rajya Sabha Session, Parliament, Rajya Sabha Chairman, Parliamentary Proceedings, Indian Parliament</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="788" data-end="1042" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="788" data-end="802">Rajya Sabha Session :</strong> राज्यसभा का 271वां सत्र समाप्त हो गया। सत्र के समापन पर सभापति ने सदन की कार्यवाही में लगातार हुए व्यवधान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार कार्यवाही बाधित होने से राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक चर्चा और बहस का अवसर नहीं मिल सका।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1044" data-end="1170">सभापति के अनुसार, सदन कुल <strong data-start="1070" data-end="1089">37 घंटे 49 मिनट</strong> ही चल पाया और इसमें सिर्फ <strong data-start="1116" data-end="1152">39.17 प्रतिशत समय वास्तविक कार्य</strong> में इस्तेमाल हुआ।</p>
<h2 data-section-id="1kwfdfp" data-start="1172" data-end="1199">12 विधेयकों पर हुआ विचार</h2>
<p data-start="1201" data-end="1368">सभापति ने कहा कि व्यवधान के बावजूद राज्यसभा ने अपने मुख्य विधायी दायित्वों का निर्वहन किया। सदन में <strong data-start="1301" data-end="1368">12 विधेयकों पर विचार किया गया और उन्हें पारित या वापस भेजा गया।</strong></p>
<p data-start="1370" data-end="1498">उन्होंने कहा कि यदि सभी सदस्य मिलकर सहभागिता करते, अपने सुझाव देते और सार्थक विचार-विमर्श करते तो सत्र की स्थिति अलग हो सकती थी।</p>
<h2 data-section-id="vepgs1" data-start="1500" data-end="1544">285 तारांकित प्रश्नों में सिर्फ 16 उठ सके</h2>
<p data-start="1546" data-end="1727">सभापति ने सत्र के दौरान उपलब्ध संसदीय अवसरों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, सदस्यों के पास <strong data-start="1639" data-end="1709">285 तारांकित प्रश्न, 380 शून्यकाल प्रस्तुतियां और 380 विशेष उल्लेख</strong> उठाने के अवसर थे।</p>
<p data-start="1729" data-end="1827">हालांकि, इनमें से सिर्फ <strong data-start="1753" data-end="1811">16 प्रश्न, 52 शून्यकाल प्रस्तुतियां और 93 विशेष उल्लेख</strong> ही उठाए जा सके।</p>
<p data-start="1829" data-end="1968">सभापति ने कहा कि सदन का फ्लोर खुला था, लेकिन प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों की आवाज उठाने के लिए उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ नहीं उठाया जा सका।</p>
<h2 data-section-id="1ln6uev" data-start="1970" data-end="2008">‘व्यवधान से जनता के विश्वास को ठेस’</h2>
<p data-start="2010" data-end="2146">सभापति ने कहा कि राज्यसभा वरिष्ठ सदन है और इसकी जिम्मेदारी तर्कपूर्ण बहस, गरिमापूर्ण असहमति और विचारशील कानून निर्माण को बढ़ावा देना है।</p>
<p data-start="2148" data-end="2349">उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले व्यवधान से अंततः जनता के विश्वास और उसकी आकांक्षाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने संसदीय आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और सदन की गरिमा को संरक्षित करने पर जोर दिया।</p>
<h2 data-section-id="1czma1r" data-start="2351" data-end="2393">नए सदस्यों के लिए हुआ अनुकूलन कार्यक्रम</h2>
<p data-start="2395" data-end="2597">271वें सत्र की एक प्रमुख विशेषता नव निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय अनुकूलन कार्यक्रम रहा। इसमें संसदीय कार्यप्रणाली, प्रक्रिया और सदस्यों से अपेक्षित आचरण के बारे में जानकारी दी गई।</p>
<p data-start="2599" data-end="2769">सभापति ने बताया कि कार्यक्रम में <strong data-start="2632" data-end="2644">35 सदस्य</strong> शामिल हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए सदस्य कार्यक्रम से मिली सीख को आगे बढ़ाएंगे और सदन की चर्चाओं में सार्थक योगदान देंगे।</p>
<h2 data-section-id="1pgl7wa" data-start="2771" data-end="2807">AI आधारित भाषा अनुवाद का इस्तेमाल</h2>
<p data-start="2809" data-end="2948">सत्र के दौरान प्रौद्योगिकी के बढ़ते इस्तेमाल का भी सभापति ने उल्लेख किया। <strong data-start="2883" data-end="2898">‘वाणी सेतु’</strong> के माध्यम से AI आधारित भाषा अनुवाद शुरू किया गया।</p>
<p data-start="2950" data-end="3073">इस सुविधा के जरिए सदस्यों को अपनी पसंद की भाषा में, यहां तक कि क्षेत्रीय भाषाओं में दिए गए भाषणों को भी सुनने का अवसर मिला।</p>
<p data-start="3075" data-end="3296">इसके अलावा त्वरित और सुरक्षित उपस्थिति तथा अन्य संसदीय कार्यों के लिए <strong data-start="3145" data-end="3178">‘सदस्य सेतु’ मोबाइल एप्लिकेशन</strong> का इस्तेमाल किया गया। सभापति ने कहा कि इन तकनीकी सुविधाओं को आगे भी बेहतर बनाया जाएगा और सदस्यों के सुझाव लिए जाएंगे।</p>
<h2 data-section-id="kpi8fe" data-start="3298" data-end="3338">उपसभापति और कर्मचारियों का जताया आभार</h2>
<p data-start="3340" data-end="3457">सभापति ने सदन की कार्यवाही के संचालन में सहयोग के लिए उपसभापति और उपसभापतियों के पैनल के सदस्यों के प्रति आभार जताया।</p>
<p data-start="3459" data-end="3649">उन्होंने महासचिव, अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के प्रयासों की भी सराहना की। साथ ही कार्यवाही को कवर करने और जनता तक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को धन्यवाद दिया।</p>
<h2 data-section-id="108cl8h" data-start="3651" data-end="3687">स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं</h2>
<p data-start="3689" data-end="3840">समापन संबोधन में सभापति ने सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अंतर-सत्र अवधि में पड़ने वाले त्योहारों के लिए भी शुभकामनाएं दीं।</p>
<p data-start="3842" data-end="3998">उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में सदस्य सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतंत्र की उच्च परंपराओं के अनुरूप संसदीय दायित्व निभाने के नए संकल्प के साथ लौटेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Agni&#45;4 Ballistic Missile: 4,000 KM तक मार करने वाली अग्नि&#45;4 मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत की रणनीतिक ताकत हुई और मजबूत</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/agni-4-ballistic-missile-successful-test-firing-of-agni-4-missile-with-a-range-of-4000-km-indias-strategic-strength-increased-and-strong</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/agni-4-ballistic-missile-successful-test-firing-of-agni-4-missile-with-a-range-of-4000-km-indias-strategic-strength-increased-and-strong</guid>
<description><![CDATA[ Agni-4 Ballistic Missile का ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया गया। 4,000 KM रेंज वाली यह मिसाइल भारत की रणनीतिक क्षमता को और मजबूत करेगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 07:35:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Agni-4 Ballistic Missile, DRDO, Strategic Forces Command, India Missile Test, Defence News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>भारत ने अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करते हुए </span><strong><span>6 अगस्त</span></strong><span> को ओडिशा के चांदीपुर स्थित </span><strong><span>इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR)</span></strong><span> से </span><strong><span>Agni-4 Ballistic Missile</span></strong><span> का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह परीक्षण </span><strong><span>Strategic Forces Command (SFC)</span></strong><span> की निगरानी में किया गया और इसमें सभी ऑपरेशनल तथा तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब भारत अपनी रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता (Strategic Deterrence) को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।</span></p>
<h2><strong><span>रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि </span><strong><span>6 अगस्त 2026</span></strong><span> को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से </span><strong><span>Medium Range Ballistic Missile (MRBM) Agni-4</span></strong><span> का सफल परीक्षण किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मंत्रालय के अनुसार, </span><strong><span>Strategic Forces Command</span></strong><span> की देखरेख में हुए इस परीक्षण ने मिसाइल के सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">India successfully test-fired the Medium Range Ballistic Missile (MRBM) Agni-4 from the Integrated Test Range, Chandipur, Odisha on August 06, 2026. The launch, conducted under the aegis of the Strategic Forces Command, successfully validated all operational and technical…</p>
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) <a href="https://x.com/SpokespersonMoD/status/2085356267493810566?ref_src=twsrc%5Etfw">August 6, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><strong><span>4,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Agni-4 Ballistic Missile</span></strong><span> एक </span><strong><span>दो-चरण (Two-Stage), सतह से सतह पर मार करने वाली (Surface-to-Surface)</span></strong><span> बैलिस्टिक मिसाइल है। यह </span><strong><span>Solid Fuel Rocket Motor</span></strong><span> से संचालित होती है और लगभग </span><strong><span>4,000 किलोमीटर</span></strong><span> तक मौजूद लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता रखती है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस वर्ष भारत पहले ही </span><strong><span>Agni Prime</span></strong><span> और </span><strong><span>Agni-3</span></strong><span> मिसाइलों का भी सफल परीक्षण कर चुका है। Agni-4 का परीक्षण इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।</span></p>
<h2><strong><span>Agni-4 Ballistic Missile की प्रमुख खूबियां</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, </span><strong><span>Agni-4</span></strong><span> की लंबाई करीब </span><strong><span>20 मीटर</span></strong><span> और वजन लगभग </span><strong><span>17 टन</span></strong><span> है। यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु, दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसकी एक बड़ी विशेषता यह भी है कि इसे </span><strong><span>Road Mobile</span></strong><span> और </span><strong><span>Rail Mobile Launchers</span></strong><span> दोनों से लॉन्च किया जा सकता है। इससे जरूरत पड़ने पर मिसाइल को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर तैनात किया जा सकता है।</span></p>
<h2><strong><span>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रक्षा मंत्री </span><strong><span>राजनाथ सिंह</span></strong><span> ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म </span><strong><span>X</span></strong><span> पर </span><strong><span>Strategic Forces Command</span></strong><span> और </span><strong><span>DRDO</span></strong><span> को सफल परीक्षण के लिए बधाई दी।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">The Strategic Forces Command and <a href="https://x.com/DRDO_India?ref_src=twsrc%5Etfw">@DRDO_India</a> carried out successful launch of MRBM Agni-4 from Integrated Test Range, Odisha on 6th August 2026. <br><br>I congratulate SFC and DRDO for this textbook mission launch which reaffirmed India’s commitment to defend the Nation with state of…</p>
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) <a href="https://x.com/rajnathsingh/status/2085400799518330894?ref_src=twsrc%5Etfw">August 6, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि यह मिशन अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों के विकास और देश की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों और रक्षा बलों के प्रयासों की सराहना भी की।</span></p>
<h2><strong><span>भारत की रणनीतिक क्षमता को मिलेगा और बल</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, </span><strong><span>Agni-4 Ballistic Missile</span></strong><span> का सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा। लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने की क्षमता और मोबाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म जैसी विशेषताएं इसे भारत के मिसाइल कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी और नेतन्याहू की बातचीत, भारत&#45;इज़राइल सहयोग पर भी हुई चर्चा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-and-netanyahu-discuss-west-asia-crisis-india-israel-cooperation-also-discussed</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-and-netanyahu-discuss-west-asia-crisis-india-israel-cooperation-also-discussed</guid>
<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी को लेकर फोन पर चर्चा हुई। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 07:27:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Benjamin Netanyahu, India Israel Relations, Middle East Crisis, Hormuz Strait</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री </span><strong><span>नरेंद्र मोदी</span></strong><span> और इज़राइल के प्रधानमंत्री </span><strong><span>बेंजामिन नेतन्याहू</span></strong><span> के बीच गुरुवार को फोन पर अहम बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्र के मौजूदा हालात की समीक्षा करने के साथ-साथ भारत और इज़राइल के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएमओ ने बताया कि दोनों नेताओं ने भविष्य में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">Received a phone call from Prime Minister Benjamin Netanyahu. We reviewed progress on various aspects of the India-Israel Special Strategic Partnership which continues to grow from strength-to-strength.<br><br>We also exchanged views on the current situation in West Asia.<a href="https://x.com/netanyahu?ref_src=twsrc%5Etfw">@netanyahu</a></p>
— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2085378013345308863?ref_src=twsrc%5Etfw">August 6, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><strong><span>भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>फोन वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएमओ के अनुसार, दोनों देशों ने आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।</span></p>
<h2><strong><span>पश्चिम एशिया के हालात पर बनी रही चर्चा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बातचीत का प्रमुख विषय पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी रहा। पिछले कई महीनों से क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है और हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएमओ ने कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचार साझा किए और भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।</span></p>
<h2><strong><span>होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी हलचल</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी बीच </span><strong><span>होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)</span></strong><span> को लेकर भी नई हलचल देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि ओमान के साथ एक समझौते का मसौदा अंतिम चरण में है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच समुद्री मार्ग के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बन चुकी है। यदि किसी तीसरे पक्ष की ओर से कोई बाधा नहीं आती है, तो इस संबंध में संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है।</span></p>
<h2><strong><span>अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बरकरार</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>ईरान का आरोप है कि होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए अमेरिका की सैन्य गतिविधियां जिम्मेदार हैं। वहीं अमेरिका का कहना है कि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहना चाहिए और किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क स्वीकार्य नहीं होगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्टों के अनुसार, संभावित समझौते के तहत जहाजों के आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई प्रणाली लागू की जा सकती है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मंजूरी आवश्यक होगी।</span></p>
<h2><strong><span>क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है।</span></p>
<p><span>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ओमान और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता आगे बढ़ता है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव कम करने और भविष्य में कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Bankipur Bypoll : 238 सीटों पर हार के बाद PK ने कैसे बदला सियासी खेल, बांकीपुर की जीत के क्या हैं मायने?</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/bankipur-bypoll-how-did-pk-change-the-political-game-after-losing-238-seats-what-does-bankipurs-victory-mean</link>
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<description><![CDATA[ Prashant Kishor Win के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। जानिए कैसे Bankipur Bypoll की जीत ने जन सुराज और बिहार की सियासत को नया राजनीतिक संदेश दिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 07:17:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Bankipur Bypoll, Prashant Kishor Win, Prashant Kishor, Bihar Assembly Bypoll, Jan Suraaj</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>Bankipur Bypoll : </strong>2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी (JSP) ने 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। चुनाव परिणाम के बाद कई राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए कि क्या प्रशांत किशोर की राजनीति चुनावी जमीन पर सफल हो पाएगी। हालांकि, कुछ ही समय बाद हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने इस चर्चा की दिशा बदल दी। पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर ने इस सीट पर जीत दर्ज कर न सिर्फ अपनी पार्टी का खाता खोला, बल्कि बिहार की राजनीति में खुद को एक गंभीर दावेदार के रूप में भी स्थापित किया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बांकीपुर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में उपचुनाव का यह परिणाम सामान्य राजनीतिक जीत से कहीं अधिक मायने रखता है।</span></p>
<h2><strong><span>Bankipur Bypoll इतना अहम क्यों माना जा रहा है?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन की परंपरागत सीट रही है। वह लगातार पांच बार यहां से विधायक चुने गए और बाद में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हुई। इसी वजह से हुए उपचुनाव को सभी प्रमुख दलों ने प्रतिष्ठा का मुकाबला माना।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राजनीतिक जानकारों की नजर भी इस सीट पर टिकी थी, क्योंकि इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले बिहार के राजनीतिक माहौल का संकेत देने वाले चुनाव के रूप में देखा जा रहा था।</span></p>
<h2><strong><span>इतिहास में कई नेताओं ने उपचुनाव से की थी वापसी</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारतीय राजनीति में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं, जब बड़े नेताओं ने आम चुनाव में हार के बाद उपचुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक वापसी दर्ज कराई। आचार्य कृपलानी ने 1952 में हार के बाद 1955 के उपचुनाव में जीत हासिल की। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने 1962 में हारने के बाद 1963 में संसद का रास्ता बनाया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी तरह इंदिरा गांधी ने 1977 के आम चुनाव में हार के बाद 1978 में चिकमंगलूर उपचुनाव जीतकर लोकसभा में वापसी की थी। अभिनेता से राजनेता बने राजेश खन्ना ने भी 1992 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। अब प्रशांत किशोर की जीत की तुलना भी इन्हीं राजनीतिक वापसी के उदाहरणों से की जा रही है, हालांकि हर दौर की परिस्थितियां अलग रही हैं।</span></p>
<h2><strong><span>प्रशांत किशोर की जीत के पीछे किन कारणों की चर्चा है?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कई कारणों पर चर्चा हो रही है। इनमें सबसे प्रमुख प्रशांत किशोर का लंबे समय तक चला जनसंपर्क अभियान माना जा रहा है। उन्होंने 2022 में पश्चिमी चंपारण से जन सुराज यात्रा शुरू की और करीब दो वर्षों तक बिहार के विभिन्न जिलों में लोगों से सीधे संवाद किया। बाद में 2024 में जन सुराज पार्टी का गठन किया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शिक्षा, रोजगार और स्थानीय मुद्दों को लगातार उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि युवाओं के बीच इन मुद्दों की चर्चा और लगातार जनसंपर्क ने उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाने में भूमिका निभाई। हालांकि, युवाओं की नाराजगी, विपक्षी वोटों के रुझान या अन्य चुनावी कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन पर कोई आधिकारिक चुनावी विश्लेषण उपलब्ध नहीं है।</span></p>
<h2><strong><span>क्या बिहार में विपक्ष को मिला नया विकल्प?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बिहार की राजनीति लंबे समय से भाजपा, जदयू और राजद के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में जन सुराज की इस जीत ने राज्य की राजनीति में एक नए विकल्प को लेकर चर्चा तेज कर दी है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम प्रशांत किशोर को विपक्षी राजनीति में अधिक मजबूत भूमिका निभाने का अवसर दे सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि किसी एक उपचुनाव के आधार पर पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा तय नहीं की जा सकती। आने वाले चुनाव ही बताएंगे कि यह जीत स्थायी जनसमर्थन में बदलती है या नहीं।</span></p>
<h2><strong><span>आगे की राजनीति पर क्यों रहेगी नजर?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा भाजपा और जन सुराज, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह संगठन और चुनावी रणनीति की समीक्षा का अवसर हो सकता है, जबकि जन सुराज के लिए यह अपने संगठन को मजबूत करने और नए क्षेत्रों में विस्तार का आधार बन सकता है।</span></p>
<p><span>फिलहाल इतना तय है कि प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक सीट का चुनावी परिणाम नहीं रह गई है। इसने बिहार की राजनीति में नई बहस जरूर शुरू कर दी है। अब सबकी नजर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर होगी, जहां यह स्पष्ट होगा कि बांकीपुर की जीत एक अपवाद थी या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Prashant Kishor Win: Bankipur Bypoll में BJP का 30 साल पुराना गढ़ टूटा, PK की जीत ने दिए बड़े राजनीतिक संकेत</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/prashant-kishor-win-bjps-30-year-old-bastion-breaks-in-bankipur-bypoll-pks-victory-gives-big-political-hints</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/prashant-kishor-win-bjps-30-year-old-bastion-breaks-in-bankipur-bypoll-pks-victory-gives-big-political-hints</guid>
<description><![CDATA[ Bankipur Bypoll में जन सुराज के Prashant Kishor ने BJP को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। 30 साल बाद इस सीट पर बदले राजनीतिक समीकरणों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 03 Aug 2026 18:55:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Prashant Kishor, BJP, Bihar Politics, Jan Suraaj</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>बिहार के </span><strong><span>Bankipur Bypoll</span></strong><span> का नतीजा सिर्फ एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहा। इस उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक </span><strong><span>प्रशांत किशोर (PK)</span></strong><span> ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराकर राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाली मानी जाने वाली इस सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर की जीत को आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस सीट पर भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी थी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। इसके बावजूद नतीजा भाजपा के पक्ष में नहीं गया और Bankipur की सियासी तस्वीर बदल गई।</span></p>
<h2><strong><span>Bankipur Bypoll का परिणाम क्यों बना चर्चा का विषय?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बिहार में केवल एक सीट पर उपचुनाव हुआ, लेकिन उसके परिणाम की चर्चा पटना से लेकर दिल्ली तक हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि Bankipur को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था। ऐसे में इस सीट पर मिली हार को विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रशांत किशोर के लिए यह जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर सीधे भाजपा को चुनौती दी और जीत दर्ज की।</span></p>
<h2><strong><span>किन वजहों पर हो रही है सबसे ज्यादा चर्चा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक गलियारों में इस जीत और भाजपा की हार को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और चुनावी चर्चाओं में जिन कारणों का सबसे अधिक उल्लेख किया जा रहा है, उनमें भाजपा के खिलाफ माहौल, छात्र आंदोलनों का असर, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों की चर्चा, स्थानीय असंतोष और उम्मीदवार चयन जैसे पहलू शामिल हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके अलावा कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी वोटों का बिखराव कम होना और प्रशांत किशोर की लगातार जनसभाओं ने भी चुनावी मुकाबले को प्रभावित किया। हालांकि इन सभी कारणों पर कोई आधिकारिक चुनावी अध्ययन या निर्वाचन आयोग का विश्लेषण उपलब्ध नहीं है।</span></p>
<h2><strong><span>Prashant Kishor की राजनीति के लिए क्या मायने रखती है यह जीत?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>जन सुराज पार्टी के लिए यह जीत राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से संगठन निर्माण में जुटे प्रशांत किशोर के लिए यह परिणाम उनके राजनीतिक अभियान को नई गति दे सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरी ओर भाजपा के लिए यह नतीजा संगठनात्मक समीक्षा का विषय बन सकता है, क्योंकि जिस सीट को पार्टी का मजबूत आधार माना जाता था, वहां उसे हार का सामना करना पड़ा।</span></p>
<h2><strong><span>Bihar Politics पर क्या पड़ सकता है असर?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि यह केवल एक विधानसभा उपचुनाव था, लेकिन इसके राजनीतिक मायने आने वाले चुनावों तक देखे जा सकते हैं। विपक्ष इसे बदलाव के संकेत के रूप में पेश कर सकता है, जबकि भाजपा के सामने अपने पारंपरिक वोट आधार को मजबूत बनाए रखने की चुनौती रहेगी।</span></p>
<p><span>आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि Bankipur Bypoll का यह परिणाम बिहार की व्यापक राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों पर कितना प्रभाव डालता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM Yogi : Shravan Month को सेवा और Water Conservation का जनअभियान बनाने की अपील</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/uttarpradesh/cm-yogi-appeal-to-make-shravan-month-a-jan-abhiyan-of-seva-and-water-conservation</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/state-news/uttarpradesh/cm-yogi-appeal-to-make-shravan-month-a-jan-abhiyan-of-seva-and-water-conservation</guid>
<description><![CDATA[ CM Yogi ने &#039;योगी की पाती&#039; में श्रावण मास को सेवा, स्वच्छता, Water Conservation और पर्यावरण संरक्षण का जनअभियान बनाने की अपील की। उन्होंने जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण पर जोर दिया। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202608/image_1200x675_6a6ffb64ef9d3.webp" length="35182" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 03 Aug 2026 07:53:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>CM Yogi, Shravan Month, Yogi Ki Paati, Amrit Sarovar</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>CM Yogi : </strong>श्रावण मास के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से सेवा, स्वच्छता, </span><strong><span>Water Conservation</span></strong><span> और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। अपनी मासिक अपील </span><strong><span>'योगी की पाती'</span></strong><span> में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक सहभागिता और लोकमंगल का संदेश देने वाला महीना भी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि श्रावण मास को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखें, बल्कि इसे समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर भी बनाएं। उनका कहना है कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने जैसे अभियानों को व्यापक सफलता मिल सकती है।</span></p>
<h2><strong><span>CM Yogi ने बताया श्रावण का आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>'योगी की पाती' में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव के समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विषपान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सृष्टि की रक्षा के लिए किए गए सर्वोच्च त्याग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिव को जल अर्पित करने की परंपरा भी त्याग, कृतज्ञता और जनकल्याण की भावना से जुड़ी हुई है।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr">मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,<br><br>श्रावण माह लोकमंगल, श्रम-सम्मान एवं सामूहिकता का पावन पर्व है। प्रकृति नवसृजन का संदेश देती है तथा अन्नदाता का परिश्रम हरित समृद्धि के रूप में फलीभूत होने लगता है। सनातन संस्कृति में प्रकृति का यही नवोन्मेष शिव-आराधना से जुड़कर जीवन को संयम, सेवा और… <a href="https://t.co/wA51a5CQgX">pic.twitter.com/wA51a5CQgX</a></p>
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) <a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2084077322186146122?ref_src=twsrc%5Etfw">August 3, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री के अनुसार भगवान शिव का स्वरूप प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देता है। श्रावण का महीना इसी भावना को जीवन में अपनाने का अवसर प्रदान करता है, जहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।</span></p>
<h2><strong><span>Water Conservation को बताया समय की सबसे बड़ी जरूरत</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंचतत्वों में जल जीवन का मूल आधार है और मौजूदा समय में </span><strong><span>Water Conservation</span></strong><span> सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 20 हजार अमृत सरोवर विकसित किए जा चुके हैं, जो जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने राजधानी लखनऊ की एक आवासीय सोसायटी का भी उल्लेख किया, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए प्रतिदिन हजारों लीटर पानी का भूजल पुनर्भरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए अन्य संस्थानों और नागरिकों से भी ऐसे प्रयास अपनाने की अपील की।</span></p>
<h2><strong><span>जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रकृति को लौटाने का भी लें संकल्प</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते दोहन के बीच केवल संसाधनों का उपयोग करना पर्याप्त नहीं है। प्रकृति से जितना लिया जाए, उतना उसे लौटाने का संकल्प भी जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में धरती हरियाली से आच्छादित हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई के दौरान सामूहिक श्रम भारतीय संस्कृति की साझी परंपरा को दर्शाता है। वहीं, श्रावण में शिवालयों में उमड़ने वाली श्रद्धा समाज में सेवा और सामाजिक समरसता की भावना को भी मजबूत करती है।</span></p>
<h2><strong><span>श्रावण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से श्रावण मास के दौरान सेवा, स्वच्छता, </span><strong><span>Water Conservation</span></strong><span>, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सद्भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक बूंद जल बचाने और प्रत्येक पौधे की रक्षा करने का संकल्प लेने का भी आग्रह किया।</span></p>
<p><span>मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि समाज प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जनभागीदारी की भावना के साथ आगे बढ़ेगा, तो यही प्रयास समृद्ध, सुरक्षित और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला साबित होंगे।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Public Examinations Amendment Bill 2026: पेपर लीक पर सख्ती की तैयारी, लोकसभा में पेश होगा संशोधन विधेयक</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/public-examinations-amendment-bill-2026-strict-preparation-on-paper-leak-amendment-bill-to-be-introduced-in-lok-sabha</link>
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<description><![CDATA[ Public Examinations Amendment Bill 2026: केंद्र सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधनों में फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच और पेपर लीक पर कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 27 Jul 2026 07:47:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Public Examinations Amendment Bill 2026, Paper Leak, Lok Sabha, Exam Leak Law, Education News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Public Examinations Amendment Bill 2026 :</span></strong><span> देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर उठी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार </span><strong><span>'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026'</span></strong><span> लोकसभा में पेश करने जा रही है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर अंकुश लगाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन </span><strong><span>'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024'</span></strong><span> के कुछ प्रावधानों को और प्रभावी बनाने के लिए लाया जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संबंध में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दी थी।</span></p>
<h2><strong><span>Public Examinations Amendment Bill 2026 में क्या हैं प्रमुख प्रस्ताव?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए </span><strong><span>फास्ट ट्रैक कोर्ट</span></strong><span> गठित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की जांच </span><strong><span>दो महीने के भीतर पूरी करने</span></strong><span> का लक्ष्य देने का प्रस्ताव भी शामिल है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, पेपर लीक के दोषियों के लिए </span><strong><span>कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा</span></strong><span> का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं, यदि मामला संगठित अपराध से जुड़ा पाया जाता है तो </span><strong><span>कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने</span></strong><span> का प्रस्ताव रखा गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>हालांकि, ये सभी प्रावधान विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों का हिस्सा हैं। अंतिम स्वरूप संसद की मंजूरी के बाद ही तय होगा।</span></strong></p>
<h2><strong><span>लोकसभा में होगी विस्तृत चर्चा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री </span><strong><span>डॉ. जितेंद्र सिंह</span></strong><span> लोकसभा में यह विधेयक पेश करेंगे। सदन में इस पर कई घंटे चर्चा होने की संभावना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>संसदीय सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ </span><strong><span>राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)</span></strong><span> ने चर्चा के दौरान अपने कई सांसदों को भाग लेने की जिम्मेदारी दी है। विभिन्न दलों के सांसद भी विधेयक पर अपनी राय रख सकते हैं।</span></p>
<h2><strong><span>कौन-कौन ले सकता है चर्चा में हिस्सा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>संसदीय सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से </span><strong><span>बांसुरी स्वराज</span></strong><span> और </span><strong><span>तेजस्वी सूर्या</span></strong><span> चर्चा में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न सहयोगी दलों और अन्य पार्टियों के सांसदों के भी अपने विचार रखने की संभावना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अंतिम वक्ताओं की सूची सदन की कार्यवाही और अध्यक्ष की अनुमति के अनुसार बदल सकती है।</span></p>
<h2><strong><span>शिक्षा मंत्रालय में बदलाव के बीच आएगा विधेयक</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह विधेयक ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। नए शिक्षा मंत्री ने पदभार संभालने के बाद मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें शुरू की हैं। माना जा रहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।</span></p>
<h2><strong><span>पेपर लीक पर सख्त कानून की दिशा में कदम</span></strong></h2>
<p><span>हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग लगातार उठती रही है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा में उनका कार्यकाल, जानिए शिक्षा मंत्री रहते क्या बदला और किन विवादों में रहे घिरे</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/after-dharmendra-pradhans-resignation-his-tenure-in-the-discussion-know-what-changed-when-he-was-the-education-minister-and-what-controversies-were-surrounded</link>
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<description><![CDATA[ Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, CUET और डिजिटल शिक्षा जैसे बड़े बदलाव हुए। वहीं NEET समेत कई परीक्षाओं को लेकर विवाद भी सामने आए। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 26 Jul 2026 07:48:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Dharmendra Pradhan Resignation, NEET Paper Leak, NEP 2020, CUET UG, NCERT, UGC, Education News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span><a href="https://www.newstvindia.in/tag/dharmendra-pradhan-resignation">Dharmendra Pradhan Resignation</a> :</span></strong><span> केंद्रीय शिक्षा मंत्री </span><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong><span> के इस्तीफे के बाद उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और विवादों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। उनके कार्यकाल में जहां </span><strong><span>राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020)</span></strong><span> को तेजी से लागू करने, </span><strong><span>CUET</span></strong><span> जैसी नई परीक्षा व्यवस्था शुरू करने और उच्च शिक्षा में कई संरचनात्मक बदलाव किए गए, वहीं </span><strong><span>NEET</span></strong><span> समेत राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को तीखी आलोचना का भी सामना करना पड़ा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस जारी है। </span><strong><span>हालांकि, सरकार की ओर से इस्तीफे के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।</span></strong></p>
<h2><strong><span>Dharmendra Pradhan Resignation: कार्यकाल में हुए ये बड़े बदलाव</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लागू किए गए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सबसे बड़ा बदलाव </span><strong><span>कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG)</span></strong><span> की शुरुआत को माना गया। इसका उद्देश्य देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया को अधिक समान और पारदर्शी बनाना था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी दौरान </span><strong><span>राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020</span></strong><span> के कई प्रावधानों को लागू करने की दिशा में भी तेजी दिखाई गई। मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, </span><strong><span>एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स</span></strong><span>, चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम और कौशल आधारित शिक्षा जैसे सुधार इसी अवधि में आगे बढ़े।</span></p>
<h2><strong><span>NCERT की नई किताबें और डिजिटल शिक्षा पर जोर</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शिक्षा मंत्रालय ने NCERT की नई पुस्तकों को तैयार करने और उनकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए। सरकार के अनुसार, छपाई क्षमता बढ़ने से किताबों की उपलब्धता में सुधार हुआ और लागत कम करने का प्रयास किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके साथ ही डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन शिक्षा और तकनीक आधारित शिक्षण मॉडल को भी बढ़ावा दिया गया।</span></p>
<h2><strong><span>विदेशी विश्वविद्यालयों और नियामक सुधार की पहल</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश में विदेशी विश्वविद्यालयों को कैंपस स्थापित करने की दिशा में भी पहल हुई। सरकार का उद्देश्य भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देश में उपलब्ध कराना बताया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उच्च शिक्षा के नियमन को सरल बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव सामने आए। इसी क्रम में विभिन्न नियामक संस्थाओं के ढांचे में बदलाव से जुड़े विधायी प्रयास किए गए।</span></p>
<h2><strong><span>NEET और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवाल</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद रहे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>NEET-UG</span></strong><span> समेत कुछ परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे। इन मामलों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई तथा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। कई मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप भी हुआ और परीक्षा प्रक्रिया पर व्यापक बहस छिड़ी।</span></p>
<h2><strong><span>अन्य नीतियों पर भी हुआ विरोध</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ अन्य फैसलों पर भी विभिन्न राज्यों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने आपत्तियां दर्ज कराईं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>त्रिभाषा नीति</span></strong><span> को लेकर विशेष रूप से तमिलनाडु समेत कुछ राज्यों में विरोध देखने को मिला। आलोचकों ने इसे भाषा नीति से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि केंद्र सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.newstvindia.in/india/dharmendra-pradhan-resignation-amit-shah-says-not-posts-for-bjp-workers-country-and-youth-first"><span>Dharmendra Pradhan Resignation: अमित शाह बोले- BJP कार्यकर्ताओं के लिए पद नहीं, देश और युवा सबसे पहले</span></a></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी तरह </span><strong><span>UGC Equity Regulations</span></strong><span> के मसौदे पर भी विभिन्न संगठनों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सरकार और आलोचकों के बीच इस विषय पर अलग-अलग मत सामने आए।</span></p>
<h2><strong><span>कार्यकाल उपलब्धियों और चुनौतियों दोनों के लिए रहेगा याद</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल शिक्षा क्षेत्र में कई संरचनात्मक बदलावों के लिए याद किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा में सुधार की दिशा में सरकार ने कई पहल कीं।</span></p>
<p><span>वहीं, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े किए। ऐसे में उनका कार्यकाल उपलब्धियों और चुनौतियों दोनों के लिए लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, सरकार के आश्वासन के बाद बनी सहमति</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/sonam-wangchuk-ends-hunger-strike-after-26-days</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/sonam-wangchuk-ends-hunger-strike-after-26-days</guid>
<description><![CDATA[ Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends के तहत पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया। सरकार के आश्वासन और आंदोलनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 07:36:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends, Sonam Wangchuk News, JP Nadda, Jitendra Singh, Hunger Strike, Student Protest</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends :</span></strong><span> पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता </span><strong><span>सोनम वांगचुक</span></strong><span> ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम स्थित </span><strong><span>मेदांता अस्पताल</span></strong><span> में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span> और केंद्रीय राज्य मंत्री </span><strong><span>डॉ. जितेंद्र सिंह</span></strong><span> की मौजूदगी में उन्हें जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया गया। लंबे समय से जारी गतिरोध के बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने के बाद यह फैसला लिया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अनशन समाप्त होने के साथ ही वांगचुक ने देशभर के छात्रों और अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।</span></p>
<h2><strong><span>Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: कैसे बनी सहमति?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और बाद में अदालत के निर्देश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>गुरुवार देर रात सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span>, </span><strong><span>डॉ. जितेंद्र सिंह</span></strong><span> और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्थाओं के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… <a href="https://t.co/RFCet7Oksy">pic.twitter.com/RFCet7Oksy</a></p>
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) <a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427?ref_src=twsrc%5Etfw">July 23, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><strong><span>किन आश्वासनों के बाद टूटा अनशन?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अनशन समाप्त करने के बाद जारी अपने बयान में सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब </span><strong><span>65 सांसदों</span></strong><span> ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने बताया कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। वांगचुक के अनुसार, सरकार ने आंदोलनकारियों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ </span><strong><span>किसी भी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन</span></strong><span> दिया। उन्होंने कहा कि इसी भरोसे के बाद उन्होंने अपना उपवास समाप्त करने का निर्णय लिया।</span></p>
<h2><strong><span>युवाओं और समर्थकों से की खास अपील</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अनशन खत्म करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने छात्रों, युवाओं और अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए और किसी के उकसावे में आकर कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं करनी चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वांगचुक ने यह भी कहा कि सरकार के साथ जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उनका विस्तृत विवरण वह जल्द ही एक वीडियो संदेश के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे।</span></p>
<h2><strong><span>सरकार की ओर से क्या संकेत मिले?</span></strong></h2>
<p><span>अनशन समाप्त होने के दौरान केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span> और </span><strong><span>डॉ. जितेंद्र सिंह</span></strong><span> की मौजूदगी को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सकारात्मक संवाद का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, बातचीत में शामिल सभी बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>NEET Controversy In Parliament: राज्यसभा में NEET पर फिर हंगामा, किरेन रिजिजू बोले&#45; सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष शर्तों पर अड़ा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/neet-controversy-in-parliament-ruckus-in-rajya-sabha-over-neet-again-kiren-rijiju-says-govt-ready-for-debate-opposition-adamant-on-terms</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/neet-controversy-in-parliament-ruckus-in-rajya-sabha-over-neet-again-kiren-rijiju-says-govt-ready-for-debate-opposition-adamant-on-terms</guid>
<description><![CDATA[ NEET Controversy In Parliament के बीच राज्यसभा में फिर हंगामा हुआ। किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202607/image_1200x675_6a61eeba3ea9b.webp" length="79742" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 16:08:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>NEET Controversy In Parliament, NEET Scam, Rajya Sabha, Kiren Rijiju, Dharmendra Pradhan, Parliament Monsoon Session, Paper Leak</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>NEET Controversy In Parliament :</span></strong><span> संसद के मानसून सत्र में </span><strong><span>NEET परीक्षा विवाद</span></strong><span> को लेकर जारी राजनीतिक टकराव गुरुवार को भी थमता नहीं दिखा। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह NEET और पेपर लीक से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री </span><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong><span> के इस्तीफे की मांग पर अडिग रहा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी मुद्दे पर सदन में लगातार हंगामे की स्थिति बनी रही और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गतिरोध के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।</span></p>
<h2><strong><span>NEET Controversy In Parliament पर सरकार ने दोहराया अपना रुख</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री </span><strong><span>किरेन रिजिजू</span></strong><span> ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सहयोगी दल NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। उनके मुताबिक सरकार ने पहले दिन से ही स्पष्ट किया है कि वह किसी भी विषय पर सदन में खुली बहस के पक्ष में है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिजिजू ने कहा कि चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए पहले से शर्तें रखना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा की मांग तो कर रहा है, लेकिन ऐसी शर्तें भी जोड़ रहा है जिनकी वजह से सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है।</span></p>
<h2><strong><span>'बिना शर्त चर्चा हो', रिजिजू की विपक्ष से अपील</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि गतिरोध समाप्त करने के लिए सरकार की ओर से विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, खासकर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष </span><strong><span>मल्लिकार्जुन खड़गे</span></strong><span>, से संपर्क किया गया था। सरकार ने सुझाव दिया था कि चर्चा का समय और स्वरूप आपसी सहमति से तय किया जा सकता है, लेकिन बहस शुरू करने के लिए किसी तरह की पूर्व शर्त नहीं होनी चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिजिजू ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे बिना किसी शर्त के सदन में चर्चा में भाग लेना चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.newstvindia.in/india/parliament-monsoon-session-nda-congress-face-off-over-poster-war-rahul-gandhis-protest-and-paper-leak-in-parliament">Parliament Monsoon Session: संसद में पोस्टर वॉर, राहुल गांधी के प्रदर्शन और पेपर लीक पर NDA-विपक्ष आमने-सामने</a></span></p>
<h2><strong><span>प्रधानमंत्री मोदी के बयान का किया जिक्र</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सदन में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री </span><strong><span>नरेंद्र मोदी</span></strong><span> के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए </span><strong><span>फास्ट ट्रैक अदालतें</span></strong><span> स्थापित करने की बात कही है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।</span></p>
<h2><strong><span>विपक्ष बोला- पहले इस्तीफा, फिर चर्चा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार की अपील के बावजूद विपक्ष अपने रुख से पीछे हटता नजर नहीं आया। विपक्षी दलों का कहना है कि NEET परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री </span><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong><span> को लेनी चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>विपक्षी सांसदों ने मांग दोहराई कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक इस मुद्दे पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। इसी मांग को लेकर सदन में नारेबाजी और विरोध जारी रहा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-on-paper-leak-fast-track-court-to-be-set-up-for-hearing-paper-leak-cases-big-announcement-by-pm">PM Modi On Paper Leak: पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान</a></span></p>
<h2><strong><span>गतिरोध से प्रभावित हो रही कार्यवाही</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मानसून सत्र के दौरान NEET और पेपर लीक का मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच सबसे बड़े राजनीतिक विवादों में शामिल हो गया है। एक ओर सरकार बिना शर्त चर्चा की बात कर रही है, वहीं विपक्ष पहले जवाबदेही तय करने की मांग पर जोर दे रहा है।</span></p>
<p><span>ऐसे में सदन के भीतर सहमति बनने तक इस मुद्दे पर टकराव जारी रहने के संकेत हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों पक्ष किसी साझा रास्ते पर पहुंचते हैं या मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी कार्यवाही इसी तरह हंगामे की भेंट चढ़ती रहती है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोकसभा में हंगामे के बीच TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर बड़ी कार्रवाई, पूरे मॉनसून सत्र से किए गए निलंबित</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/tmc-mp-kalyan-banerjee-suspended-from-monsoon-session-amid-uproar-in-lok-sabha</link>
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<description><![CDATA[ Kalyan Banerjee को कथित आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणी के आरोप में लोकसभा से मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। जानिए पूरा मामला और संसद में क्या हुआ। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 08:03:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Kalyan Banerjee, TMC, Lok Sabha, Parliament News, Monsoon Session, Suspension</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Kalyan Banerjee :</span></strong><span> संसद के मॉनसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद </span><strong><span>कल्याण बनर्जी</span></strong><span> के खिलाफ लोकसभा में बड़ी कार्रवाई की गई। कथित तौर पर अपनी पार्टी से अलग हो चुकी एक महिला सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणी करने के आरोप में उन्हें </span><strong><span>मॉनसून सत्र की शेष अवधि</span></strong><span> के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>अर्जुन राम मेघवाल</span></strong><span> ने सदन में निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे लोकसभा ने मंजूरी दे दी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस कार्रवाई के बाद सदन में हंगामा भी देखने को मिला। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही जारी रही।</span></p>
<h2><strong><span>Kalyan Banerjee पर क्या हैं आरोप?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बताया गया कि बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हुई, तब कल्याण बनर्जी की अपनी पूर्व पार्टी सहयोगी सांसदों के साथ तीखी बहस हो गई। इनमें </span><strong><span>मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार</span></strong><span> शामिल थीं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी दौरान कल्याण बनर्जी पर कथित तौर पर एक महिला सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणी करने का आरोप लगा। हालांकि, विवाद किस मुद्दे से शुरू हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।</span></p>
<h2><strong><span>लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी गई शिकायत</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>घटना के बाद मौजूद अन्य विपक्षी सांसदों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद कल्याण बनर्जी सदन से बाहर चले गए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरी ओर, संबंधित सांसदों ने </span><strong><span>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला</span></strong><span> से मुलाकात कर मामले की लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के आधार पर सदन में इस मुद्दे को उठाया गया और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।</span></p>
<h2><strong><span>कैसे हुआ निलंबन का फैसला?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>लोकसभा में केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>अर्जुन राम मेघवाल</span></strong><span> ने कल्याण बनर्जी को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद उन्हें मॉनसून सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>संसदीय नियमों के तहत निलंबन के दौरान संबंधित सांसद सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।</span></p>
<h2><strong><span>TMC से अलग हुए कई सांसद</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में तृणमूल कांग्रेस को झटका लगा है। पार्टी से अलग हुए कई सांसदों और विधायकों ने </span><strong><span>नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI)</span></strong><span> का दामन थाम लिया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्ट के अनुसार, TMC के </span><strong><span>20 सांसद</span></strong><span> इस नए दल में शामिल हो चुके हैं और अब लोकसभा में अलग बैठते हैं। NCPI ने केंद्र की </span><strong><span>राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)</span></strong><span> सरकार और प्रधानमंत्री </span><strong><span>नरेंद्र मोदी</span></strong><span> को समर्थन देने का ऐलान भी किया है।</span></p>
<h2><strong><span>सियासी हलकों में बढ़ी चर्चा</span></strong></h2>
<p><span>कल्याण बनर्जी के निलंबन ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। एक ओर इसे संसदीय मर्यादा से जुड़ा मामला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर चल रहे बदलावों के संदर्भ में भी इसे देखा जा रहा है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>NEET Paper Leak: सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष शर्तें बदलना बंद करे; जेपी नड्डा का बड़ा बयान</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/neet-paper-leak-govt-ready-to-discuss-stop-changing-opposition-terms-big-statement-from-jp-nadda</link>
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<description><![CDATA[ NEET Paper Leak मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में 12 या 18 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बार-बार शर्तें बदलने के बजाय सकारात्मक बहस में शामिल होने की अपील की। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:26:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>NEET Paper Leak, JP Nadda, Parliament News, Paper Leak News, Rahul Gandhi, BJP</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><a href="https://www.newstvindia.in/tag/neet-paper-leak"><strong>NEET Paper Leak</strong></a> और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्र सरकार ने संसद में विस्तृत चर्चा की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span> ने बुधवार को कहा कि सरकार इस मुद्दे पर खुलकर बहस करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह बार-बार अपनी शर्तें बदलने के बजाय संसद में चर्चा में हिस्सा ले और छात्रों के हित में समाधान निकालने की दिशा में सहयोग करे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसलिए इस पर संसद जैसे लोकतांत्रिक मंच पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।</span></p>
<h2><strong><span>NEET Paper Leak पर सरकार का प्रस्ताव, जितनी देर चाहें बहस कर लें</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा, </span><strong><span>"विपक्ष चाहे तो 12 घंटे चर्चा करे, चाहे 18 घंटे, सरकार हर तरह की बहस के लिए तैयार है। चर्चा कितनी देर चलेगी, इसका फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी और विपक्ष मिलकर कर सकते हैं।"</span></strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr">INDI गठबंधन का व्यवहार बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना है। उनकी प्रजातांत्रिक विरोधी गतिविधि साफ-साफ संसद में दिख रही है। वे संसद की मर्यादाओं को तार-तार करके ये प्रजातांत्रिक मूल्यों का हनन कर रहे हैं। <br><br>हमारी सरकार हर मुद्दे के साथ-साथ नीट में पेपर लीक और उससे निकलने वाली सारी… <a href="https://t.co/muKjOuy002">pic.twitter.com/muKjOuy002</a></p>
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) <a href="https://x.com/JPNadda/status/2079855334555033681?ref_src=twsrc%5Etfw">July 22, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि संसद ही ऐसा मंच है जहां सभी पक्ष अपनी बात रख सकते हैं और समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.newstvindia.in/india/clash-in-parliament-over-paper-leak-issue-opposition-demands-reply-from-education-minister-also-demands-resignation">Paper Leak मुद्दे पर संसद में टकराव, विपक्ष ने शिक्षा मंत्री से मांगा जवाब; इस्तीफे की भी उठी मांग</a></p>
<h2><strong><span>'छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है'</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, </span><strong><span>"बच्चे हमारे भी हैं, आपके भी हैं और देश का भविष्य भी हैं। उनकी चिंता करना हम सभी की जिम्मेदारी है।"</span></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर रचनात्मक भूमिका निभाए और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दे।</span></p>
<h2><strong><span>राहुल गांधी के आरोपों पर दिया जवाब</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी की ओर से संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं किसी एक सरकार या एक राज्य तक सीमित नहीं रही हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि </span><strong><span>जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक</span></strong><span> समेत कई राज्यों में अलग-अलग समय पर पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार, यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे सभी राज्यों में हुई घटनाओं पर समान रूप से चर्चा करनी चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.newstvindia.in/india/neet-paper-leak-three-demands-from-rahul-gandhis-central-government-from-education-ministers-resignation-to-pms-apology">NEET Paper Leak: राहुल गांधी की केंद्र सरकार से तीन मांगें, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर पीएम की माफी तक</a></span></p>
<h2><strong><span>'विपक्ष बार-बार शर्तें बदलना बंद करे'</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों और शर्तों में बदलाव करता रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में बहस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसी माध्यम से गंभीर मुद्दों का समाधान निकाला जाना चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय परीक्षा प्रणाली में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।</span></p>
<h2><strong><span>CJP आंदोलन और सोनम वांगचुक पर भी बोले</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने </span><a href="https://www.newstvindia.in/tag/cockroach-janta-party"><strong><span>कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)</span></strong></a><span> के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। यदि उनकी ओर से कोई लिखित प्रस्ताव आता है तो सरकार उस पर विचार करेगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सामाजिक कार्यकर्ता </span><strong><span>सोनम वांगचुक</span></strong><span> से मुलाकात के सवाल पर नड्डा ने कहा कि उन्होंने उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनका पत्र भी प्राप्त किया है।</span></p>
<h2><strong><span>शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार का रुख</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>केंद्रीय शिक्षा मंत्री </span><a href="https://www.newstvindia.in/tag/dharmendra-pradhan"><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong></a><span> के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसे विषयों का समाधान इस्तीफे की मांग से नहीं, बल्कि संसद में चर्चा और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने दोहराया कि सरकार इस मुद्दे पर हर तरह की बहस के लिए तैयार है और संसद के माध्यम से ही आगे का रास्ता निकाला जाना चाहिए।</span></p>
<p><strong><span>समाचार लिखे जाने तक</span></strong><span> विपक्ष की ओर से जेपी नड्डा के ताजा बयान पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है और संसद में आगे होने वाली चर्चा पर सभी की नजर बनी हुई है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Ram Mandir Trust Meeting: सीईओ चयन के लिए एक महीने का और समय, ट्रस्ट ने प्रवक्ता नियुक्त करने समेत लिए कई बड़े फैसले</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/ram-mandir-trust-meeting-one-month-more-time-for-ceo-selection-trust-takes-major-decisions-including-appointing-spokesperson</link>
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<description><![CDATA[ Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सीईओ चयन, चढ़ावा व्यवस्था, SBI के साथ एमओयू, धार्मिक समिति के पुनर्गठन और प्रवक्ता नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:19:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Ram Mandir Trust Meeting, Ayodhya Ram Mandir, Ram Janmabhoomi Trust, Ram Mandir CEO, Ayodhya News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Ram Mandir Trust Meeting :</span></strong><span> श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासी मंडल की बैठक में मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भविष्य की व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सबसे अहम निर्णय </span><strong><span>मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)</span></strong><span> की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर रहा। ट्रस्ट ने चयन समिति को प्रक्रिया पूरी करने के लिए </span><strong><span>एक महीने का अतिरिक्त समय</span></strong><span> देने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा चढ़ावा व्यवस्था, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए समझौते की समीक्षा, धार्मिक समिति के पुनर्गठन और ट्रस्ट के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने जैसे मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रस्ट ने प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।</span></p>
<h2><strong><span>Ram Mandir Trust Meeting: सीईओ चयन प्रक्रिया क्यों बढ़ाई गई?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में ट्रस्ट को बताया गया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति ने सभी आवेदनों का विस्तृत परीक्षण करने और उपयुक्त उम्मीदवार के चयन के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>न्यासी मंडल ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए समिति को </span><strong><span>एक महीने का अतिरिक्त समय</span></strong><span> दे दिया। ट्रस्ट का कहना है कि इस दौरान मंदिर के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसलिए अस्थायी रूप से </span><strong><span>एक सचिव नियुक्त करने</span></strong><span> का भी निर्णय लिया गया है।</span></p>
<h2><strong><span>चढ़ावा व्यवस्था और एसआईटी जांच पर क्या हुई चर्चा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में मंदिर में आने वाले </span><strong><span>चढ़ावे की गणना</span></strong><span> से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने बताया कि इस मामले में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे </span><strong><span>विशेष जांच दल (SIT)</span></strong><span> की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी कारण इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि इस मामले से जुड़ी कुछ याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं और बैठक में न्यायालय के आदेशों का भी संज्ञान लिया गया।</span></p>
<h2><strong><span>SBI के साथ एमओयू की समीक्षा, वित्त समिति को दिए गए निर्देश</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में </span><strong><span>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)</span></strong><span> के साथ हुए एमओयू की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट के अनुसार, बैंक की जिम्मेदारियों के पालन में सामने आई कुछ त्रुटियों पर विस्तार से चर्चा हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>न्यासी मंडल ने इन मुद्दों पर बैंक की प्रतिक्रिया पर असंतोष जताते हुए ट्रस्ट की वित्त समिति को भविष्य की प्रक्रिया और बैंक के साथ कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए।</span></p>
<h2><strong><span>सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था पर ट्रस्ट ने जताया संतोष</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रद्धालुओं की सुरक्षा और चढ़ावा व्यवस्था की पारदर्शिता को देखते हुए बैठक में मंदिर परिसर में लगे </span><strong><span>सीसीटीवी कैमरों</span></strong><span> की भी समीक्षा की गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>ट्रस्ट के अनुसार, चढ़ावा गणना कक्ष सहित सभी संवेदनशील स्थानों के कैमरों की पहुंच संबंधित सुरक्षा अधिकारियों के पास पहले से उपलब्ध है। न्यासी मंडल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया और इसे जारी रखने का फैसला किया।</span></p>
<h2><strong><span>सोने-चांदी के चढ़ावे की जांच पहले की तरह जारी रहेगी</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>ट्रस्ट ने यह भी निर्णय लिया कि सोने और चांदी के रूप में मिलने वाले चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता की जांच </span><strong><span>भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)</span></strong><span> की सहायक संस्था की टकसाल (मिंट) के माध्यम से पहले की तरह जारी रहेगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>ट्रस्ट का कहना है कि इससे चढ़ावे की जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।</span></p>
<h2><strong><span>मीडिया से नियमित संवाद के लिए नियुक्त होगा आधिकारिक प्रवक्ता</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में यह महसूस किया गया कि ट्रस्ट की गतिविधियों और निर्णयों को लेकर समाज और मीडिया तक आधिकारिक जानकारी समय पर पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य से ट्रस्ट ने </span><strong><span>आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने</span></strong><span> का फैसला किया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके साथ ही न्यासी मंडल के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है।</span></p>
<h2><strong><span>धार्मिक समिति का पुनर्गठन, कई संत बनाए गए सदस्य</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मंदिर में पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने </span><strong><span>धार्मिक समिति का पुनर्गठन</span></strong><span> किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>नई समिति की अध्यक्षता </span><strong><span>स्वामी श्री गोविंद देव गिरि जी</span></strong><span> करेंगे। समिति में विभिन्न पीठों और प्रमुख धार्मिक संस्थानों से जुड़े कई संतों और महंतों को सदस्य बनाया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि समिति मंदिर में धार्मिक परंपराओं और अनुष्ठानों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देगी।</span></p>
<h2><strong><span>श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर ट्रस्ट का दावा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में ट्रस्ट ने कहा कि विभिन्न प्रकार के आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद </span><strong><span>राम मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।</span></strong><span> ट्रस्ट ने इसे देश-विदेश के रामभक्तों की आस्था का प्रतीक बताया और संत समाज, स्थानीय नागरिकों तथा श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।</span></p>
<p><span>श्रावण मास को देखते हुए ट्रस्ट का कहना है कि दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगातार जारी रहेंगी।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>NEET Paper Leak: राहुल गांधी की केंद्र सरकार से तीन मांगें, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर पीएम की माफी तक</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/neet-paper-leak-three-demands-from-rahul-gandhis-central-government-from-education-ministers-resignation-to-pms-apology</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/neet-paper-leak-three-demands-from-rahul-gandhis-central-government-from-education-ministers-resignation-to-pms-apology</guid>
<description><![CDATA[ NEET Paper Leak: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने की मांग की। जानिए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>NEET Paper Leak, Rahul Gandhi, Dharmendra Pradhan, NEET News, Congress News, Education Minister</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>NEET Paper Leak</strong> और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष </span><strong><span>राहुल गांधी</span></strong><span> ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने </span><strong><span>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे</span></strong><span>, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और </span><strong><span>प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी</span></strong><span> मांगने की मांग की।</span></p>
<h2><strong><span>NEET Paper Leak: राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने कहा कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के बीच शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप था कि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने में विफल रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी मांग की कि पेपर लीक और छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जाए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को देखते हुए प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।</span></p>
<h3><span>शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उनके परिवार आर्थिक रूप से भी बड़ा निवेश करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी मेहनत पर असर डालती हैं।</span></p>
<h3><span>152 पेपर लीक की घटनाओं का किया दावा</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले </span><strong><span>10 वर्षों में 152 पेपर लीक</span></strong><span> की घटनाएं हुई हैं, जिससे करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि, राहुल गांधी द्वारा बताए गए इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की जा सकती।</span></p>
<h3><span>छात्रों के आंदोलन का किया समर्थन</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में है और उनकी मांग निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।</span></p>
<h3><span>सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार</span></h3>
<p><span>समाचार लिखे जाने तक राहुल गांधी के आरोपों और मांगों पर </span><strong><span>केंद्र सरकार</span></strong><span> या </span><strong><span>केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय</span></strong><span> की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CJP Protest: अभिजीत दिपके बोले&#45; हमारा प्रदर्शन सिर्फ जंतर&#45;मंतर पर, उपद्रवियों से कोई संबंध नहीं</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/cjp-protest-abhijit-dipke-says-our-protest-only-at-jantar-mantar-has-nothing-to-do-with-miscreants</link>
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<description><![CDATA[ CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके ने कहा कि पार्टी ने केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में हुई घटना को लेकर अपना पक्ष भी रखा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 07:41:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>CJP Protest, Abhijeet Dipke, Delhi Protest, Delhi Police, Jantar Mantar, New Delhi News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>CJP Protest :</span></strong><span> कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि पार्टी ने अपने समर्थकों को केवल </span><strong><span>जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन</span></strong><span> के लिए बुलाया था। पार्टी का कहना है कि राजधानी के अन्य हिस्सों में किसी भी तरह के प्रदर्शन या जुटान का आह्वान नहीं किया गया था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सीजेपी नेता </span><strong><span>अभिजीत दिपके</span></strong><span> ने वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व दिल्ली के अन्य इलाकों में उपद्रव फैलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।</span></p>
<h2><strong><span>CJP Protest: अभिजीत दिपके ने समर्थकों से क्या अपील की?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अभिजीत दिपके ने अपने संदेश में पार्टी समर्थकों से अपील की कि वे केवल जंतर-मंतर पर आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हों और किसी भी तरह की अफवाह या भड़कावे में न आएं। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास करती है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दिपके ने यह भी कहा कि यदि कहीं अन्य स्थानों पर हिंसा या उपद्रव की घटनाएं होती हैं तो उन्हें CJP से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।</span></p>
<h3><span>नई दिल्ली की घटना पर दिल्ली पुलिस का क्या कहना है?</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>दिल्ली पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब </span><strong><span>8 बजे</span></strong><span> कुछ युवकों का एक समूह नई दिल्ली क्षेत्र में बैरिकेड्स के पास पहुंचा। पुलिस का कहना है कि इस दौरान बैरिकेड्स गिराए गए और पुलिस बल पर पथराव किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पुलिस के मुताबिक, जवानों ने संयम बरतते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कुछ देर बाद भीड़ वहां से चली गई और स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस ने यह भी कहा कि इस दौरान </span><strong><span>बल प्रयोग नहीं किया गया</span></strong><span> और कुछ ही मिनटों में हालात नियंत्रण में आ गए।</span></p>
<h3><span>विपक्षी नेताओं का भी हुआ था प्रदर्शन</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>मंगलवार को विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री </span><strong><span>जितेंद्र सिंह</span></strong><span> ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष </span><strong><span>राहुल गांधी</span></strong><span> से बातचीत कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को वहां से हटाया और अलग-अलग स्थानों पर ले गई। पुलिस के अनुसार, देर रात सभी नेताओं को छोड़ दिया गया।</span></p>
<h3><span>दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>जहां </span><strong><span>CJP</span></strong><span> का कहना है कि उसका प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर तक सीमित था और उपद्रवियों से उसका कोई संबंध नहीं है, वहीं </span><strong><span>दिल्ली पुलिस</span></strong><span> ने नई दिल्ली क्षेत्र में हुई घटना को लेकर अपनी अलग जानकारी साझा की है।</span></p>
<p><span>फिलहाल, पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित एजेंसियां अपनी-अपनी जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Paper Leak Credit War: पेपर लीक आंदोलन पर विपक्ष में बढ़ी सियासी खींचतान, राहुल, अखिलेश और AAP के बीच श्रेय की जंग</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/paper-leak-credit-war-political-tussle-escalates-in-opposition-over-paper-leak-movement-credit-war-between-rahul-akhilesh-and-aap</link>
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<description><![CDATA[ Paper Leak Credit War: पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के बीच विपक्षी दलों के बीच श्रेय की राजनीति तेज हो गई है। जानिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के अलग-अलग रुख की पूरी कहानी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 23:22:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Paper Leak Credit War, Paper Leak Protest, Rahul Gandhi News, Akhilesh Yadav, AAP News, Student Protest</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Paper Leak Credit War : </strong><span>पेपर लीक का मुद्दा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। जब कोई भर्ती परीक्षा रद्द होती है तो उसका असर केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि महीनों और कई बार वर्षों की तैयारी भी प्रभावित होती है। इसी वजह से इस मुद्दे पर छात्रों का विरोध लगातार तेज होता रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि, हालिया घटनाक्रम में आंदोलन का केंद्र छात्रों की मांगों से हटकर राजनीतिक दलों की सक्रियता पर आ गया। अब चर्चा इस बात पर भी हो रही है कि छात्रों की आवाज सबसे पहले किसने उठाई और इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा।</span></p>
<h2><strong><span>Paper Leak Credit War: छात्रों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच क्यों बढ़ी सियासी प्रतिस्पर्धा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>छात्रों के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता </span><strong><span>राहुल गांधी</span></strong><span> प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष </span><strong><span>मल्लिकार्जुन खरगे</span></strong><span>, </span><strong><span>प्रियंका गांधी वाड्रा</span></strong><span> और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कुछ समय बाद पुलिस ने राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लिया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और शांतिपूर्ण विरोध को रोका गया। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष </span><strong><span>अखिलेश यादव</span></strong><span> भी मौके पर पहुंचे। उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लिया। समाजवादी पार्टी ने इसे छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता बताया, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के भीतर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश भी इस घटनाक्रम का हिस्सा रही।</span></p>
<h3><span>आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी और अखिलेश यादव की सक्रियता के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना था कि जब छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे, तब कांग्रेस के शीर्ष नेता सक्रिय नहीं दिखे। उनका आरोप था कि मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने के बाद कांग्रेस आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कांग्रेस ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि वह शुरुआत से ही छात्रों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगती रही है।</span></p>
<h3><span>आंदोलन के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी बनी चर्चा का विषय</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री आवास और संसद के आसपास का इलाका अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वहां प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से तय नियमों का पालन जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरी ओर विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार विरोध प्रदर्शन की लोकतांत्रिक आवाज को सीमित करने की कोशिश कर रही है।</span></p>
<h3><span>असली मुद्दा कहीं पीछे तो नहीं छूट रहा?</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जिस आंदोलन की शुरुआत परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग से हुई थी, क्या वह अब राजनीतिक बहस में दबता जा रहा है?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों का समर्थन स्वाभाविक है, लेकिन आंदोलन का मूल उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। यदि बहस केवल राजनीतिक श्रेय तक सीमित रह जाती है, तो परीक्षा सुधार, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे अहम मुद्दे पीछे छूट सकते हैं।</span></p>
<p><span>फिलहाल पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बहस का परिणाम परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों के समाधान के रूप में सामने आता है या फिर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाता है.</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Rajasthan Mineral Block Auction: राजस्थान ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 141 खनिज ब्लॉकों की ई&#45;नीलामी में देश में हासिल किया पहला स्थान</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/rajasthan/rajasthan-mineral-block-auction-rajasthan-sets-national-record-ranks-first-in-the-country-in-e-auction-of-141-mineral-blocks</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/state-news/rajasthan/rajasthan-mineral-block-auction-rajasthan-sets-national-record-ranks-first-in-the-country-in-e-auction-of-141-mineral-blocks</guid>
<description><![CDATA[ Rajasthan Mineral Block Auction: राजस्थान ने 141 प्रमुख खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी कर देश में पहला स्थान हासिल करने का दावा किया है। जानिए भजनलाल सरकार की इस उपलब्धि का राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश पर क्या असर पड़ सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 23:16:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Rajasthan Mineral Block Auction, Rajasthan Mining News, Bhajanlal Sharma, Mineral Block Auction, Rajasthan Minerals, Mining Department</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>Rajasthan Mineral Block Auction : </strong>खनन क्षेत्र में राजस्थान ने एक नई उपलब्धि दर्ज करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री </span><strong><span>भजनलाल शर्मा</span></strong><span> के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि प्रमुख खनिजों के </span><strong><span>141 ब्लॉकों की ई-नीलामी</span></strong><span> पूरी होने के साथ राजस्थान इस मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि नई नीलामी व्यवस्था ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ निवेश को भी गति दी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में ई-नीलामी की प्रक्रिया में तेजी आई है। इसका असर यह हुआ कि पहले जहां खनिज ब्लॉकों की नीलामी सीमित संख्या में हो रही थी, वहीं अब रिकॉर्ड स्तर पर ब्लॉक आवंटित किए जा रहे हैं।</span></p>
<h2><strong><span>Rajasthan Mineral Block Auction: ढाई वर्षों में 102 नए ब्लॉकों की नीलामी, इस साल 55 का लक्ष्य</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>खान एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में </span><strong><span>102 मेजर मिनरल ब्लॉकों</span></strong><span> की ई-नीलामी पूरी की गई। विभाग का कहना है कि नई नीलामी व्यवस्था लागू होने से पहले </span><strong><span>दिसंबर 2023 तक केवल 39 ब्लॉकों</span></strong><span> की ही नीलामी हुई थी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में ही </span><strong><span>14 नए खनिज ब्लॉकों</span></strong><span> की ई-नीलामी पूरी हो चुकी है। सरकार ने पूरे वित्तीय वर्ष में </span><strong><span>55 ब्लॉकों की नीलामी</span></strong><span> का लक्ष्य रखा है।</span></p>
<h3><span>लाइमस्टोन से लेकर रेयर अर्थ तक कई अहम खनिज शामिल</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक </span><strong><span>101 लाइमस्टोन, 13 आयरन ओर, 8 बेस मेटल और 4 रेयर अर्थ एलिमेंट</span></strong><span> सहित कई महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इससे खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ नए निवेश के अवसर भी पैदा हुए हैं।</span></p>
<h3><span>पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया होगी तेज</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>खनन परियोजनाओं को समय पर शुरू कराने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग ने </span><strong><span>पोस्ट-ऑक्शन फैसिलिटेशन सेल</span></strong><span> का गठन किया है। विभाग के अनुसार, इसका उद्देश्य पर्यावरण मंजूरी और अन्य जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि सफल बोली लगाने वाली कंपनियां जल्द काम शुरू कर सकें।</span></p>
<h3><span>सरकार का दावा, बढ़ा निवेश और रोजगार</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य सरकार का कहना है कि ई-नीलामी व्यवस्था लागू होने के बाद अवैध खनन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिली है। इसके साथ ही निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और राज्य के राजस्व में वृद्धि होने का भी दावा किया गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार के अनुसार, राजस्थान उन राज्यों में शामिल है जहां </span><strong><span>खनिज ब्लॉक की पहचान, उसकी तैयारी और ई-नीलामी</span></strong><span> तक की पूरी प्रक्रिया खान एवं भूविज्ञान विभाग स्वयं संचालित करता है। इससे प्रशासनिक खर्च कम होने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।</span></p>
<p><span>फिलहाल सरकार का फोकस तय लक्ष्य के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में 55 और खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी करने पर है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो राज्य में खनन क्षेत्र से जुड़े निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Urea Price Fall India: अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया 40% तक सस्ता, किसानों और सरकार को बड़ी राहत</title>
<link>https://www.newstvindia.in/business/urea-price-fall-india-urea-cheaper-by-up-to-40-in-international-market-big-relief-for-farmers-and-government</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/business/urea-price-fall-india-urea-cheaper-by-up-to-40-in-international-market-big-relief-for-farmers-and-government</guid>
<description><![CDATA[ Urea Price Fall India: अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत घटकर 572 डॉलर प्रति टन पहुंच गई है। मई के मुकाबले जून में करीब 40% की गिरावट दर्ज की गई। जानिए इसका किसानों और सरकार पर क्या असर होगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 23:11:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Urea Price Fall India, Urea Price Today, Fertilizer Price, Urea Subsidy, India Fertilizer News, Kharif Season</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>Urea Price Fall India : </strong>पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में </span><strong><span>यूरिया की कीमतों में बड़ी गिरावट</span></strong><span> दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई की तुलना में जून में यूरिया के दाम करीब </span><strong><span>40 फीसदी तक कम</span></strong><span> हुए हैं और इसकी कीमत घटकर </span><strong><span>572 डॉलर प्रति टन</span></strong><span> रह गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के उर्वरक आयात बिल और सब्सिडी पर दबाव कम हो सकता है। साथ ही खरीफ सीजन में किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।</span></p>
<h2><strong><span>Urea Price Fall India: 572 डॉलर प्रति टन पर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय भाव</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत अब </span><strong><span>572 डॉलर प्रति टन</span></strong><span> पर आ गई है। हालांकि यह स्तर पिछले वर्ष जून की तुलना में अभी भी अधिक है, लेकिन मई के मुकाबले आई तेज गिरावट को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कीमतों का नरम पड़ना भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत लेकर आता है।</span></p>
<h2><strong><span>Urea Price Fall India: चीन की नीति में बदलाव से कीमतों पर पड़ा असर</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>उर्वरक उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, यूरिया की कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह चीन द्वारा उर्वरक निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों में ढील देना है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद </span><strong><span>होर्मुज जलडमरूमध्य</span></strong><span> से आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं होने से बाजार की चिंता भी कम हुई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन दोनों कारणों से वैश्विक बाजार में यूरिया की उपलब्धता बेहतर हुई और कीमतों पर दबाव कम हुआ।</span></p>
<h2><strong><span>Urea Price Fall India: खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक होने का दावा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>उर्वरक विभाग के अनुसार, देश में मौजूदा खरीफ सीजन के लिए यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होने से किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार का दावा है कि उत्पादन और स्टॉक की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि मांग बढ़ने पर भी आपूर्ति प्रभावित न हो।</span></p>
<h2><strong><span>Urea Price Fall India: घरेलू उत्पादन ने दी मजबूती</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>फर्टिलाइजर विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई और जून के दौरान घरेलू यूरिया उत्पादन निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहा। सरकार का कहना है कि उत्पादन में यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के लिए सुरक्षा कवच साबित हुई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>घरेलू उत्पादन मजबूत रहने से आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल रही है।</span></p>
<h2><strong><span>DAP और अन्य उर्वरकों की कीमतें अब भी ऊंची</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>यूरिया के दाम में नरमी के बावजूद अन्य उर्वरकों और कच्चे माल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, </span><strong><span>सल्फर, अमोनिया और डीएपी (DAP)</span></strong><span> की अंतरराष्ट्रीय कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। अकेले सल्फर की कीमत लगभग </span><strong><span>1,050 डॉलर प्रति टन</span></strong><span> तक पहुंच चुकी है।</span></p>
<p><span>विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक बाजार की स्थिति और कच्चे माल की कीमतें उर्वरक बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल यूरिया की कीमतों में आई गिरावट को भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकार के सब्सिडी खर्च और आयात लागत पर राहत मिलने की संभावना है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Monsoon Session Parliament: संसद का मानसून सत्र आज से, 6 अहम विधेयकों पर होगी चर्चा, पहले दिन हंगामे के आसार</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/monsoon-session-monsoon-session-of-parliament-to-be-held-from-today-6-important-bills-to-be-discussed-first-day-of-uproar</link>
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<description><![CDATA[ संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने छह प्रमुख विधेयकों पर चर्चा का समय तय किया है। जानिए किन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हो सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 07:36:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Monsoon Session Parliament, Parliament Session 2026, Lok Sabha, Rajya Sabha, Om Birla, Narendra Modi, Parliament Bills, BAC Meeting</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1235" data-end="1593" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1235" data-end="1249">Monsoon Session Parliament :</strong> संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र से पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष <strong data-start="1334" data-end="1346">ओम बिरला</strong> की अध्यक्षता में <strong data-start="1364" data-end="1395">बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC)</strong> की बैठक हुई, जिसमें इस सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। बैठक में तय किया गया कि लोकसभा में छह महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1595" data-end="1752">सत्र की शुरुआत से ही सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के संकेत हैं। ऐसे में शुरुआती दिनों में संसद में हंगामे की भी संभावना जताई जा रही है।</p>
<h2 data-section-id="yri29u" data-start="1754" data-end="1807"><span role="text"><strong data-start="1757" data-end="1807">पहले दिन कई मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने</strong></span></h2>
<p data-start="1809" data-end="2014">संसद के दोनों सदनों में विपक्ष कई मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। इनमें परीक्षा से जुड़े मुद्दे, राजनीतिक विवाद और अन्य राष्ट्रीय विषय शामिल हैं। वहीं सरकार भी अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने पर जोर देगी।</p>
<p data-start="2016" data-end="2208">संसदीय परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री <strong data-start="2053" data-end="2069">नरेंद्र मोदी</strong> भी सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित कर सकते हैं और सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील कर सकते हैं।</p>
<h2 data-section-id="is72uf" data-start="2210" data-end="2241"><span role="text"><strong data-start="2213" data-end="2241">सभी दलों से लिए गए सुझाव</strong></span></h2>
<p data-start="2243" data-end="2447">बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रस्तावित विधायी कार्यों, जनहित के मुद्दों और अन्य संसदीय विषयों पर चर्चा हुई।</p>
<p data-start="2449" data-end="2534">सदस्यों ने राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर भी सदन में चर्चा कराने का सुझाव दिया।</p>
<h2 data-section-id="103gw0n" data-start="2536" data-end="2571"><span role="text"><strong data-start="2539" data-end="2571">ओम बिरला ने की सहयोग की अपील</strong></span></h2>
<p data-start="2573" data-end="2833">लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद का सुचारु संचालन सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए ताकि संसद की कार्यवाही अधिक प्रभावी और उत्पादक बन सके।</p>
<h2 data-section-id="x9e37q" data-start="2835" data-end="2873"><span role="text"><strong data-start="2838" data-end="2873">इन छह विधेयकों पर रहेगी खास नजर</strong></span></h2>
<h3 data-section-id="1hr9cfw" data-start="2875" data-end="2915"><span role="text"><strong data-start="2879" data-end="2915">1. विदेशी अंशदान (संशोधन) विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="2917" data-end="3055">इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी चंदे से जुड़े प्रावधानों में पारदर्शिता बढ़ाना है। लोकसभा में इस पर <strong data-start="3014" data-end="3026">चार घंटे</strong> चर्चा का समय तय किया गया है।</p>
<h3 data-section-id="1fqlo0e" data-start="3057" data-end="3086"><span role="text"><strong data-start="3061" data-end="3086">2. आयकर संशोधन विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="3088" data-end="3253">सरकार का कहना है कि यह विधेयक भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत करने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इस पर भी <strong data-start="3229" data-end="3241">चार घंटे</strong> चर्चा होगी।</p>
<h3 data-section-id="6hqj6v" data-start="3255" data-end="3318"><span role="text"><strong data-start="3259" data-end="3318">3. सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="3320" data-end="3516">इस प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या <strong data-start="3375" data-end="3394">33 से बढ़ाकर 37</strong> करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में मदद करना है। इस विधेयक पर <strong data-start="3492" data-end="3504">चार घंटे</strong> चर्चा होगी।</p>
<h3 data-section-id="w8zpqm" data-start="3518" data-end="3567"><span role="text"><strong data-start="3522" data-end="3567">4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="3569" data-end="3792">यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसमें विलंब से होने वाले पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और सख्त बनाने का प्रावधान है। इस पर भी <strong data-start="3754" data-end="3766">चार घंटे</strong> चर्चा निर्धारित की गई है।</p>
<h3 data-section-id="8viphx" data-start="3794" data-end="3856"><span role="text"><strong data-start="3798" data-end="3856">5. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="3858" data-end="4007">इस विधेयक के जरिए राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से जुड़े प्रावधानों को और सख्त बनाने का प्रस्ताव है। इस पर <strong data-start="3983" data-end="3995">चार घंटे</strong> चर्चा होगी।</p>
<h3 data-section-id="1ts89jc" data-start="4009" data-end="4046"><span role="text"><strong data-start="4013" data-end="4046">6. MSME विकास (संशोधन) विधेयक</strong></span></h3>
<p data-start="4048" data-end="4348">सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में कारोबार को आसान बनाने और भरोसे पर आधारित नियामक व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया जा रहा है। इसमें भुगतान में देरी की समस्या के समाधान और राज्यों को अधिक अधिकार देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इस पर <strong data-start="4309" data-end="4322">पांच घंटे</strong> चर्चा निर्धारित की गई है।</p>
<h2 data-section-id="1ve21jw" data-start="4350" data-end="4383"><span role="text"><strong data-start="4353" data-end="4383">सत्र पर रहेगी देशभर की नजर</strong></span></h2>
<p data-start="4385" data-end="4697" data-is-last-node="" data-is-only-node="">मानसून सत्र में सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ-साथ कई राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>DA Hike 2026: क्या बढ़ने वाला है महंगाई भत्ता? जानिए जुलाई DA पर क्या हैं ताजा अपडेट और कब हो सकती है घोषणा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/da-hike-2026-what-is-going-to-increase-dearness-allowance-know-what-are-the-latest-updates-on-july-da-and-when-the-announcement-can-be-made</link>
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<description><![CDATA[ DA Hike 2026 : जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते (DA) में 2% से 4% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जानिए कब हो सकता है फैसला और सैलरी पर कितना असर पड़ेगा। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 07:19:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>DA Hike 2026, Dearness Allowance, Central Government Employees, DA July 2026, DR Hike, 8th Pay Commission, Salary Hike</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1274" data-end="1623" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1274" data-end="1288">DA Hike 2026 :</strong> केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 से लागू होने वाले <strong data-start="1367" data-end="1388">महंगाई भत्ते (DA)</strong> और <strong data-start="1392" data-end="1412">महंगाई राहत (DR)</strong> में संभावित बढ़ोतरी का इंतजार है। हर साल जनवरी और जुलाई से प्रभावी होने वाले डीए संशोधन को लेकर इस बार भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक नई दरों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1625" data-end="1779">सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई डीए दरें लागू होंगी। ऐसे में फिलहाल सामने आ रहे सभी आंकड़े और प्रतिशत केवल संभावनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।</p>
<h2 data-section-id="480kyg" data-start="1781" data-end="1843"><span role="text"><strong data-start="1784" data-end="1843">2% से 4% बढ़ोतरी की संभावना, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं</strong></span></h2>
<p data-start="1845" data-end="2108">मीडिया रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते में <strong data-start="1941" data-end="1953">2% से 4%</strong> तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय <strong data-start="2002" data-end="2048">अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI)</strong> के आंकड़ों और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा।</p>
<p data-start="2110" data-end="2205">जब तक सरकार आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक किसी भी संभावित प्रतिशत को अंतिम नहीं माना जा सकता।</p>
<h2 data-section-id="qkqkyc" data-start="2207" data-end="2256"><span role="text"><strong data-start="2210" data-end="2256">बढ़ोतरी होने पर सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?</strong></span></h2>
<p data-start="2258" data-end="2370">यदि महंगाई भत्ते में वृद्धि होती है, तो इसका लाभ कर्मचारियों को उनके <strong data-start="2327" data-end="2351">मूल वेतन (Basic Pay)</strong> के आधार पर मिलेगा।</p>
<p data-start="2372" data-end="2554">उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन <strong data-start="2420" data-end="2436">30,000 रुपये</strong> है और डीए में <strong data-start="2451" data-end="2464">3 प्रतिशत</strong> की बढ़ोतरी होती है, तो उसे हर महीने लगभग <strong data-start="2506" data-end="2519">900 रुपये</strong> अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिल सकता है।</p>
<p data-start="2556" data-end="2663">हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी प्रत्येक कर्मचारी के मूल वेतन और सरकार द्वारा घोषित अंतिम डीए दर पर निर्भर करेगी।</p>
<h3 data-section-id="1nxf0gd" data-start="2665" data-end="2698"><span role="text"><strong data-start="2669" data-end="2698">पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ</strong></span></h3>
<p data-start="2700" data-end="2865">केंद्र सरकार जब कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करती है, तो उसी अनुपात में पेंशनर्स के लिए <strong data-start="2799" data-end="2837">महंगाई राहत (Dearness Relief - DR)</strong> में भी संशोधन किया जाता है।</p>
<p data-start="2867" data-end="2940">इससे लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मासिक पेंशन में भी बढ़ोतरी होती है।</p>
<h2 data-section-id="p42kin" data-start="2942" data-end="2978"><span role="text"><strong data-start="2945" data-end="2978">कब हो सकती है आधिकारिक घोषणा?</strong></span></h2>
<p data-start="2980" data-end="3134">पिछले वर्षों के रुझानों के अनुसार, जुलाई से प्रभावी डीए बढ़ोतरी की घोषणा आमतौर पर <strong data-start="3062" data-end="3083">सितंबर या अक्टूबर</strong> में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद की जाती है।</p>
<p data-start="3136" data-end="3373">घोषणा होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाता है। कई मामलों में प्रभावी तिथि से <strong data-start="3255" data-end="3264">एरियर</strong> भी दिया जाता है। हालांकि, इस वर्ष की समय-सीमा और भुगतान को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।</p>
<h3 data-section-id="cl19xy" data-start="3375" data-end="3420"><span role="text"><strong data-start="3379" data-end="3420">8वें वेतन आयोग पर भी टिकी हैं निगाहें</strong></span></h3>
<p data-start="3422" data-end="3571">महंगाई भत्ते के साथ-साथ केंद्रीय कर्मचारियों की नजर <strong data-start="3474" data-end="3492">8वें वेतन आयोग</strong> पर भी बनी हुई है। हालांकि, आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी समय लग सकता है।</p>
<p data-start="3573" data-end="3758">सरकार पहले ही आयोग से जुड़े कार्यों के लिए निर्धारित समय-सीमा तय कर चुकी है। ऐसे में नए वेतनमान लागू होने से पहले डीए में नियमित संशोधन की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहने की संभावना है।</p>
<h4 data-start="3760" data-end="3793"><span role="text"><strong data-start="3765" data-end="3793">सरकार की घोषणा का इंतजार</strong></span></h4>
<p data-start="3795" data-end="4134" data-is-last-node="" data-is-only-node="">फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार है। जब तक केंद्रीय मंत्रिमंडल नई दरों को मंजूरी नहीं देता, तब तक 2% से 4% की बढ़ोतरी संबंधी सभी दावे केवल अनुमान माने जाएंगे। सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही नई डीए दर, प्रभावी तिथि और एरियर से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>President Droupadi Murmu Europe Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन देशों की राजकीय यात्रा पर रवाना, मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया का पहला दौरा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/president-droupadi-murmu-europe-visit-president-draupadi-murmu-embarks-on-three-nation-state-visit-first-visit-to-moldova-and-north-macedonia</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/president-droupadi-murmu-europe-visit-president-draupadi-murmu-embarks-on-three-nation-state-visit-first-visit-to-moldova-and-north-macedonia</guid>
<description><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर हैं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया का पहला दौरा है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:46:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>President Droupadi Murmu Europe Visit, President Droupadi Murmu, Droupadi Murmu Europe Visit, Moldova, North Macedonia, Romania, India Europe Relations, MEA, Foreign Visit</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong><span> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा की शुरुआत की। वह </span><span>19 से 25 जुलाई 2026</span><span> तक </span><span>मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया</span><span> के दौरे पर रहेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया का पहला राजकीय दौरा है, जबकि रोमानिया की यात्रा तीन दशक से अधिक समय बाद हो रही है।</span></p>
<p><span>सरकार का मानना है कि इस यात्रा से भारत और मध्य एवं पूर्वी यूरोप के देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी।</span></p>
<h3><span>विदेश मंत्रालय ने बताया ऐतिहासिक दौरा</span></h3>
<p><span>विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म </span><span>एक्स</span><span> पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यह यात्रा भारत और इन तीनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</span></p>
<p><span>मंत्रालय के अनुसार, किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली आधिकारिक यात्रा मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया में हो रही है। वहीं, रोमानिया की पिछली राष्ट्रपति स्तरीय यात्रा वर्ष </span><span>1994</span><span> में हुई थी।</span></p>
<h3><span>तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही यात्रा</span></h3>
<p><span>विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) </span><span>सिबी जॉर्ज</span><span> ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है।</span></p>
<p><span>उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत की उस नीति को दर्शाता है, जिसके तहत मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</span></p>
<h3><span>ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म पर रहेगा फोकस</span></h3>
<p><span>सिबी जॉर्ज के अनुसार, इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य </span><span>ट्रेड (व्यापार), टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) और टूरिज्म (पर्यटन)</span><span> के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है। इसके साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक साझेदारी को भी आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।</span></p>
<p><span>विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा भारत के यूरोप के साथ बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</span></p>
<h3><span>मोल्दोवा यात्रा क्यों है खास?</span></h3>
<p><span>विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। मोल्दोवा ने वर्ष </span><span>2023</span><span> में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।</span></p>
<h3><span>प्रेस ब्रीफिंग में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद</span></h3>
<p><span>राष्ट्रपति की यात्रा से पहले आयोजित विशेष प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता </span><span>रणधीर जायसवाल</span><span>, सचिव (पश्चिम) </span><span>सिबी जॉर्ज</span><span>, राष्ट्रपति की प्रेस सचिव </span><span>डॉ. मनीषा वर्मा</span><span> और दक्षिणी यूरोप प्रभाग की संयुक्त सचिव </span><span>अल्पना दुबे</span><span> मौजूद रहीं।</span></p>
<p><span>अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान राष्ट्रपति विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों, द्विपक्षीय वार्ताओं और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा भारत और यूरोप के इन देशों के बीच राजनीतिक विश्वास, आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करेगा।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CEAT के निवेशकों को बड़ा झटका, 96% गिरा मुनाफा, शेयर 9% लुढ़का; जानिए क्या है वजह</title>
<link>https://www.newstvindia.in/business/big-blow-to-ceat-investors-96-drop-in-profit-shares-down-9-know-what-is-the-reason</link>
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<description><![CDATA[ CEAT Share Price: पहली तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद CEAT का शेयर 9% तक टूट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 96% घटकर 4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि कच्चे माल की बढ़ी लागत से मार्जिन पर दबाव बना। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:05:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>CEAT Share Price, CEAT Q1 Results, CEAT Profit News, CEAT Stock, Tyre Company, Stock Market Today, CEAT FY27 Results</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>टायर निर्माता कंपनी </span><span>CEAT</span><span> के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कंपनी के कमजोर वित्तीय नतीजों के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में CEAT के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब </span><span>9 प्रतिशत</span><span> तक लुढ़क गया।</span></p>
<p><span>कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर </span><span>96 प्रतिशत की गिरावट</span><span> दर्ज की गई है। हालांकि राजस्व में वृद्धि हुई, लेकिन कच्चे माल की बढ़ी लागत और घटते मार्जिन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।</span></p>
<h3><span>CEAT Share Price में क्यों आई बड़ी गिरावट?</span></h3>
<p><span>शुक्रवार को बाजार खुलते ही CEAT का शेयर पिछली क्लोजिंग </span><span>3,829.60 रुपये</span><span> के मुकाबले करीब </span><span>9.3 प्रतिशत</span><span> टूटकर </span><span>3,471.10 रुपये</span><span> तक पहुंच गया। सुबह के कारोबार में शेयर करीब </span><span>3,548 रुपये</span><span> के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव से 7 प्रतिशत से अधिक नीचे था।</span></p>
<p><span>विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों और भविष्य में लागत बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।</span></p>
<h3><span>CEAT Q1 Results: 96% घटा कंपनी का मुनाफा</span></h3>
<p><span>कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उसका </span><span>समेकित शुद्ध लाभ घटकर सिर्फ 4 करोड़ रुपये</span><span> रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने </span><span>112 करोड़ रुपये</span><span> का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।</span></p>
<p><span>हालांकि, कंपनी की </span><span>परिचालन आय (Revenue from Operations)</span><span> बढ़कर </span><span>4,318 करोड़ रुपये</span><span> हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में </span><span>3,529 करोड़ रुपये</span><span> थी। यानी बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद बढ़ती लागत ने मुनाफे पर असर डाला।</span></p>
<h3><span>कच्चे माल की लागत बनी सबसे बड़ी चुनौती</span></h3>
<p><span>कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई।</span></p>
<p><span>कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी </span><span>अर्नब बनर्जी</span><span> ने कहा कि लागत बढ़ने के असर को कम करने के लिए कंपनी ने चरणबद्ध तरीके से टायरों की कीमतों में वृद्धि की, लेकिन दूसरी तिमाही में भी कच्चे माल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।</span></p>
<h3><span>ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी पड़ा असर</span></h3>
<p><span>CEAT का परिचालन प्रदर्शन भी दबाव में रहा। कंपनी का </span><span>EBITDA</span><span> घटकर </span><span>365 करोड़ रुपये</span><span> रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह </span><span>387 करोड़ रुपये</span><span> था।</span></p>
<h4><span>EBITDA Margin घटकर 8.5% पर आया</span></h4>
<p><span>कंपनी का </span><span>EBITDA Margin</span><span> भी पिछले साल के </span><span>11 प्रतिशत</span><span> से घटकर </span><span>8.5 प्रतिशत</span><span> रह गया। यह संकेत देता है कि लागत बढ़ने से कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई है।</span></p>
<h3><span>एक साल में कैसा रहा CEAT शेयर का प्रदर्शन?</span></h3>
<p><span>कमजोर तिमाही नतीजों का असर केवल एक दिन के कारोबार तक सीमित नहीं है। पिछले एक वर्ष में CEAT के शेयर में करीब </span><span>8 प्रतिशत</span><span> की गिरावट दर्ज की गई है।</span></p>
<p><span>पिछले छह महीनों में शेयर </span><span>8 प्रतिशत से अधिक</span><span> कमजोर हुआ है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इसमें लगभग </span><span>6 प्रतिशत</span><span> की गिरावट आ चुकी है।</span></p>
<h4><span>निवेशकों की नजर दूसरी तिमाही पर</span></h4>
<p><span>अब बाजार की नजर कंपनी की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर रहेगी। यदि कच्चे माल की कीमतों में नरमी आती है और लागत पर नियंत्रण होता है, तो कंपनी के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ती इनपुट लागत और उसके मुनाफे पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बनी हुई है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Rain Alert 17 July 2026: बिहार&#45;UP में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली में बदलेगा मौसम, IMD ने जारी की चेतावनी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/rain-alert-17-july-2026-heavy-rain-alert-in-bihar-up-weather-to-change-in-delhi-imd-warns</link>
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<description><![CDATA[ Rain Alert 17 July 2026: मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन जिलों में सबसे ज्यादा असर रहेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 07:13:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Rain Alert 17 July 2026, IMD Weather Alert, Bihar Rain Alert, UP Rain Alert, Delhi Rain News, Monsoon Update, Weather Today, Heavy Rain Alert</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1320" data-end="1719" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1320" data-end="1348">Rain Alert 17 July 2026:</strong> सावन की शुरुआत से पहले देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने <strong data-start="1463" data-end="1509">बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वी भारत</strong> के कई हिस्सों में <strong data-start="1528" data-end="1555">भारी से बहुत भारी बारिश</strong>, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं, <strong data-start="1610" data-end="1627">दिल्ली-एनसीआर</strong> में भी मौसम करवट लेने वाला है और उमस भरी गर्मी के बाद तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1721" data-end="1942">मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।</p>
<h2 data-section-id="vdooc6" data-start="1944" data-end="2005"><span role="text"><strong data-start="1947" data-end="2005">Rain Alert 17 July 2026: बिहार में भारी बारिश का अलर्ट</strong></span></h2>
<p data-start="2007" data-end="2201">बिहार में शुक्रवार को कई जिलों में <strong data-start="2042" data-end="2069">भारी से बहुत भारी बारिश</strong> होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।</p>
<p data-start="2203" data-end="2431">मौसम विभाग ने <strong data-start="2217" data-end="2270">छपरा, आरा, बक्सर, हाजीपुर, गया, भागलपुर, बेगूसराय</strong> समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।</p>
<h3 data-section-id="sc10dv" data-start="2433" data-end="2497"><span role="text"><strong data-start="2437" data-end="2497">UP Weather: पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश</strong></span></h3>
<p data-start="2499" data-end="2718">उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना है। IMD के अनुसार कई जिलों में <strong data-start="2602" data-end="2634">40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे</strong> की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है।</p>
<p data-start="2720" data-end="2912"><strong data-start="2720" data-end="2769">अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, बलिया और गोरखपुर</strong> समेत कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<h2 data-section-id="8lj6om" data-start="2914" data-end="2961"><span role="text"><strong data-start="2917" data-end="2961">Delhi Weather: उमस के बाद राहत की उम्मीद</strong></span></h2>
<p data-start="2963" data-end="3158">दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को राजधानी के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।</p>
<h3 data-section-id="72m9l7" data-start="3160" data-end="3202"><span role="text"><strong data-start="3164" data-end="3202">इन इलाकों में हो सकती है तेज बारिश</strong></span></h3>
<p data-start="3204" data-end="3450">मौसम विभाग ने <strong data-start="3218" data-end="3283">कुतुब मीनार, पूसा, दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन</strong> और आसपास के इलाकों में बारिश और तेज हवा की संभावना जताई है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, हालांकि जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।</p>
<h2 data-section-id="1tuh9u3" data-start="3452" data-end="3500"><span role="text"><strong data-start="3455" data-end="3500">झारखंड और पूर्वी भारत में भी बारिश का असर</strong></span></h2>
<p data-start="3502" data-end="3693">बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।</p>
<h3 data-section-id="1czzvbg" data-start="3695" data-end="3738"><span role="text"><strong data-start="3699" data-end="3738">पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकता है खतरा</strong></span></h3>
<p data-start="3740" data-end="3980">मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा बना रह सकता है। ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।</p>
<h4 data-start="3982" data-end="4022"><span role="text"><strong data-start="3987" data-end="4022">लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह</strong></span></h4>
<p data-start="4024" data-end="4260" data-is-last-node="" data-is-only-node="">मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की भी अपील की गई है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>UP Employment Scheme: यूपी में युवाओं के लिए 16 नए रोजगार केंद्र बनेंगे, एक ही जगह मिलेगा स्किल ट्रेनिंग, नौकरी और स्वरोजगार का मौका</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/uttarpradesh/up-employment-scheme-up-to-set-up-16-new-employment-centres-for-youth-get-skill-training-job-and-self-employment-opportunities-at-one-place</link>
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<description><![CDATA[ UP Employment Scheme के तहत उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 16 रोजगार एवं औद्योगिक केंद्र बनाए जाएंगे। यहां युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, रोजगार, स्वरोजगार और उद्योग स्थापित करने की सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 07:41:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>UP Employment Scheme, SVPEIZ, Uttar Pradesh Jobs, Skill Development, Yogi Government, Employment Scheme UP</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1401" data-end="1853" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1401" data-end="1410">लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। <strong data-start="1533" data-end="1557">UP Employment Scheme</strong> के तहत प्रदेश में पहले चरण में <strong data-start="1589" data-end="1652">16 सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (SVPEIZ)</strong> विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन केंद्रों को ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार करना है, जहां युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार, उद्योग स्थापना और उद्यमिता से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1855" data-end="2149">इस परियोजना की घोषणा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर की गई थी। अब इसे लागू करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मॉडल भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि प्रदेश के युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<h2 data-section-id="17dyf2v" data-start="2151" data-end="2215"><span role="text"><strong data-start="2154" data-end="2215">UP Employment Scheme के तहत पहले चरण में बनेंगे 16 केंद्र</strong></span></h2>
<p data-start="2217" data-end="2338">सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 16 एसवीपीईआईजेड केंद्र स्थापित किए जाएंगे।</p>
<p data-start="2340" data-end="2681">इनमें <strong data-start="2346" data-end="2391">सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME)</strong> और <strong data-start="2395" data-end="2407">यूपीसीडा</strong> के माध्यम से पांच-पांच केंद्र विकसित किए जाएंगे। वहीं <strong data-start="2462" data-end="2473">यूपीईडा</strong> और <strong data-start="2477" data-end="2531">यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA)</strong> दो-दो केंद्र स्थापित करेंगे। इसके अलावा <strong data-start="2572" data-end="2613">ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण</strong> और <strong data-start="2617" data-end="2653">गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण</strong> एक-एक केंद्र विकसित करेंगे।</p>
<p data-start="2683" data-end="2829">इन केंद्रों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है।</p>
<h2 data-section-id="6lygek" data-start="2831" data-end="2884"><span role="text"><strong data-start="2834" data-end="2884">उद्योगों की जरूरत के हिसाब से मिलेगा प्रशिक्षण</strong></span></h2>
<p data-start="2886" data-end="3138">प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम <strong data-start="2928" data-end="2950">शशि भूषण लाल सुशील</strong> के अनुसार वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। प्रदेश में लगातार नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं और देश-विदेश की कंपनियां निवेश कर रही हैं।</p>
<p data-start="3140" data-end="3344">उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के विस्तार के साथ उद्योगों को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ेगी। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है।</p>
<p data-start="3346" data-end="3441">सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को सीधे रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।</p>
<h2 data-section-id="2olz4p" data-start="3443" data-end="3505"><span role="text"><strong data-start="3446" data-end="3505">प्रदेश को 9 औद्योगिक एवं कौशल विकास जोन में बांटा जाएगा</strong></span></h2>
<p data-start="3507" data-end="3670"><strong data-start="3507" data-end="3531">UP Employment Scheme</strong> के तहत उत्तर प्रदेश को स्थानीय उद्योगों, प्राकृतिक संसाधनों और निवेश की संभावनाओं के आधार पर <strong data-start="3625" data-end="3647">9 हब एंड स्पोक जोन</strong> में विकसित किया जाएगा।</p>
<p data-start="3672" data-end="3817">इन जोनों में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़ को एक समूह में रखा गया है। इसके अलावा मेरठ, सहारनपुर, बागपत और बुलंदशहर का अलग औद्योगिक जोन होगा।</p>
<p data-start="3819" data-end="4034">इसी तरह मुरादाबाद-बरेली, आगरा-अलीगढ़, लखनऊ-अयोध्या, कानपुर-प्रयागराज, चित्रकूट-झांसी-विंध्याचल, वाराणसी-आजमगढ़ और गोरखपुर-बस्ती-देवीपाटन मंडलों को भी अलग-अलग औद्योगिक एवं कौशल विकास जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<p data-start="4036" data-end="4160">हर जोन में वहां के प्रमुख उद्योगों और भविष्य के निवेश को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<h2 data-section-id="po5r7t" data-start="4162" data-end="4235"><span role="text"><strong data-start="4165" data-end="4235">एक ही परिसर में मिलेगी स्किल ट्रेनिंग, नौकरी और उद्यमिता की सुविधा</strong></span></h2>
<p data-start="4237" data-end="4341">सरकार इन केंद्रों को <strong data-start="4258" data-end="4316">वन स्टॉप इंडस्ट्रियल, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम</strong> के रूप में विकसित करेगी।</p>
<p data-start="4343" data-end="4463">यहां युवाओं के लिए <strong data-start="4362" data-end="4387">स्किल डेवलपमेंट सेंटर</strong>, <strong data-start="4389" data-end="4413">रोजगार सहायता केंद्र</strong> और <strong data-start="4417" data-end="4443">उद्यमिता सहायता केंद्र</strong> स्थापित किए जाएंगे।</p>
<p data-start="4465" data-end="4656">इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषाओं और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि युवा राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए भी तैयार हो सकें।</p>
<h2 data-section-id="9pn79o" data-start="4658" data-end="4709"><span role="text"><strong data-start="4661" data-end="4709">उद्यमियों के लिए भी आसान होगी उद्योग स्थापना</strong></span></h2>
<p data-start="4711" data-end="4920">परियोजना के तहत <strong data-start="4727" data-end="4749">प्लग एंड प्ले मॉडल</strong> को भी लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि उद्यमियों को पहले से तैयार औद्योगिक परिसर उपलब्ध कराया जाएगा, जहां बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद होंगी।</p>
<p data-start="4922" data-end="5032">इससे उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय कम होगा और नए निवेशकों को तेजी से उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी।</p>
<p data-start="5034" data-end="5121">सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</p>
<h2 data-section-id="157gl36" data-start="5123" data-end="5178"><span role="text"><strong data-start="5126" data-end="5178">जरूरत पड़ने पर बनेंगी बहुमंजिला औद्योगिक इकाइयां</strong></span></h2>
<p data-start="5180" data-end="5414">जिन क्षेत्रों में भूमि की उपलब्धता सीमित होगी, वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए <strong data-start="5285" data-end="5310">फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल</strong> अपनाया जाएगा, जिसमें एक ही भवन के अलग-अलग हिस्सों में कई सूक्ष्म और मध्यम उद्योग संचालित किए जा सकेंगे।</p>
<p data-start="5416" data-end="5531">इस मॉडल से कम जमीन में अधिक औद्योगिक इकाइयों को स्थान मिल सकेगा और शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।</p>
<h2 data-section-id="1gsl79z" data-start="5533" data-end="5583"><span role="text"><strong data-start="5536" data-end="5583">उद्योगों की भागीदारी से चलेगी पूरी व्यवस्था</strong></span></h2>
<p data-start="5585" data-end="5727">प्रत्येक हब के संचालन के लिए <strong data-start="5614" data-end="5643">स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV)</strong> बनाया जाएगा। संबंधित औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख निवेशक को इसका अध्यक्ष बनाया जाएगा।</p>
<p data-start="5729" data-end="5885">सरकार का मानना है कि उद्योगों की सीधी भागीदारी से प्रशिक्षण कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जा सकेंगे और युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे।</p>
<h2 data-section-id="d0r24i" data-start="5887" data-end="5951"><span role="text"><strong data-start="5890" data-end="5951">गुजरात और महाराष्ट्र के मॉडल का अध्ययन कर तैयार हुई योजना</strong></span></h2>
<p data-start="5953" data-end="6061">इस परियोजना की रूपरेखा तैयार करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार की टीम ने गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा किया था।</p>
<p data-start="6063" data-end="6248">टीम ने वहां टाटा समूह सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों द्वारा विकसित कौशल विकास और औद्योगिक मॉडल का अध्ययन किया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप यह नया मॉडल तैयार किया गया।</p>
<p data-start="6250" data-end="6373">सरकार का कहना है कि परियोजना के विकास और संचालन में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<h2 data-section-id="1eddig5" data-start="6375" data-end="6424"><span role="text"><strong data-start="6378" data-end="6424">निर्माण के साथ ही शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण</strong></span></h2>
<p data-start="6426" data-end="6619">जिन स्थानों पर भूमि उपलब्ध है, वहां जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं जहां जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां यूपीसीडा, यूपीईडा, यीडा और अन्य विकास प्राधिकरणों के सहयोग से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p data-start="6621" data-end="6792">सरकार की योजना है कि भवन निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना युवाओं का कौशल प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाए, ताकि उद्योगों के शुरू होने तक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सके।</p>
<h2 data-section-id="1h34rjy" data-start="6794" data-end="6855"><span role="text"><strong data-start="6797" data-end="6855">उत्तर प्रदेश को रोजगार और विनिर्माण हब बनाने की तैयारी</strong></span></h2>
<p data-start="6857" data-end="7051">सरकार का कहना है कि <strong data-start="6877" data-end="6901">UP Employment Scheme</strong> का उद्देश्य केवल औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना नहीं है। इसे निवेश, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के साझा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<p data-start="7053" data-end="7365" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो इससे प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मिलने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख विनिर्माण और कौशल विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Bhilwara Hospital Deaths: राजस्थान में 2 महीने में 18 प्रसूताओं की मौत, 6 दिन में 9 मामले; सरकारी अस्पतालों पर उठे सवाल</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/rajasthan/bhilwara-hospital-deaths-18-maternal-deaths-in-2-months-9-cases-in-6-days-in-rajasthan-questions-raised-on-government-hospitals</link>
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<description><![CDATA[ Bhilwara Hospital Deaths के बीच राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे हैं। छह दिनों में भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में 9 और मई से पांच जिलों में 18 मातृ मौतें रिपोर्ट हुई हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 07:46:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Bhilwara Hospital Deaths, Rajasthan Maternal Deaths, Bhilwara Hospital, Banswara Hospital, Rajasthan Health News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मातृ मौतों के लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले छह दिनों में भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में नौ महिलाओं की मौत रिपोर्ट हुई है। वहीं मई से अब तक राज्य के पांच जिलों के सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु के 18 मामले सामने आ चुके हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Bhilwara Hospital Deaths</span></strong><span> के बाद सबसे ज्यादा सवाल संक्रमण नियंत्रण, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था और गंभीर मरीजों की निगरानी को लेकर उठ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिलाओं की मौत अलग-अलग चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इन मौतों के बीच कोई साझा कारण था या फिर मरीज अलग-अलग गंभीर मेडिकल स्थितियों से जूझ रही थीं।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital Deaths: छह दिन में पांच मौतों से मचा हड़कंप</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में सी-सेक्शन के बाद महिलाओं की मौत के मामले सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन जांच के घेरे में है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच महिलाओं की छह दिनों के भीतर मौत हुई। ऑपरेशन थिएटर से लिए गए कल्चर सैंपल में संक्रमण संबंधी चिंता सामने आने के बाद संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण को मौतों का प्रत्यक्ष कारण मानने से इनकार किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ के मुताबिक, महिलाओं की मौत के पीछे अलग-अलग मेडिकल जटिलताएं बताई गई हैं। इनमें हार्ट अटैक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म और प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव जैसी स्थितियां शामिल हैं।</span></p>
<h2><span>Rajasthan Maternal Deaths: बांसवाड़ा में भी चार महिलाओं की मौत</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>चिंता सिर्फ भीलवाड़ा तक सीमित नहीं है। बांसवाड़ा में भी चार मातृ मौतों के बाद जिला प्रशासन ने पांच वरिष्ठ डॉक्टरों की जांच समिति बनाई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>जिला प्रशासन के मुताबिक, दो महिलाएं गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थीं, जबकि दो की मौत सी-सेक्शन के बाद हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यही वजह है कि इन मामलों को एक साथ जोड़कर किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना फिलहाल जल्दबाजी होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लेकिन कम समय में लगातार सामने आई मौतों ने अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर बढ़ा दिए हैं।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital में संक्रमण का सवाल, OT से लिए गए सैंपल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भीलवाड़ा में ऑपरेशन थिएटर से नमूने लेकर जांच की गई है। संक्रमण से जुड़ी आशंका सामने आने के बाद प्रभावित ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी रोकने और मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने जैसे एहतियाती कदम उठाए जाने की रिपोर्ट है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यहां सबसे अहम सवाल यही है कि क्या ऑपरेशन थिएटर में मिले संक्रमण और महिलाओं की मौत के बीच कोई संबंध था?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल ऐसे किसी प्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया है। अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।</span></p>
<h2><span>‘बाकी बातें ब्रेक के बाद’ टिप्पणी पर क्यों मचा सियासी बवाल?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मातृ मौतों के मामलों के बीच राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की एक टिप्पणी भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवाल के दौरान उनकी 'बाकी बातें ब्रेक के बाद' वाली टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआती जानकारी के आधार पर चिकित्सा लापरवाही से इनकार किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि लगातार सामने आए मामलों के बाद सरकार पर विस्तृत जांच और जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।</span></p>
<h2><span>अशोक गहलोत ने Rajasthan Health System पर उठाए सवाल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मातृ मौतों और प्रसव के बाद महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के मामलों को लेकर सरकार को घेरा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>गहलोत पहले भी सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, दवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सवाल उठा चुके हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>विपक्ष की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr">प्रदेश में प्रसूताओं की मौतों की बढ़ती संख्या बेहद डरावनी, स्तब्ध करने वाली और जन स्वास्थ्य सेवा के गहराते संकट की पुष्टि कर रही है। अब बांसवाड़ा से 4 प्रसूताओं की मौत के बाद दो माह में 18 मौतों की खबर है। सरकार की ओर से कोई जवाबदेही नहीं होना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। <br><br>इस… <a href="https://t.co/M5RPv1C1bU">pic.twitter.com/M5RPv1C1bU</a></p>
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) <a href="https://x.com/ashokgehlot51/status/2076192047254626793?ref_src=twsrc%5Etfw">July 12, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><span>दो महीने में 18 मातृ मौतें, पांच जिलों से सामने आए मामले</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राजस्थान में मातृ मौतों से जुड़ी चिंता सिर्फ भीलवाड़ा और बांसवाड़ा की घटनाओं के बाद शुरू नहीं हुई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पिछले दो महीनों में कोटा, बीकानेर और जोधपुर समेत अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में भी प्रसव के बाद मौत या गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के मामले सामने आए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के नौ मामलों को जोड़ने के बाद मई से अब तक पांच जिलों में मातृ मौतों का आंकड़ा 18 तक पहुंचने की रिपोर्ट है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इससे पहले जांच में लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और क्रिटिकल केयर यूनिट में SOP के पालन से जुड़ी कमियों का मुद्दा भी सामने आया था।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital Deaths की जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सबसे बड़ा सवाल संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का है। क्या ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में तय प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा था?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरा सवाल मरीजों की समय पर रेफरल व्यवस्था से जुड़ा है। गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचीं महिलाओं को क्या समय पर विशेषज्ञ उपचार मिला?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दवाओं, मेडिकल उपकरणों, ICU व्यवस्था और प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी की प्रक्रिया भी जांच के केंद्र में रह सकती है।</span></p>
<p><span>इन सवालों के जवाब सिर्फ एक अस्पताल के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य की मातृ स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, ICT बोला&#45; सरेंडर का मौका नहीं, सीधे भेजा जाएगा जेल</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/sheikh-hasina-to-return-to-bangladesh-in-december-ict-says-no-chance-of-surrender-will-be-sent-directly-to-jail</link>
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<description><![CDATA[ Sheikh Hasina Surrender: पूर्व पीएम शेख हसीना ने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने की बात कही है। ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि प्रत्यर्पण पर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:33:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Sheikh Hasina Surrender, Sheikh Hasina Bangladesh Return, ICT Bangladesh, Sheikh Hasina Death Sentence, Bangladesh News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वतन वापसी के ऐलान ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रहीं हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटेंगी और अपने खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लेकिन उनके इस ऐलान के बाद बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल यानी ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर अमीनुल इस्लाम ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश लाया जाता है तो उन्हें अलग से सरेंडर करने का मौका नहीं मिलेगा। उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina Surrender पर ICT बोला- दिसंबर क्यों, कल ही लौट आएं</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना की दिसंबर में वापसी की घोषणा पर ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर अमीनुल इस्लाम ने कहा कि अधिकारी उनकी वापसी के लिए तैयार हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि हसीना दिसंबर या जनवरी में कब लौटती हैं, यह उनका फैसला है, लेकिन ट्रिब्यूनल चाहता है कि वह जल्द से जल्द वापस आएं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमीनुल इस्लाम ने कहा, “आप दिसंबर में आएं या जनवरी में, यह आपका फैसला है। लेकिन हम चाहते हैं कि आप कल ही वापस आ जाएं।”</span></p>
<h2><span>प्रत्यर्पण हुआ तो सीधे जेल जाएंगी Sheikh Hasina</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण व्यवस्था के तहत शेख हसीना की वापसी होने पर उन्हें अदालत में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करने का अवसर नहीं मिलेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमीनुल इस्लाम के मुताबिक ऐसी स्थिति में हसीना को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी वापसी के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश पहले ही भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है। भारत इस मामले पर विचार कर रहा है।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina को नवंबर 2025 में सुनाई गई थी मौत की सजा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में शेख हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मामला 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले में दोषी ठहराया था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि शेख हसीना अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार करती रही हैं। उनका दावा है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।</span></p>
<h2><span>'गिरफ्तार या मारी जा सकती हूं, फिर भी लौटूंगी'</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना ने अपनी वापसी को लेकर कहा है कि वह इससे जुड़े खतरों को समझती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ढाका लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बावजूद हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उनका कहना है कि अगर उनकी मौत होती है तो वह अपनी मातृभूमि पर होना पसंद करेंगी। हसीना ने अपने निर्वासित पार्टी सहयोगियों के साथ लौटने और अधिकारियों के सामने पेश होने की योजना बताई है।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina Return Bangladesh से क्यों बढ़ी सियासी हलचल?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना करीब दो दशक तक अलग-अलग कार्यकाल में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रही हैं। अवामी लीग की प्रमुख के रूप में उनका देश की राजनीति पर लंबे समय तक प्रभाव रहा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>2024 के छात्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई। 5 अगस्त 2024 को हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद अवामी लीग के कई नेताओं पर कानूनी कार्रवाई हुई। पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अब हसीना की वापसी की घोषणा से बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव फिर बढ़ सकता है।</span></p>
<h2><span>2024 के आंदोलन के बाद छोड़ा था बांग्लादेश</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>साल 2024 में सरकारी नौकरियों के आरक्षण को लेकर छात्र आंदोलन शुरू हुआ था। आंदोलन बाद में व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ा और भारत चली आईं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में ICT ने नवंबर 2025 में उन्हें मौत की सजा सुनाई।</span></p>
<h2><span>भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी रहेगी नजर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं और बांग्लादेश सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। ऐसे में उनकी वापसी केवल बांग्लादेश की घरेलू राजनीति तक सीमित मुद्दा नहीं है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारत और बांग्लादेश के राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हसीना स्वेच्छा से दिसंबर में ढाका लौटती हैं या उससे पहले प्रत्यर्पण प्रक्रिया में कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Bangkok Pub Fire: बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 लोगों की मौत; धुएं से भर गया पूरा परिसर, 22 की हालत गंभीर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/bangkok-pub-fire-massive-fire-in-bangkok-pub-kills-27-smoke-filled-entire-compound-22-in-critical-condition</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/international/bangkok-pub-fire-massive-fire-in-bangkok-pub-kills-27-smoke-filled-entire-compound-22-in-critical-condition</guid>
<description><![CDATA[ Bangkok Pub Fire में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक के Na Ladprao पब में लगी भीषण आग के बाद 63 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें 22 की हालत गंभीर है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 07:50:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Bangkok Pub Fire, Thailand Fire, Bangkok Pub Fire 2026, Na Ladprao Fire, Thailand News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आधी रात एक पब में लगी भीषण आग ने जश्न के माहौल को मातम में बदल दिया। चातुचक जिले के Na Ladprao पब में आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>घटना के बाद सामने आए दृश्यों में पब से आग की तेज लपटें और घना काला धुआं निकलता दिखाई दिया। जान बचाने के लिए लोग बाहर की ओर भागते नजर आए। राहत और बचाव एजेंसियों ने रातभर घटनास्थल पर अभियान चलाया।</span></p>
<h2><span>Bangkok Pub Fire में 27 की मौत, 63 लोग अस्पताल पहुंचे</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अधिकारियों के मुताबिक आग रविवार देर रात करीब 11:57 बजे लगी। कुछ ही देर में पब के अंदर घना धुआं फैल गया और वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टिपुंट के मुताबिक 63 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 22 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।</span></p>
<h2><span>धुएं से भर गया पब, बाथरूम की तरफ भागे लोग</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आग लगने के बाद पब तेजी से धुएं से भर गया। कई लोग जान बचाने के लिए परिसर के पिछले हिस्से और बाथरूम की ओर भागे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहत कर्मियों को कई शव बाथरूम के आसपास मिले। अधिकारियों के अनुसार घने धुएं और अंधेरे के कारण लोगों को बाहर निकलने में भारी परेशानी हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>एक बचावकर्मी के मुताबिक आग की लपटों से ज्यादा घना धुआं बड़ी चुनौती बना। पूरे परिसर में धुआं भर जाने के कारण कई लोग अंदर फंस गए।</span></p>
<h2><span>Bangkok Pub Fire से पहले सर्किट ब्रेकर के पास दिखा था धुआं?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पब में प्रस्तुति दे रहे एक संगीतकार ने स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखने की जानकारी दी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद बिजली चली गई और धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही समय में पब के अंदर घना धुआं फैल गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि Bangkok Pub Fire के वास्तविक कारण का अभी अंतिम रूप से पता नहीं चला है। मामले की जांच जारी है।</span></p>
<h2><span>आधे घंटे में आग पर काबू, अंदर मिला तबाही का मंजर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में आग को नियंत्रण में लिया। इसके बाद राहत और बचाव कर्मी पब के अंदर दाखिल हुए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>आग से पब का अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फर्नीचर और अन्य सामान जल गया था। फोरेंसिक टीमें अब घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान और आग के सटीक कारण का पता लगाना है।</span></p>
<h2><span>प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल पहुंचे घटनास्थल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। उन्होंने 27 लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अस्पतालों में भर्ती घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए व्यवस्था की है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लापता लोगों की जानकारी जुटाने और परिवारों की मदद के लिए एक पंजीकरण केंद्र भी बनाया गया है।</span></p>
<h2><span>थाईलैंड में पहले भी हुए हैं भीषण नाइटक्लब अग्निकांड</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>Bangkok Pub Fire ने थाईलैंड में मनोरंजन स्थलों की अग्नि सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>साल 2009 में बैंकॉक के एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2022 में चोनबुरी प्रांत के Mountain B नाइटक्लब में भी जानलेवा अग्निकांड हुआ था।</span></p>
<p><span>ताजा हादसे के बाद पब और नाइटलाइफ स्थलों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Giriraj Singh On Prashant Kishor: प्रशांत किशोर पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले&#45; ‘फ्रॉड हैं, विधानसभा जाकर गंदगी फैलाएंगे’</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/giriraj-singh-on-prashant-kishor-prashant-kishor-is-a-fraud-will-go-to-assembly-and-spread-filth-says-giriraj-singh</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/giriraj-singh-on-prashant-kishor-prashant-kishor-is-a-fraud-will-go-to-assembly-and-spread-filth-says-giriraj-singh</guid>
<description><![CDATA[ Giriraj Singh On Prashant Kishor: बांकीपुर उपचुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। जानिए उन्होंने भाजपा उम्मीदवार बदलने पर क्या कहा। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202607/image_1200x675_6a53d9a58cb5b.webp" length="88992" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 23:39:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Giriraj Singh On Prashant Kishor, Prashant Kishor News, Bankipur Bypoll, Bihar Politics, Jan Suraaj</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनावी पारा चढ़ने लगा है। जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने और भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद अब नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला बोला है।</span></p>
<p><span>बेगूसराय के बछवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ तक करार दिया और दावा किया कि बांकीपुर की जनता भाजपा के विकास कार्यों को देख रही है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। प्रशांत किशोर या जन सुराज की ओर से इन विशेष टिप्पणियों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor: भाजपा उम्मीदवार बदलने के सवाल पर क्या बोले?</span></h3>
<p><span>गिरिराज सिंह से पत्रकारों ने पूछा कि क्या भाजपा ने प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के कारण बांकीपुर में अपना उम्मीदवार बदला है?</span></p>
<p><span>इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा में चुनाव कोई एक उम्मीदवार नहीं, बल्कि पार्टी लड़ती है। उनके मुताबिक उम्मीदवार पार्टी का ‘प्रतीक’ होता है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा कि जब पहले उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार किया तो पार्टी ने दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया। भाजपा ने अभिषेक कुमार की उम्मीदवारी वापस होने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है।</span></p>
<h3><span>‘प्रशांत किशोर को मौका न मिले, इसलिए कैंडिडेट बदला’</span></h3>
<p><span>केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि भाजपा का लक्ष्य प्रशांत किशोर को बांकीपुर में कोई राजनीतिक मौका नहीं देना है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा, </span><span>“हमारे यहां पार्टी चुनाव लड़ती है। प्रशांत किशोर को एक मौका भी न मिले, इसके लिए कैंडिडेट बदला गया है।”</span></p>
<p><span>उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशांत किशोर बांकीपुर से क्यों जीतेंगे और यदि जीत भी जाते हैं तो विधानसभा में क्या करेंगे?</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक एजेंडा केवल सरकार की आलोचना करना है।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor: ‘भगवान न करें कि PK जीतकर जाएं’</span></h3>
<p><span>प्रशांत किशोर पर हमला तेज करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, </span><span>“भगवान न करें कि प्रशांत किशोर जीतकर जाएं।”</span></p>
<p><span>इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ बताते हुए उन पर पिछले चुनावों में उम्मीदवारी के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने अपने इस आरोप के समर्थन में बातचीत के दौरान कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।</span></p>
<p><span>उन्होंने दावा किया कि इस बार जन सुराज को उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर गए।</span></p>
<p><span>इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशांत किशोर का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।</span></p>
<h3><span>बांकीपुर के विकास को लेकर गिरिराज सिंह का दावा</span></h3>
<p><span>गिरिराज सिंह ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के विकास कार्यों का भी जिक्र किया।</span></p>
<p><span>उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नली-गली, पार्क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकास को बांकीपुर की जनता देख रही है और भाजपा को प्रशांत किशोर के ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जिस नेता को विधानसभा भेजा, भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी।</span></p>
<p><span>उनका इशारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर था। नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।</span></p>
<h4><span>प्रशांत किशोर पर ‘गंदगी फैलाने’ वाला बयान</span></h4>
<p><span>गिरिराज सिंह ने अपने बयान में राजद को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पहले से राजद के विधायकों को झेल रही है।</span></p>
<p><span>इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि यदि वह विधानसभा पहुंचे तो वहां ‘गंदगी फैलाने’ का काम करेंगे।</span></p>
<p><span>केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद बांकीपुर उपचुनाव की राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।</span></p>
<h3><span>Bankipur By Election 2026 में क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला?</span></h3>
<p><span>बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा के मजबूत राजनीतिक क्षेत्रों में गिनी जाती रही है। लेकिन इस बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।</span></p>
<p><span>प्रशांत किशोर इसे बिहार में अपनी ‘नई राजनीति’ के संदेश से जोड़ रहे हैं। वहीं भाजपा इस सीट पर अपने संगठन, पुराने जनाधार और विकास कार्यों के सहारे चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।</span></p>
<p><span>भाजपा के पहले उम्मीदवार के पीछे हटने और इसके बाद नया प्रत्याशी घोषित किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। प्रशांत किशोर ने भी उम्मीदवार बदलने के बाद भाजपा पर राजनीतिक दबाव में होने का दावा किया था।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor से और तेज होगी सियासी लड़ाई</span></h3>
<p><span>बांकीपुर उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई तक सीमित नहीं दिख रहा। यह चुनाव भाजपा के लिए अपने मजबूत गढ़ को बचाने की चुनौती है, जबकि प्रशांत किशोर के लिए चुनावी राजनीति में सीधे जनादेश हासिल करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह के ताजा बयान से साफ है कि भाजपा प्रशांत किशोर पर आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। दूसरी ओर जन सुराज भी भाजपा के उम्मीदवार बदलने को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।</span></p>
<p><span>अब नजर प्रशांत किशोर और जन सुराज की प्रतिक्रिया पर होगी। चुनाव की तारीख करीब आने के साथ बांकीपुर में जुबानी हमले और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन दोनों तेज होने की संभावना है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Gyanvapi Dispute: ज्ञानवापी, मथुरा और संभल विवाद में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल, विशेष लोक अदालत में सुलह की कोशिश</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/gyanvapi-dispute-supreme-courts-biggest-initiative-in-gyanvapi-mathura-and-sambhal-disputes-attempts-to-reconcile-in-special-lok-adalat</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/gyanvapi-dispute-supreme-courts-biggest-initiative-in-gyanvapi-mathura-and-sambhal-disputes-attempts-to-reconcile-in-special-lok-adalat</guid>
<description><![CDATA[ Gyanvapi Dispute समेत मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल विवाद में सुलह की कोशिश तेज हो सकती है। 21 से 23 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत आयोजित होगी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 23:16:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Gyanvapi Dispute, Gyanvapi Case, Mathura Dispute, Sambhal Dispute, Supreme Court News, Special Lok Adalat</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद से लेकर मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल से जुड़े मंदिर-मस्जिद मामलों में अब बातचीत और आपसी सहमति से समाधान तलाशने की कोशिश हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन संवेदनशील मामलों से जुड़े पक्षों को विशेष लोक अदालत की प्रक्रिया के लिए नोटिस भेजे गए हैं।</span></p>
<p><span>सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान समारोह-2026’ पहल के तहत 21, 22 और 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत आयोजित की जानी है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आपसी सहमति से निपटाए जा सकने वाले लंबित मामलों में पक्षकारों को बातचीत का अवसर देना है।</span></p>
<h3><span>Gyanvapi Dispute में सुलह की कोशिश, 14 जुलाई को शुरुआती वार्ता</span></h3>
<p><span>ज्ञानवापी विवाद से जुड़े पक्षों के बीच 14 जुलाई को वाराणसी में शुरुआती सुलह वार्ता होने की रिपोर्ट है। इसका मकसद अगस्त में प्रस्तावित विशेष लोक अदालत से पहले बातचीत की संभावनाओं को समझना बताया जा रहा है।</span></p>
<p><span>रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदू और मुस्लिम पक्षों को इस प्रक्रिया के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि किसी भी समझौते का रास्ता दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगा।</span></p>
<h3><span>विशेष लोक अदालत में 21 से 23 अगस्त तक होगी प्रक्रिया</span></h3>
<p><span>सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ‘समाधान समारोह-2026’ की शुरुआत 21 अप्रैल से हुई है। इसका समापन 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगा।</span></p>
<p><span>इस पहल में सुप्रीम कोर्ट में लंबित और सुलह योग्य मामलों को आपसी बातचीत के जरिए निपटाने की कोशिश की जाएगी। पक्षकार पूर्व-सुलह बैठकों में व्यक्तिगत या वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं।</span></p>
<h3><span>ज्ञानवापी के साथ मथुरा और संभल विवाद की चर्चा</span></h3>
<p><span>रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ज्ञानवापी के अलावा मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद और संभल से जुड़े धार्मिक स्थल विवाद के पक्षकारों को भी प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।</span></p>
<p><span>ये तीनों मामले लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे हैं। अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं और कई मुद्दे अदालतों में विचाराधीन हैं।</span></p>
<p><span>ऐसे में विशेष लोक अदालत की पहल को सीधे किसी पक्ष के दावे पर फैसला नहीं माना जाना चाहिए। इसका उद्देश्य बातचीत के जरिए सहमति की संभावना तलाशना है।</span></p>
<h4><span>Gyanvapi Dispute क्या है?</span></h4>
<p><span>वाराणसी का ज्ञानवापी परिसर काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा हुआ है। परिसर से जुड़े पूजा अधिकार, सर्वे और धार्मिक दावों को लेकर अलग-अलग अदालतों में कानूनी कार्यवाही चली है।</span></p>
<p><span>हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के अपने-अपने कानूनी दावे हैं। मामला संवेदनशील होने के कारण अदालतों के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड ही इससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि का प्रमुख आधार हैं।</span></p>
<h3><span>संभल विवाद में भी दोनों पक्षों के अलग दावे</span></h3>
<p><span>संभल से जुड़े मामले में धार्मिक स्थल और परिसर की भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार और मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत में अलग-अलग दावे रखे गए हैं।</span></p>
<p><span>कुएं और भूमि की स्थिति को लेकर भी पक्षों में मतभेद है। सरकार की ओर से पूर्व में अदालत में अपना पक्ष रखा गया है, जबकि मस्जिद कमेटी के दावे अलग रहे हैं।</span></p>
<p><span>मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण किसी भी आरोप या दावे को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।</span></p>
<h3><span>मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद भी लंबे समय से अदालत में</span></h3>
<p><span>मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे शाही ईदगाह परिसर को लेकर भूमि और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मुकदमे लंबे समय से चर्चा में हैं।</span></p>
<p><span>हिंदू पक्ष की ओर से परिसर को लेकर विभिन्न दावे किए गए हैं। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने भी अदालत में अपना कानूनी पक्ष रखा है।</span></p>
<p><span>अब यदि पक्षकार विशेष लोक अदालत की सुलह प्रक्रिया में आगे बढ़ते हैं तो बातचीत के जरिए किसी सहमति की संभावना तलाशी जा सकती है।</span></p>
<h3><span>क्यों अहम है Supreme Court की Special Lok Adalat?</span></h3>
<p><span>विशेष लोक अदालत का मूल उद्देश्य लंबित और सुलह योग्य मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर देना है।</span></p>
<p><span>ज्ञानवापी, मथुरा और संभल जैसे धार्मिक रूप से संवेदनशील विवादों में बातचीत की कोई भी पहल महत्वपूर्ण मानी जाएगी। हालांकि समाधान तभी संभव है, जब संबंधित पक्ष स्वेच्छा से किसी सहमति पर पहुंचें।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Google Search Console Update: अब Instagram&#45;YouTube पोस्ट का भी दिखेगा डेटा, Search और Discover ट्रैफिक ऐसे करें ट्रैक</title>
<link>https://www.newstvindia.in/technology/google-search-console-update-now-instagram-youtube-posts-will-also-be-visible-data-search-and-discover-traffic-heres-how-to-track</link>
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<description><![CDATA[ Google Search Console Update में नया Platform Properties फीचर आया है। अब Instagram, TikTok, X और YouTube कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस ट्रैक की जा सकेगी। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202607/image_1200x675_6a530be85262b.webp" length="23846" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 09:10:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Google Search Console Update, Platform Properties, Google Discover, Social Media SEO, Instagram Traffic, YouTube SEO</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>सोशल मीडिया क्रिएटर्स और डिजिटल पब्लिशर्स के लिए Google ने Search Console में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल वेबसाइट ही नहीं, बल्कि Instagram, TikTok, X और YouTube पर प्रकाशित कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस को भी समझना आसान होगा।</span></p>
<p><span>Google ने Search Console में नया </span><span>Platform </span>Properties फीचर पेश किया है। इसकी मदद से क्रिएटर्स देख सकेंगे कि उनकी कौन-सी सोशल मीडिया पोस्ट Google पर दिखाई दे रही है और वहां से कितना ट्रैफिक मिल रहा है।</p>
<p><span>यह अपडेट खासतौर पर उन क्रिएटर्स के लिए अहम है, जिनकी अपनी वेबसाइट नहीं है और वे सोशल या वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए ही ऑडियंस तक पहुंचते हैं।</span></p>
<h3><span>Google Search Console Update में क्या है Platform Properties?</span></h3>
<p><span>Platform Properties एक नया प्रॉपर्टी टाइप है। यह अलग-अलग सोशल और वीडियो प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी क्रिएटर के कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस का एक साथ डेटा दिखाता है।</span></p>
<p><span>शुरुआती तौर पर Instagram, TikTok, X और YouTube को सपोर्ट दिया गया है। </span>यानी अगर आपका कंटेंट इन प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होता है और Google Search या Discover में दिखाई देता है, तो उसकी परफॉर्मेंस से जुड़े आंकड़े Search Console में देखे जा सकेंगे।</p>
<h3><span>Instagram और YouTube पोस्ट के Clicks-Impressions दिखेंगे</span></h3>
<p><span>नए Google Search Console Update में Performance Report महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां क्रिएटर्स अपने कंटेंट के Clicks और Impressions जैसे प्रमुख मेट्रिक्स देख सकेंगे।</span></p>
<p><span>डेटा को Search Queries और अलग-अलग पोस्ट के आधार पर फिल्टर किया जा सकेगा। इससे यह समझना आसान होगा कि Google पर लोग किस तरह के सवाल या कीवर्ड खोजकर आपके कंटेंट तक पहुंच रहे हैं।</span></p>
<p><span>जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सपोर्ट कर आगे विश्लेषण भी किया जा सकेगा।</span></p>
<h3><span>Google Discover Traffic को समझने में मिलेगी मदद</span></h3>
<p><span>Google का नया फीचर केवल Search तक सीमित नहीं है। Platform Properties के जरिए Discover पर कंटेंट की परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी।</span></p>
<p><span>क्रिएटर्स के लिए यह समझना आसान होगा कि हाल के दिनों में कौन-सा कंटेंट बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।</span></p>
<p><span>Insights Report में ट्रैफिक ट्रेंड, टॉप परफॉर्मिंग पोस्ट और Google के जरिए कंटेंट खोजे जाने के तरीकों का हाई-लेवल स्नैपशॉट मिलेगा।</span></p>
<h3><span>Google Search Console में मिलेगा Achievements सेक्शन</span></h3>
<p><span>नए अपडेट में Achievements सेक्शन भी दिया गया है। यह क्रिएटर्स को Google Search से मिलने वाले ट्रैफिक की ग्रोथ और महत्वपूर्ण माइलस्टोन ट्रैक करने में मदद करेगा।</span></p>
<p><span>उदाहरण के तौर पर पिछले 28 दिनों में Google Search से नया Click Threshold हासिल करने जैसी उपलब्धियों को यहां देखा जा सकेगा।</span></p>
<p><span>इससे क्रिएटर्स को अपने कंटेंट की ग्रोथ समझने में मदद मिलेगी।</span></p>
<h4><span>Platform Properties को कैसे करें सेटअप?</span></h4>
<p><span>Google Search Console में Platform Property जोड़ने के लिए Property Selector से ‘Add property’ विकल्प चुनना होगा।</span></p>
<p><span>इसके बाद उपलब्ध सोशल या वीडियो प्लेटफॉर्म को चुनकर अकाउंट कनेक्शन को अधिकृत करना होगा। Verification Process पूरा होने के बाद संबंधित प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।</span></p>
<p><span>Google के मुताबिक यह फीचर आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।</span></p>
<h3><span>Publishers और News Creators के लिए क्यों अहम है अपडेट?</span></h3>
<p><span>न्यूज पब्लिशर्स और डिजिटल मीडिया क्रिएटर्स के लिए यह फीचर खास मायने रखता है। अब यह समझना संभव होगा कि Instagram Reels, YouTube Videos या सोशल पोस्ट में से कौन-सा कंटेंट Google Search में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।</span></p>
<p><span>इस डेटा के आधार पर कंटेंट टीम Search Queries, टॉप पोस्ट और ऑडियंस डिस्कवरी पैटर्न को समझ सकती है।</span></p>
<p><span>हालांकि Search Console का डेटा किसी पोस्ट की रैंकिंग बढ़ाने की गारंटी नहीं देता। यह एक परफॉर्मेंस और एनालिसिस टूल है, जिसकी मदद से कंटेंट रणनीति से जुड़े फैसले अधिक डेटा आधारित तरीके से लिए जा सकते हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM Modi New Zealand Visit: ऑकलैंड में बोले पीएम मोदी&#45; भारत और न्यूजीलैंड हैं नैचुरल पार्टनर, रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-in-auckland-india-and-new-zealand-are-natural-partners-new-direction-for-strategic-partnership</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-in-auckland-india-and-new-zealand-are-natural-partners-new-direction-for-strategic-partnership</guid>
<description><![CDATA[ PM Modi New Zealand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ वार्ता की। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202607/image_1200x675_6a51ad3806882.webp" length="51884" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 08:11:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi New Zealand Visit, Narendra Modi New Zealand, Christopher Luxon, India New Zealand Strategic Partnership, PM Modi Auckland, India New Zealand Relations</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>PM Modi New Zealand Visit</span></strong><span> के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री </span><strong><span>क्रिस्टोफर लक्सन</span></strong><span> के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को </span><strong><span>रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership)</span></strong><span> के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को "नैचुरल पार्टनर" बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देगा।</span></p>
<h2><span>PM Modi New Zealand Visit: 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक दौरा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड पहुंचने पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि करीब </span><strong><span>40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा</span></strong><span> हो रहा है, जो अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि ऑकलैंड में आयोजित कार्यक्रम दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने का अवसर बना है। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के लोगों द्वारा भारत के प्रति दिखाए गए स्नेह और सम्मान को भी भावुक करने वाला बताया।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">Honoured to receive a ceremonial welcome at Government House in Auckland. The traditional Māori pōwhiri was a moving reflection of New Zealand’s rich heritage and traditions.<a href="https://x.com/chrisluxonmp?ref_src=twsrc%5Etfw">@chrisluxonmp</a> <a href="https://t.co/6yhtmert9N">pic.twitter.com/6yhtmert9N</a></p>
— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2075746460759646527?ref_src=twsrc%5Etfw">July 11, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><span>भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों की मित्रता में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू हो रहा है, जो भविष्य में आर्थिक, व्यापारिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के योगदान को नई दिशा देगी।</span></p>
<h2><span>क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा का भी किया जिक्र</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की हालिया भारत यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि होली के अवसर पर उनकी भारत यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में "नए रंग" भर दिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी कहा कि उसी यात्रा के दौरान शुरू हुई </span><strong><span>मुक्त व्यापार समझौता (FTA)</span></strong><span> प्रक्रिया बेहद कम समय में आगे बढ़ी, जो वैश्विक स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार और प्रधानमंत्री लक्सन की टीम की सराहना की।</span></p>
<h2><span>कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण </span><strong><span>समझौता ज्ञापनों (MoUs)</span></strong><span> का आदान-प्रदान भी किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, शिक्षा, नवाचार, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना है।</span></p>
<h2><span>गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत</span></h2>
<p><span>ऑकलैंड स्थित </span><strong><span>गवर्नमेंट हाउस</span></strong><span> में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें </span><strong><span>गार्ड ऑफ ऑनर</span></strong><span> भी दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Hormuz Strait Crisis: समझौते के कुछ घंटों बाद ही भड़का ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर बंद, दुनिया की बढ़ी चिंता</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/hormuz-strait-crisis-iran-strait-of-hormuz-close-again-after-a-few-hours-of-agreement</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/international/hormuz-strait-crisis-iran-strait-of-hormuz-close-again-after-a-few-hours-of-agreement</guid>
<description><![CDATA[ अमेरिका-ईरान समझौते के कुछ घंटों बाद ही नया विवाद खड़ा हो गया। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर बंद करने का फैसला किया है। जानिए लेबनान विवाद, ट्रंप-नेतन्याहू मतभेद और वैश्विक तेल बाजार पर इसका असर। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202606/image_1200x675_6a35f24e65618.webp" length="103636" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 20 Jun 2026 07:23:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Strait of Hormuz, Iran News, Middle East Crisis, Donald Trump, Benjamin Netanyahu, Iran Israel Conflict, Global Oil Market, Hormuz Strait Closure, America Iran Agreement, West Asia News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>नई दिल्ली डेस्क:</span></strong><span> पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और समझौते की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद नया विवाद सामने आ गया। ईरान ने आरोप लगाया है कि समझौते की कई अहम शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी नाराजगी के बीच तेहरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद करने का फैसला किया है। इस कदम ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चिंता पैदा कर दी है।</span></p>
<h4><span>समझौते के बाद क्यों भड़का ईरान?</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा था। हालांकि, ईरान का कहना है कि समझौते में शामिल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। तेहरान का आरोप है कि लेबनान से इजरायली सेना की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम करने जैसी शर्तों को लागू नहीं किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी वजह से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जब तक समझौते की शर्तों को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद रखा जाएगा। ईरान इस फैसले को अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जोड़कर देख रहा है।</span></p>
<h4><span>लेबनान में जारी सैन्य अभियान बना विवाद की बड़ी वजह</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>मौजूदा तनाव की सबसे बड़ी वजह लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियां हैं। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान में अपना अभियान फिलहाल बंद नहीं करेगा। इजरायली नेतृत्व का मानना है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य मौजूदगी जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है और भारी नुकसान भी हुआ है। इन घटनाओं के बाद युद्धविराम की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। ईरान का मानना है कि लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई समझौते की भावना के खिलाफ है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।</span></p>
<h4><span>ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बढ़े मतभेद</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस पूरे घटनाक्रम का असर अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सैन्य अभियानों को सीमित किया जाना चाहिए। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) अपने सुरक्षा दृष्टिकोण पर कायम हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दोनों नेताओं के बयानों में दिखाई दे रहे अंतर ने यह संकेत दिया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर रणनीतिक मतभेद उभर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों का भी मानना है कि केवल सैन्य कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देना जरूरी है।</span></p>
<h4><span>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से बढ़ी वैश्विक चिंता</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इसके बंद होने की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारत समेत कई ऐसे देश, जो बड़े पैमाने पर ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं, इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर देखने को मिल सकता है।</span></p>
<h4><span>कूटनीतिक समाधान की कोशिशें तेज</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की बड़ी शक्तियां स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुट गई हैं। कई देशों की कोशिश है कि हाल ही में हुए समझौते को बचाया जाए और क्षेत्र को एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने से रोका जा सके।</span></p>
<p><span>हालांकि मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि समझौते की शर्तों को लेकर सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तो पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है। इसका असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला टी20 विश्व कप 2026: दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी, भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराकर किया विजयी आगाज</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/womens-t20-world-cup-2026-deepti-sharmas-lethal-bowling-india-beat-pakistan-by-64-runs</link>
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<description><![CDATA[ महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women&#039;s T20 World Cup 2026) में भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। स्मृति मंधाना ने 68 रन की दमदार पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 07:10:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Women&#039;s T20 World Cup 2026, India Women vs Pakistan Women, Deepti Sharma, Smriti Mandhana, Harmanpreet Kaur, Richa Ghosh, Team India Women, Cricket News, Sports News Hindi, IND W vs PAK W</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एजबेस्टन : </strong>महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान का आगाज शानदार जीत के साथ किया है। भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना की शानदार बल्लेबाजी और दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी भारतीय टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह रही।</p>
<h3>स्मृति मंधाना ने खेली शानदार अर्धशतकीय पारी</h3>
<p>टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर टीम के इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं और 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।</p>
<p>इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे भारत को शुरुआती झटका लगा। हालांकि, स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 91 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।</p>
<p>स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 68 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने कई आकर्षक शॉट लगाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 35 गेंदों में 36 रन का योगदान दिया।</p>
<h3>ऋचा घोष ने अंत में खेली तूफानी पारी</h3>
<p>पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन बटोरते हुए भारतीय स्कोर को 170 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ऋचा ने 17 गेंदों में 34 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें एक छक्का और पांच चौके शामिल रहे।</p>
<p>निर्धारित 20 ओवर में भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए।</p>
<p>पाकिस्तान की ओर से सादिया इकबाल और फातिमा सना ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि तस्मिया रुबाब और रमीन शमीम को एक-एक सफलता मिली।</p>
<h3>दीप्ति शर्मा का 'पंच', पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखरी</h3>
<p>171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ने जरूर संघर्ष करते हुए 35 गेंदों में 41 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।</p>
<p>पूरी पाकिस्तानी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 64 रन से अपने नाम कर लिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">A historic fifer for a historic milestone! 🫡<br><br>Deepti Sharma, take a bow 👏💙<br><br>Scorecard ▶️ <a href="https://t.co/1tfRc3jcrX">https://t.co/1tfRc3jcrX</a><a href="https://x.com/hashtag/TeamIndia?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#TeamIndia</a> | <a href="https://x.com/hashtag/WomenInBlue?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WomenInBlue</a> | <a href="https://x.com/hashtag/T20WorldCup?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#T20WorldCup</a> | <a href="https://x.com/Deepti_Sharma06?ref_src=twsrc%5Etfw">@Deepti_Sharma06</a> <a href="https://t.co/i606UJ3qPI">pic.twitter.com/i606UJ3qPI</a></p>
— BCCI Women (@BCCIWomen) <a href="https://x.com/BCCIWomen/status/2066213808931324390?ref_src=twsrc%5Etfw">June 14, 2026</a></blockquote>
<p>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</p>
<h3>पांच विकेट लेकर छाईं दीप्ति शर्मा</h3>
<p>भारतीय टीम की जीत की सबसे बड़ी हीरो ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं। उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।</p>
<p>दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) ने चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा श्री चरणी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट झटके।</p>
<p>शेफाली वर्मा को भी एक विकेट हासिल हुआ।</p>
<h3>जीत के साथ भारत ने दिया मजबूत संदेश</h3>
<p>महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) के अपने पहले मुकाबले में भारत ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना और ऋचा घोष ने जिम्मेदारी निभाई, जबकि गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने पाकिस्तान की टीम को संभलने का मौका नहीं दिया।</p>
<p>इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए हैं और आगे के मुकाबलों के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले से पाकिस्तान में बढ़ा जल संकट, सिंध और बलूचिस्तान में हालात गंभीर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/indias-decision-on-indus-waters-treaty-aggravates-water-crisis-in-pakistan-situation-in-sindh-and-balochistan-critical</link>
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<description><![CDATA[ भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में जल संकट गहराता जा रहा है। नहरों में पानी की कमी से खेती प्रभावित हो रही है और लाखों लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:51:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>सिंधु जल संधि, Indus Waters Treaty, Pakistan Water Crisis, सिंध जल संकट, बलूचिस्तान जल संकट, India Pakistan News, Rajnath Singh, Pahalgam Terror Attack, Pakistan Agriculture Crisis, India Pakistan Relations</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर जारी विवाद का असर अब पाकिस्तान के कई हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांत गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि देश की बड़ी आबादी पानी की कमी से जूझ रही है और इसका सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है।</p>
<h3>सिंध और बलूचिस्तान में गहराया जल संकट</h3>
<p>पाकिस्तान के सिंध प्रांत की कई प्रमुख नहरों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। इसकी वजह से किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। कई इलाकों में खेत सूखने लगे हैं, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसका असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण रोजगार पर भी पड़ सकता है।</p>
<h3>भारत ने क्यों रोकी सिंधु जल संधि?</h3>
<p>भारत ने वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने का फैसला लिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर तनाव और बढ़ गया।</p>
<p>भारत सरकार का रुख साफ रहा है कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ सामान्य संबंध संभव नहीं हैं। केंद्र सरकार की ओर से कई बार यह दोहराया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p>हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मुद्दे पर भारत का सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि देश अपने जल संसाधनों को आतंकवाद को समर्थन देने वालों तक नहीं पहुंचने देगा।</p>
<h3>क्या है सिंधु जल संधि?</h3>
<p>सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। यह समझौता दोनों देशों के बीच नदियों के जल बंटवारे का आधार बना और कई दशकों तक दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण माध्यम रहा।</p>
<p>हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दों के कारण यह समझौता फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।</p>
<h3>पाकिस्तान में बढ़ रहा राजनीतिक विवाद</h3>
<p>जल संकट के बीच पाकिस्तान में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हालात बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p>जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेतृत्व वाली सिंध सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कराची समेत कई इलाकों में पानी की पुरानी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पानी की कमी आने वाले समय में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।</p>
<h3>अर्थव्यवस्था और कृषि पर पड़ सकता है असर</h3>
<p>पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में जल संकट ने नई चिंता खड़ी कर दी है। कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है और पानी की कमी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।</p>
<p>यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो खाद्यान्न उत्पादन, ग्रामीण रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मौसम और बारिश की स्थिति पाकिस्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<h3>भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ी संवेदनशीलता</h3>
<p>सिंधु जल संधि को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।</p>
<p>फिलहाल, पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में पानी की कमी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कृषि व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जबकि विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IND vs AFG Live Score: रहमत शाह आउट, भारत को मिली तीसरी सफलता, धर्मशाला में रोमांचक मुकाबला जारी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/ind-vs-afg-live-score-rahmat-shah-out-indias-third-success-exciting-match-in-dharamsala</link>
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<description><![CDATA[ IND vs AFG 1st ODI Live Score: भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में खेले जा रहे पहले वनडे में टीम इंडिया को बड़ी सफलता मिली है। रहमत शाह के आउट होने के साथ ही अफगानिस्तान को तीसरा झटका लगा। मैच से जुड़े हर अपडेट के लिए पढ़ें पूरी खबर। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:41:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>IND vs AFG Live Score, India vs Afghanistan Live Score, IND vs AFG 1st ODI, भारत बनाम अफगानिस्तान लाइव स्कोर, India vs Afghanistan 1st ODI</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धर्मशाला : </strong>भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार, 13 जून को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और शुरुआती ओवरों से ही अफगानिस्तान पर दबाव बनाए रखा। इस बीच टीम इंडिया को तीसरी बड़ी सफलता तब मिली, जब अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह (Rahmat Shah) पवेलियन लौट गए।</p>
<h3>IND vs AFG Live Score: अफगानिस्तान को लगा तीसरा झटका</h3>
<p>अफगानिस्तान की पारी के दौरान भारत के गेंदबाज लगातार विकेट निकालने में सफल रहे। रहमत शाह के आउट होने से मेहमान टीम की स्थिति दबाव में आ गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए अफगान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।</p>
<p>धर्मशाला की तेज पिच का फायदा भारतीय गेंदबाजों को मिलता हुआ नजर आया और अफगानिस्तान की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही।</p>
<h3>भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी</h3>
<p>भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से यह सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।</p>
<p>इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को वनडे क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। वहीं लंबे समय बाद रोहित शर्मा की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी भी फैंस के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।</p>
<h3>रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें</h3>
<p>IND vs Afghanistan 1st ODI (India vs Afghanistan 1st ODI) में सभी की नजरें रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में नंबर-3 पर कौन बल्लेबाजी करेगा, इसे लेकर भी काफी चर्चा रही। ऐसे में ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल को लेकर कई संभावनाएं जताई जा रही हैं।</p>
<p>इसके अलावा हार्दिक पांड्या की जगह टीम में शामिल किए गए नितीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन पर भी क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बनी हुई हैं।</p>
<h3>कहां देख सकते हैं IND vs AFG 1st ODI Live?</h3>
<p>भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ। क्रिकेट फैंस इस मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर देख सकते हैं।</p>
<p>इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप यूजर्स जियोहॉटस्टार ऐप के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं। वहीं डीडी फ्री डिश उपयोगकर्ताओं के लिए डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुकाबले का सीधा प्रसारण उपलब्ध है।</p>
<h3>दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन</h3>
<h4>भारत</h4>
<p>शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।</p>
<h4>अफगानिस्तान</h4>
<p>इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर और जिया उर रहमान शरीफी।</p>
<h3>धर्मशाला की पिच और मौसम का हाल</h3>
<p>HPCA स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में गेंद स्विंग होने की वजह से बल्लेबाजों को सावधानी बरतनी पड़ती है। हालांकि, एक बार बल्लेबाज के सेट हो जाने के बाद यहां बड़े स्कोर भी देखने को मिलते हैं।</p>
<p>मौसम की बात करें तो बारिश की संभावना ने मैच से पहले चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक मौसम साफ रहेगा और दर्शकों को पूरे मुकाबले का रोमांच देखने को मिलेगा।</p>
<h3>वनडे में भारत का पलड़ा भारी</h3>
<p>अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत का दबदबा साफ दिखाई देता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक खेले गए चार वनडे मुकाबलों में टीम इंडिया ने तीन मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा था। अफगानिस्तान अभी तक वनडे क्रिकेट में भारत को हराने में सफल नहीं हो पाया है।</p>
<p>फिलहाल धर्मशाला में मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है और भारतीय गेंदबाज अफगानिस्तान पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। मैच के हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ? अब संभालेंगे भारतीय सेना प्रमुख की कमान</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/who-is-lt-gen-dheeraj-seth-will-now-take-over-the-command-of-the-indian-army-chief</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/who-is-lt-gen-dheeraj-seth-will-now-take-over-the-command-of-the-indian-army-chief</guid>
<description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले धीरज सेठ 30 जून से आर्मी चीफ का पद संभालेंगे। जानिए उनका पूरा सैन्य सफर और उपलब्धियां। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, Lieutenant General Dhiraj Seth, Indian Army Chief, New Army Chief of India, भारतीय सेना प्रमुख, धीरज सेठ कौन हैं, Army Chief Appointment, General Upendra Dwivedi, Indian Army News, Defence News India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> भारतीय थल सेना के नेतृत्व में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) को देश का अगला सेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह 30 जून को जनरल के स्थायी रैंक के साथ भारतीय सेना की कमान संभालेंगे और मौजूदा थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।</p>
<h3>कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ?</h3>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) भारतीय सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिनके पास लगभग 40 वर्षों का व्यापक सैन्य अनुभव है। उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया और दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर (Armoured Corps) में कमीशन हासिल किया।</p>
<p>अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आतंकवाद विरोधी अभियानों तक, उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।</p>
<p><img src="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202606/image_1200x675_6a2d5432eafc5.webp" alt="" style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;"></p>
<h3>रक्षा मंत्रालय ने बताया अनुभव का दायरा</h3>
<p>रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कमांडिंग अनुभव काफी व्यापक और विविध रहा है। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक बख्तरबंद रेजिमेंट का नेतृत्व किया, जबकि विकसित इलाकों में बख्तरबंद ब्रिगेड की कमान भी संभाली।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों का सफल संचालन किया। उनकी रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के कारण उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">The Government has appointed Lieutenant General Dhiraj Seth, PVSM, UYSM, AVSM, presently serving as the Vice Chief of the Army Staff, as the next Chief of the Army Staff in the substantive rank of General with effect from the afternoon of 30 June 2026.<br><br>An alumnus of the National… <a href="https://t.co/RExcCKjWJh">pic.twitter.com/RExcCKjWJh</a></p>
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) <a href="https://x.com/SpokespersonMoD/status/2065734279913758952?ref_src=twsrc%5Etfw">June 13, 2026</a></blockquote>
<p>
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</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने प्रसिद्ध सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्हें दिल्ली क्षेत्र का जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सैन्य दायित्वों का निर्वहन किया।</p>
<h3>दो ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व करने का गौरव</h3>
<p>सेना में शीर्ष स्तर तक पहुंचने के बाद धीरज सेठ ने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व करने का दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया।</p>
<p>सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का अनुभव किसी भी सेना प्रमुख के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे युद्धक तैयारियों और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता और मजबूत होती है।</p>
<h3>जम्मू-कश्मीर से लेकर संयुक्त राष्ट्र मिशन तक निभाई अहम भूमिका</h3>
<p>अपने करियर में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर काम किया है। जम्मू-कश्मीर में उन्होंने स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में जिम्मेदारी निभाई।</p>
<p>इसके अलावा, वह अफ्रीकी देश अंगोला में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) शांति मिशन के संचालन अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सेना मुख्यालय में सहायक सैन्य सचिव की भूमिका निभाने के साथ-साथ उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑपरेशंस और अनुशासन, समारोह एवं कल्याण महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया।</p>
<p>भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और क्षमता विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयासों में भी उनका अहम योगदान माना जाता है।</p>
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<h3>सैन्य शिक्षा में भी रहे अव्वल</h3>
<p>धीरज सेठ सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण में भी हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ छात्र अधिकारी पदक’ से सम्मानित किया गया।</p>
<p>उन्होंने प्रतिष्ठित हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अंतरराष्ट्रीय सैन्य समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया।</p>
<h3>30 जून से संभालेंगे सेना की कमान</h3>
<p>30 जून से लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ देश के 31वें सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। ऐसे समय में जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार आधुनिक बना रहा है और सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं, तब उनके अनुभव और नेतृत्व को भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>करीब चार दशकों के अनुभव और विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में नेतृत्व की पृष्ठभूमि के साथ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ अब भारतीय सेना को नई दिशा देने की जिम्मेदारी निभाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>महिला टी20 विश्व कप: डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रनों से रौंदा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/women-t20-world-cup-danny-wyatt-century-england-thrashes-sri-lanka</link>
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<description><![CDATA[ डैनी व्याट के धमाकेदार शतक और फ्रेया ग्रेस केम्प के चार विकेट की बदौलत इंग्लैंड ने महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका को 87 रनों से हराया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 07:16:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Women&#039;s T20 World Cup, England, Sri Lanka, Danny Wyatt, Century, Cricket, ICC, Edgbaston</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><b>बर्मिंघम, (न्यूज़ टीवी इंडिया)।</b> मेजबान इंग्लैंड ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। शुक्रवार रात एजबेस्टन के मैदान पर खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रनों के बड़े अंतर से रौंदकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी पेश की। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 132 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।</p>
<h2>इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी का जलवा: डैनी व्याट का ऐतिहासिक शतक</h2>
<p>टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सिर्फ एक विकेट खोकर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी है। सलामी बल्लेबाज एमी जोन्स और डैनी व्याट ने पहले विकेट के लिए 13.4 ओवर में 135 रनों की लाजवाब साझेदारी कर टीम को मजबूत नींव प्रदान की।</p>
<p>एमी जोन्स ने 38 गेंदों में 4 चौके और एक छक्के की मदद से शानदार 53 रन बनाए। हालांकि, पारी की मुख्य आकर्षण डैनी व्याट रहीं, जिन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शतकीय पारी खेली। व्याट ने 62 गेंदों में 13 चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 105 रन बनाए, जो उनके टी20 करियर का एक यादगार पल बन गया। कप्तान नैट साइवर ब्रंट ने भी अंत के ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 46 रन बनाए और टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया।</p>
<h2>श्रीलंकाई बल्लेबाजों का संघर्ष और इंग्लैंड की धारदार गेंदबाज़ी</h2>
<p>220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान चमारी अटापट्टू बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और महज 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। विश्मी गुणरत्ने को लॉरेन बेल ने 6 रनों के स्कोर पर आउट किया, जबकि इमेशा दुलानी भी 7 रन ही बना सकीं।</p>
<p>हंसिमा करुणारत्ने 11 रन बनाने के बाद चार्ली डीन का शिकार बनीं। हर्षिता समरविक्रमा ने कुछ दमदार शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहीं और 18 गेंदों में 29 रन बनाकर आउट हो गईं। कविशा दिलहरी ने 19 रनों का योगदान दिया, जबकि नीलाक्षी डी सिल्वा 33 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। हालांकि, उनकी यह पारी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं थी।</p>
<p>इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में फ्रेया ग्रेस केम्प ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 22 रन खर्च करते हुए चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। सोफी एक्लेस्टोन और चार्ली डीन ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए, जबकि लॉरेन बेल और स्मिथ के खाते में एक-एक विकेट आया। इस तरह इंग्लैंड ने एकतरफा मुकाबले में श्रीलंका को 87 रनों से हराकर महिला टी20 विश्व कप में अपनी मजबूत शुरुआत की है।</p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>नेपाल के पूर्व PM केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक जेल से रिहा: 13 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली आजादी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/former-nepal-pm-kp-sharma-oli-and-ramesh-lekhak-released-from-jail-13-days-after-supreme-court-order</link>
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<description><![CDATA[ नेपाल की राजनीति में पिछले दो हफ्तों से चल रही उठापटक के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गुरुवार को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोनों नेताओं की 13 दिनों की जेल यात्रा समाप्त हुई है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 07:03:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>KP Sharma Oli Released, Ramesh Lekhak, Nepal Supreme Court, Kathmandu News, Gen-Z Protests Nepal, Nepal Politics 2026</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>काठमांडू : </strong>नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। उन्होंने जेल में 13 दिन बिताए थे।</p>
<p></p>
<p>इन दोनों को 28 मार्च को एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो पिछले साल सितंबर में जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों को दबाने से जुड़ा था। इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों की जान चली गई थी और इसे 'दोषपूर्ण हत्या' का मामला माना गया था।</p>
<p></p>
<p>केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक के परिवारों की ओर से दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि काठमांडू जिला अदालत की ओर से दी गई पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, गुरुवार तक इन दोनों को रिहा कर दिया जाए।</p>
<p></p>
<p>सोमवार को जारी अदालत के आदेश में कहा गया था कि जांच पूरी करें और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें, या 'राष्ट्रीय आपराधिक प्रक्रिया संहिता' के अनुसार केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक को हिरासत से रिहा करें।</p>
<p></p>
<p>पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने दावा किया कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था।</p>
<p></p>
<p>ओली ने फेसबुक पर लिखा कि हालाँकि सरकार ने मेरे खिलाफ पक्षपातपूर्ण और बदले की भावना से आपराधिक आरोप लगाए और मुझे 13 दिनों तक अवैध हिरासत में रखा, लेकिन आखिरकार मुझे रिहा कर दिया गया, क्योंकि सरकार इस मामले में मुझ पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार और सबूत पेश करने में विफल रही।</p>
<p></p>
<p>हालाँकि, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी खराब सेहत के कारण वे इलाज के लिए कुछ और दिनों तक अस्पताल में ही रहेंगे।</p>
<p></p>
<p>बता दें कि ओली और लेखक की गिरफ़्तारी, 'विशेष अदालत' के पूर्व अध्यक्ष गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले एक आयोग की सिफारिश के बाद हुई। इस आयोग का गठन पिछले साल 8 और 9 सितंबर को नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच के लिए किया गया था।</p>
<p></p>
<p>आयोग ने सिफ़ारिश की थी कि केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक और पूर्व पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग पर 'राष्ट्रीय दंड संहिता' की धारा 181 और 182 के तहत 'आपराधिक लापरवाही' का आरोप लगाया जाए। अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की कैद की सजा हो सकती है।</p>
<p></p>
<p>सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, जेन-जी आंदोलन के दौरान 77 लोगों की जान चली गई थी, और 84 अरब नेपाली रुपये से अधिक की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।</p>]]> </content:encoded>
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