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<title>News TV India &#45; BaluSingh Rajpurohit</title>
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<description>News TV India &#45; BaluSingh Rajpurohit</description>
<dc:language>hi</dc:language>
<dc:rights>© 2026 News Tv India . All rights reserved.</dc:rights>

<item>
<title>Bhilwara Hospital Deaths: राजस्थान में 2 महीने में 18 प्रसूताओं की मौत, 6 दिन में 9 मामले; सरकारी अस्पतालों पर उठे सवाल</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/rajasthan/bhilwara-hospital-deaths-18-maternal-deaths-in-2-months-9-cases-in-6-days-in-rajasthan-questions-raised-on-government-hospitals</link>
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<description><![CDATA[ Bhilwara Hospital Deaths के बीच राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठे हैं। छह दिनों में भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में 9 और मई से पांच जिलों में 18 मातृ मौतें रिपोर्ट हुई हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 07:46:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Bhilwara Hospital Deaths, Rajasthan Maternal Deaths, Bhilwara Hospital, Banswara Hospital, Rajasthan Health News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मातृ मौतों के लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले छह दिनों में भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में नौ महिलाओं की मौत रिपोर्ट हुई है। वहीं मई से अब तक राज्य के पांच जिलों के सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु के 18 मामले सामने आ चुके हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Bhilwara Hospital Deaths</span></strong><span> के बाद सबसे ज्यादा सवाल संक्रमण नियंत्रण, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था और गंभीर मरीजों की निगरानी को लेकर उठ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिलाओं की मौत अलग-अलग चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इन मौतों के बीच कोई साझा कारण था या फिर मरीज अलग-अलग गंभीर मेडिकल स्थितियों से जूझ रही थीं।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital Deaths: छह दिन में पांच मौतों से मचा हड़कंप</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में सी-सेक्शन के बाद महिलाओं की मौत के मामले सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन जांच के घेरे में है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच महिलाओं की छह दिनों के भीतर मौत हुई। ऑपरेशन थिएटर से लिए गए कल्चर सैंपल में संक्रमण संबंधी चिंता सामने आने के बाद संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण को मौतों का प्रत्यक्ष कारण मानने से इनकार किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ के मुताबिक, महिलाओं की मौत के पीछे अलग-अलग मेडिकल जटिलताएं बताई गई हैं। इनमें हार्ट अटैक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म और प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव जैसी स्थितियां शामिल हैं।</span></p>
<h2><span>Rajasthan Maternal Deaths: बांसवाड़ा में भी चार महिलाओं की मौत</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>चिंता सिर्फ भीलवाड़ा तक सीमित नहीं है। बांसवाड़ा में भी चार मातृ मौतों के बाद जिला प्रशासन ने पांच वरिष्ठ डॉक्टरों की जांच समिति बनाई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>जिला प्रशासन के मुताबिक, दो महिलाएं गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थीं, जबकि दो की मौत सी-सेक्शन के बाद हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यही वजह है कि इन मामलों को एक साथ जोड़कर किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना फिलहाल जल्दबाजी होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लेकिन कम समय में लगातार सामने आई मौतों ने अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर बढ़ा दिए हैं।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital में संक्रमण का सवाल, OT से लिए गए सैंपल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भीलवाड़ा में ऑपरेशन थिएटर से नमूने लेकर जांच की गई है। संक्रमण से जुड़ी आशंका सामने आने के बाद प्रभावित ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी रोकने और मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने जैसे एहतियाती कदम उठाए जाने की रिपोर्ट है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यहां सबसे अहम सवाल यही है कि क्या ऑपरेशन थिएटर में मिले संक्रमण और महिलाओं की मौत के बीच कोई संबंध था?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल ऐसे किसी प्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया है। अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।</span></p>
<h2><span>‘बाकी बातें ब्रेक के बाद’ टिप्पणी पर क्यों मचा सियासी बवाल?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मातृ मौतों के मामलों के बीच राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की एक टिप्पणी भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवाल के दौरान उनकी 'बाकी बातें ब्रेक के बाद' वाली टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआती जानकारी के आधार पर चिकित्सा लापरवाही से इनकार किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि लगातार सामने आए मामलों के बाद सरकार पर विस्तृत जांच और जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।</span></p>
<h2><span>अशोक गहलोत ने Rajasthan Health System पर उठाए सवाल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मातृ मौतों और प्रसव के बाद महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के मामलों को लेकर सरकार को घेरा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>गहलोत पहले भी सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, दवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सवाल उठा चुके हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>विपक्ष की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr">प्रदेश में प्रसूताओं की मौतों की बढ़ती संख्या बेहद डरावनी, स्तब्ध करने वाली और जन स्वास्थ्य सेवा के गहराते संकट की पुष्टि कर रही है। अब बांसवाड़ा से 4 प्रसूताओं की मौत के बाद दो माह में 18 मौतों की खबर है। सरकार की ओर से कोई जवाबदेही नहीं होना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। <br><br>इस… <a href="https://t.co/M5RPv1C1bU">pic.twitter.com/M5RPv1C1bU</a></p>
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) <a href="https://x.com/ashokgehlot51/status/2076192047254626793?ref_src=twsrc%5Etfw">July 12, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><span>दो महीने में 18 मातृ मौतें, पांच जिलों से सामने आए मामले</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राजस्थान में मातृ मौतों से जुड़ी चिंता सिर्फ भीलवाड़ा और बांसवाड़ा की घटनाओं के बाद शुरू नहीं हुई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पिछले दो महीनों में कोटा, बीकानेर और जोधपुर समेत अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में भी प्रसव के बाद मौत या गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के मामले सामने आए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के नौ मामलों को जोड़ने के बाद मई से अब तक पांच जिलों में मातृ मौतों का आंकड़ा 18 तक पहुंचने की रिपोर्ट है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इससे पहले जांच में लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और क्रिटिकल केयर यूनिट में SOP के पालन से जुड़ी कमियों का मुद्दा भी सामने आया था।</span></p>
<h2><span>Bhilwara Hospital Deaths की जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सबसे बड़ा सवाल संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का है। क्या ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में तय प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा था?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरा सवाल मरीजों की समय पर रेफरल व्यवस्था से जुड़ा है। गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचीं महिलाओं को क्या समय पर विशेषज्ञ उपचार मिला?</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दवाओं, मेडिकल उपकरणों, ICU व्यवस्था और प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी की प्रक्रिया भी जांच के केंद्र में रह सकती है।</span></p>
<p><span>इन सवालों के जवाब सिर्फ एक अस्पताल के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य की मातृ स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, ICT बोला&#45; सरेंडर का मौका नहीं, सीधे भेजा जाएगा जेल</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/sheikh-hasina-to-return-to-bangladesh-in-december-ict-says-no-chance-of-surrender-will-be-sent-directly-to-jail</link>
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<description><![CDATA[ Sheikh Hasina Surrender: पूर्व पीएम शेख हसीना ने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने की बात कही है। ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि प्रत्यर्पण पर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:33:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Sheikh Hasina Surrender, Sheikh Hasina Bangladesh Return, ICT Bangladesh, Sheikh Hasina Death Sentence, Bangladesh News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वतन वापसी के ऐलान ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रहीं हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटेंगी और अपने खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लेकिन उनके इस ऐलान के बाद बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल यानी ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर अमीनुल इस्लाम ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश लाया जाता है तो उन्हें अलग से सरेंडर करने का मौका नहीं मिलेगा। उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina Surrender पर ICT बोला- दिसंबर क्यों, कल ही लौट आएं</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना की दिसंबर में वापसी की घोषणा पर ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर अमीनुल इस्लाम ने कहा कि अधिकारी उनकी वापसी के लिए तैयार हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि हसीना दिसंबर या जनवरी में कब लौटती हैं, यह उनका फैसला है, लेकिन ट्रिब्यूनल चाहता है कि वह जल्द से जल्द वापस आएं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमीनुल इस्लाम ने कहा, “आप दिसंबर में आएं या जनवरी में, यह आपका फैसला है। लेकिन हम चाहते हैं कि आप कल ही वापस आ जाएं।”</span></p>
<h2><span>प्रत्यर्पण हुआ तो सीधे जेल जाएंगी Sheikh Hasina</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>ICT के चीफ प्रॉसिक्यूटर ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण व्यवस्था के तहत शेख हसीना की वापसी होने पर उन्हें अदालत में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करने का अवसर नहीं मिलेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमीनुल इस्लाम के मुताबिक ऐसी स्थिति में हसीना को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी वापसी के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश पहले ही भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है। भारत इस मामले पर विचार कर रहा है।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina को नवंबर 2025 में सुनाई गई थी मौत की सजा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में शेख हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मामला 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले में दोषी ठहराया था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि शेख हसीना अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार करती रही हैं। उनका दावा है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।</span></p>
<h2><span>'गिरफ्तार या मारी जा सकती हूं, फिर भी लौटूंगी'</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना ने अपनी वापसी को लेकर कहा है कि वह इससे जुड़े खतरों को समझती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ढाका लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बावजूद हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उनका कहना है कि अगर उनकी मौत होती है तो वह अपनी मातृभूमि पर होना पसंद करेंगी। हसीना ने अपने निर्वासित पार्टी सहयोगियों के साथ लौटने और अधिकारियों के सामने पेश होने की योजना बताई है।</span></p>
<h2><span>Sheikh Hasina Return Bangladesh से क्यों बढ़ी सियासी हलचल?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना करीब दो दशक तक अलग-अलग कार्यकाल में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रही हैं। अवामी लीग की प्रमुख के रूप में उनका देश की राजनीति पर लंबे समय तक प्रभाव रहा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>2024 के छात्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई। 5 अगस्त 2024 को हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद अवामी लीग के कई नेताओं पर कानूनी कार्रवाई हुई। पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अब हसीना की वापसी की घोषणा से बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव फिर बढ़ सकता है।</span></p>
<h2><span>2024 के आंदोलन के बाद छोड़ा था बांग्लादेश</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>साल 2024 में सरकारी नौकरियों के आरक्षण को लेकर छात्र आंदोलन शुरू हुआ था। आंदोलन बाद में व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ा और भारत चली आईं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में ICT ने नवंबर 2025 में उन्हें मौत की सजा सुनाई।</span></p>
<h2><span>भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी रहेगी नजर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं और बांग्लादेश सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है। ऐसे में उनकी वापसी केवल बांग्लादेश की घरेलू राजनीति तक सीमित मुद्दा नहीं है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारत और बांग्लादेश के राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हसीना स्वेच्छा से दिसंबर में ढाका लौटती हैं या उससे पहले प्रत्यर्पण प्रक्रिया में कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Bangkok Pub Fire: बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 लोगों की मौत; धुएं से भर गया पूरा परिसर, 22 की हालत गंभीर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/bangkok-pub-fire-massive-fire-in-bangkok-pub-kills-27-smoke-filled-entire-compound-22-in-critical-condition</link>
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<description><![CDATA[ Bangkok Pub Fire में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक के Na Ladprao पब में लगी भीषण आग के बाद 63 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें 22 की हालत गंभीर है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 07:50:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Bangkok Pub Fire, Thailand Fire, Bangkok Pub Fire 2026, Na Ladprao Fire, Thailand News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आधी रात एक पब में लगी भीषण आग ने जश्न के माहौल को मातम में बदल दिया। चातुचक जिले के Na Ladprao पब में आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>घटना के बाद सामने आए दृश्यों में पब से आग की तेज लपटें और घना काला धुआं निकलता दिखाई दिया। जान बचाने के लिए लोग बाहर की ओर भागते नजर आए। राहत और बचाव एजेंसियों ने रातभर घटनास्थल पर अभियान चलाया।</span></p>
<h2><span>Bangkok Pub Fire में 27 की मौत, 63 लोग अस्पताल पहुंचे</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अधिकारियों के मुताबिक आग रविवार देर रात करीब 11:57 बजे लगी। कुछ ही देर में पब के अंदर घना धुआं फैल गया और वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टिपुंट के मुताबिक 63 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 22 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।</span></p>
<h2><span>धुएं से भर गया पब, बाथरूम की तरफ भागे लोग</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आग लगने के बाद पब तेजी से धुएं से भर गया। कई लोग जान बचाने के लिए परिसर के पिछले हिस्से और बाथरूम की ओर भागे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहत कर्मियों को कई शव बाथरूम के आसपास मिले। अधिकारियों के अनुसार घने धुएं और अंधेरे के कारण लोगों को बाहर निकलने में भारी परेशानी हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>एक बचावकर्मी के मुताबिक आग की लपटों से ज्यादा घना धुआं बड़ी चुनौती बना। पूरे परिसर में धुआं भर जाने के कारण कई लोग अंदर फंस गए।</span></p>
<h2><span>Bangkok Pub Fire से पहले सर्किट ब्रेकर के पास दिखा था धुआं?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पब में प्रस्तुति दे रहे एक संगीतकार ने स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखने की जानकारी दी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद बिजली चली गई और धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही समय में पब के अंदर घना धुआं फैल गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि Bangkok Pub Fire के वास्तविक कारण का अभी अंतिम रूप से पता नहीं चला है। मामले की जांच जारी है।</span></p>
<h2><span>आधे घंटे में आग पर काबू, अंदर मिला तबाही का मंजर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में आग को नियंत्रण में लिया। इसके बाद राहत और बचाव कर्मी पब के अंदर दाखिल हुए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>आग से पब का अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फर्नीचर और अन्य सामान जल गया था। फोरेंसिक टीमें अब घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान और आग के सटीक कारण का पता लगाना है।</span></p>
<h2><span>प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल पहुंचे घटनास्थल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। उन्होंने 27 लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अस्पतालों में भर्ती घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए व्यवस्था की है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लापता लोगों की जानकारी जुटाने और परिवारों की मदद के लिए एक पंजीकरण केंद्र भी बनाया गया है।</span></p>
<h2><span>थाईलैंड में पहले भी हुए हैं भीषण नाइटक्लब अग्निकांड</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>Bangkok Pub Fire ने थाईलैंड में मनोरंजन स्थलों की अग्नि सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>साल 2009 में बैंकॉक के एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2022 में चोनबुरी प्रांत के Mountain B नाइटक्लब में भी जानलेवा अग्निकांड हुआ था।</span></p>
<p><span>ताजा हादसे के बाद पब और नाइटलाइफ स्थलों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Giriraj Singh On Prashant Kishor: प्रशांत किशोर पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले&#45; ‘फ्रॉड हैं, विधानसभा जाकर गंदगी फैलाएंगे’</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/giriraj-singh-on-prashant-kishor-prashant-kishor-is-a-fraud-will-go-to-assembly-and-spread-filth-says-giriraj-singh</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/giriraj-singh-on-prashant-kishor-prashant-kishor-is-a-fraud-will-go-to-assembly-and-spread-filth-says-giriraj-singh</guid>
<description><![CDATA[ Giriraj Singh On Prashant Kishor: बांकीपुर उपचुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। जानिए उन्होंने भाजपा उम्मीदवार बदलने पर क्या कहा। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 23:39:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Giriraj Singh On Prashant Kishor, Prashant Kishor News, Bankipur Bypoll, Bihar Politics, Jan Suraaj</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनावी पारा चढ़ने लगा है। जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने और भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद अब नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला बोला है।</span></p>
<p><span>बेगूसराय के बछवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ तक करार दिया और दावा किया कि बांकीपुर की जनता भाजपा के विकास कार्यों को देख रही है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। प्रशांत किशोर या जन सुराज की ओर से इन विशेष टिप्पणियों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor: भाजपा उम्मीदवार बदलने के सवाल पर क्या बोले?</span></h3>
<p><span>गिरिराज सिंह से पत्रकारों ने पूछा कि क्या भाजपा ने प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के कारण बांकीपुर में अपना उम्मीदवार बदला है?</span></p>
<p><span>इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा में चुनाव कोई एक उम्मीदवार नहीं, बल्कि पार्टी लड़ती है। उनके मुताबिक उम्मीदवार पार्टी का ‘प्रतीक’ होता है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा कि जब पहले उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार किया तो पार्टी ने दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया। भाजपा ने अभिषेक कुमार की उम्मीदवारी वापस होने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है।</span></p>
<h3><span>‘प्रशांत किशोर को मौका न मिले, इसलिए कैंडिडेट बदला’</span></h3>
<p><span>केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि भाजपा का लक्ष्य प्रशांत किशोर को बांकीपुर में कोई राजनीतिक मौका नहीं देना है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा, </span><span>“हमारे यहां पार्टी चुनाव लड़ती है। प्रशांत किशोर को एक मौका भी न मिले, इसके लिए कैंडिडेट बदला गया है।”</span></p>
<p><span>उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशांत किशोर बांकीपुर से क्यों जीतेंगे और यदि जीत भी जाते हैं तो विधानसभा में क्या करेंगे?</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक एजेंडा केवल सरकार की आलोचना करना है।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor: ‘भगवान न करें कि PK जीतकर जाएं’</span></h3>
<p><span>प्रशांत किशोर पर हमला तेज करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, </span><span>“भगवान न करें कि प्रशांत किशोर जीतकर जाएं।”</span></p>
<p><span>इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘फ्रॉड’ बताते हुए उन पर पिछले चुनावों में उम्मीदवारी के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने अपने इस आरोप के समर्थन में बातचीत के दौरान कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।</span></p>
<p><span>उन्होंने दावा किया कि इस बार जन सुराज को उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर गए।</span></p>
<p><span>इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशांत किशोर का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।</span></p>
<h3><span>बांकीपुर के विकास को लेकर गिरिराज सिंह का दावा</span></h3>
<p><span>गिरिराज सिंह ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के विकास कार्यों का भी जिक्र किया।</span></p>
<p><span>उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नली-गली, पार्क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकास को बांकीपुर की जनता देख रही है और भाजपा को प्रशांत किशोर के ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जिस नेता को विधानसभा भेजा, भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी।</span></p>
<p><span>उनका इशारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर था। नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।</span></p>
<h4><span>प्रशांत किशोर पर ‘गंदगी फैलाने’ वाला बयान</span></h4>
<p><span>गिरिराज सिंह ने अपने बयान में राजद को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पहले से राजद के विधायकों को झेल रही है।</span></p>
<p><span>इसके बाद उन्होंने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि यदि वह विधानसभा पहुंचे तो वहां ‘गंदगी फैलाने’ का काम करेंगे।</span></p>
<p><span>केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद बांकीपुर उपचुनाव की राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।</span></p>
<h3><span>Bankipur By Election 2026 में क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला?</span></h3>
<p><span>बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा के मजबूत राजनीतिक क्षेत्रों में गिनी जाती रही है। लेकिन इस बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।</span></p>
<p><span>प्रशांत किशोर इसे बिहार में अपनी ‘नई राजनीति’ के संदेश से जोड़ रहे हैं। वहीं भाजपा इस सीट पर अपने संगठन, पुराने जनाधार और विकास कार्यों के सहारे चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।</span></p>
<p><span>भाजपा के पहले उम्मीदवार के पीछे हटने और इसके बाद नया प्रत्याशी घोषित किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। प्रशांत किशोर ने भी उम्मीदवार बदलने के बाद भाजपा पर राजनीतिक दबाव में होने का दावा किया था।</span></p>
<h3><span>Giriraj Singh On Prashant Kishor से और तेज होगी सियासी लड़ाई</span></h3>
<p><span>बांकीपुर उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई तक सीमित नहीं दिख रहा। यह चुनाव भाजपा के लिए अपने मजबूत गढ़ को बचाने की चुनौती है, जबकि प्रशांत किशोर के लिए चुनावी राजनीति में सीधे जनादेश हासिल करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।</span></p>
<p><span>गिरिराज सिंह के ताजा बयान से साफ है कि भाजपा प्रशांत किशोर पर आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। दूसरी ओर जन सुराज भी भाजपा के उम्मीदवार बदलने को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।</span></p>
<p><span>अब नजर प्रशांत किशोर और जन सुराज की प्रतिक्रिया पर होगी। चुनाव की तारीख करीब आने के साथ बांकीपुर में जुबानी हमले और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन दोनों तेज होने की संभावना है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Gyanvapi Dispute: ज्ञानवापी, मथुरा और संभल विवाद में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल, विशेष लोक अदालत में सुलह की कोशिश</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/gyanvapi-dispute-supreme-courts-biggest-initiative-in-gyanvapi-mathura-and-sambhal-disputes-attempts-to-reconcile-in-special-lok-adalat</link>
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<description><![CDATA[ Gyanvapi Dispute समेत मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल विवाद में सुलह की कोशिश तेज हो सकती है। 21 से 23 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत आयोजित होगी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 23:16:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Gyanvapi Dispute, Gyanvapi Case, Mathura Dispute, Sambhal Dispute, Supreme Court News, Special Lok Adalat</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद से लेकर मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल से जुड़े मंदिर-मस्जिद मामलों में अब बातचीत और आपसी सहमति से समाधान तलाशने की कोशिश हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन संवेदनशील मामलों से जुड़े पक्षों को विशेष लोक अदालत की प्रक्रिया के लिए नोटिस भेजे गए हैं।</span></p>
<p><span>सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान समारोह-2026’ पहल के तहत 21, 22 और 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत आयोजित की जानी है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आपसी सहमति से निपटाए जा सकने वाले लंबित मामलों में पक्षकारों को बातचीत का अवसर देना है।</span></p>
<h3><span>Gyanvapi Dispute में सुलह की कोशिश, 14 जुलाई को शुरुआती वार्ता</span></h3>
<p><span>ज्ञानवापी विवाद से जुड़े पक्षों के बीच 14 जुलाई को वाराणसी में शुरुआती सुलह वार्ता होने की रिपोर्ट है। इसका मकसद अगस्त में प्रस्तावित विशेष लोक अदालत से पहले बातचीत की संभावनाओं को समझना बताया जा रहा है।</span></p>
<p><span>रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदू और मुस्लिम पक्षों को इस प्रक्रिया के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि किसी भी समझौते का रास्ता दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगा।</span></p>
<h3><span>विशेष लोक अदालत में 21 से 23 अगस्त तक होगी प्रक्रिया</span></h3>
<p><span>सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ‘समाधान समारोह-2026’ की शुरुआत 21 अप्रैल से हुई है। इसका समापन 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगा।</span></p>
<p><span>इस पहल में सुप्रीम कोर्ट में लंबित और सुलह योग्य मामलों को आपसी बातचीत के जरिए निपटाने की कोशिश की जाएगी। पक्षकार पूर्व-सुलह बैठकों में व्यक्तिगत या वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं।</span></p>
<h3><span>ज्ञानवापी के साथ मथुरा और संभल विवाद की चर्चा</span></h3>
<p><span>रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ज्ञानवापी के अलावा मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद और संभल से जुड़े धार्मिक स्थल विवाद के पक्षकारों को भी प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।</span></p>
<p><span>ये तीनों मामले लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे हैं। अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं और कई मुद्दे अदालतों में विचाराधीन हैं।</span></p>
<p><span>ऐसे में विशेष लोक अदालत की पहल को सीधे किसी पक्ष के दावे पर फैसला नहीं माना जाना चाहिए। इसका उद्देश्य बातचीत के जरिए सहमति की संभावना तलाशना है।</span></p>
<h4><span>Gyanvapi Dispute क्या है?</span></h4>
<p><span>वाराणसी का ज्ञानवापी परिसर काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा हुआ है। परिसर से जुड़े पूजा अधिकार, सर्वे और धार्मिक दावों को लेकर अलग-अलग अदालतों में कानूनी कार्यवाही चली है।</span></p>
<p><span>हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के अपने-अपने कानूनी दावे हैं। मामला संवेदनशील होने के कारण अदालतों के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड ही इससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि का प्रमुख आधार हैं।</span></p>
<h3><span>संभल विवाद में भी दोनों पक्षों के अलग दावे</span></h3>
<p><span>संभल से जुड़े मामले में धार्मिक स्थल और परिसर की भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार और मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत में अलग-अलग दावे रखे गए हैं।</span></p>
<p><span>कुएं और भूमि की स्थिति को लेकर भी पक्षों में मतभेद है। सरकार की ओर से पूर्व में अदालत में अपना पक्ष रखा गया है, जबकि मस्जिद कमेटी के दावे अलग रहे हैं।</span></p>
<p><span>मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण किसी भी आरोप या दावे को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।</span></p>
<h3><span>मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद भी लंबे समय से अदालत में</span></h3>
<p><span>मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे शाही ईदगाह परिसर को लेकर भूमि और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मुकदमे लंबे समय से चर्चा में हैं।</span></p>
<p><span>हिंदू पक्ष की ओर से परिसर को लेकर विभिन्न दावे किए गए हैं। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने भी अदालत में अपना कानूनी पक्ष रखा है।</span></p>
<p><span>अब यदि पक्षकार विशेष लोक अदालत की सुलह प्रक्रिया में आगे बढ़ते हैं तो बातचीत के जरिए किसी सहमति की संभावना तलाशी जा सकती है।</span></p>
<h3><span>क्यों अहम है Supreme Court की Special Lok Adalat?</span></h3>
<p><span>विशेष लोक अदालत का मूल उद्देश्य लंबित और सुलह योग्य मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर देना है।</span></p>
<p><span>ज्ञानवापी, मथुरा और संभल जैसे धार्मिक रूप से संवेदनशील विवादों में बातचीत की कोई भी पहल महत्वपूर्ण मानी जाएगी। हालांकि समाधान तभी संभव है, जब संबंधित पक्ष स्वेच्छा से किसी सहमति पर पहुंचें।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Google Search Console Update: अब Instagram&#45;YouTube पोस्ट का भी दिखेगा डेटा, Search और Discover ट्रैफिक ऐसे करें ट्रैक</title>
<link>https://www.newstvindia.in/technology/google-search-console-update-now-instagram-youtube-posts-will-also-be-visible-data-search-and-discover-traffic-heres-how-to-track</link>
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<description><![CDATA[ Google Search Console Update में नया Platform Properties फीचर आया है। अब Instagram, TikTok, X और YouTube कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस ट्रैक की जा सकेगी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 09:10:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Google Search Console Update, Platform Properties, Google Discover, Social Media SEO, Instagram Traffic, YouTube SEO</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>सोशल मीडिया क्रिएटर्स और डिजिटल पब्लिशर्स के लिए Google ने Search Console में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल वेबसाइट ही नहीं, बल्कि Instagram, TikTok, X और YouTube पर प्रकाशित कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस को भी समझना आसान होगा।</span></p>
<p><span>Google ने Search Console में नया </span><span>Platform </span>Properties फीचर पेश किया है। इसकी मदद से क्रिएटर्स देख सकेंगे कि उनकी कौन-सी सोशल मीडिया पोस्ट Google पर दिखाई दे रही है और वहां से कितना ट्रैफिक मिल रहा है।</p>
<p><span>यह अपडेट खासतौर पर उन क्रिएटर्स के लिए अहम है, जिनकी अपनी वेबसाइट नहीं है और वे सोशल या वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए ही ऑडियंस तक पहुंचते हैं।</span></p>
<h3><span>Google Search Console Update में क्या है Platform Properties?</span></h3>
<p><span>Platform Properties एक नया प्रॉपर्टी टाइप है। यह अलग-अलग सोशल और वीडियो प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी क्रिएटर के कंटेंट की Google Search और Discover परफॉर्मेंस का एक साथ डेटा दिखाता है।</span></p>
<p><span>शुरुआती तौर पर Instagram, TikTok, X और YouTube को सपोर्ट दिया गया है। </span>यानी अगर आपका कंटेंट इन प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होता है और Google Search या Discover में दिखाई देता है, तो उसकी परफॉर्मेंस से जुड़े आंकड़े Search Console में देखे जा सकेंगे।</p>
<h3><span>Instagram और YouTube पोस्ट के Clicks-Impressions दिखेंगे</span></h3>
<p><span>नए Google Search Console Update में Performance Report महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां क्रिएटर्स अपने कंटेंट के Clicks और Impressions जैसे प्रमुख मेट्रिक्स देख सकेंगे।</span></p>
<p><span>डेटा को Search Queries और अलग-अलग पोस्ट के आधार पर फिल्टर किया जा सकेगा। इससे यह समझना आसान होगा कि Google पर लोग किस तरह के सवाल या कीवर्ड खोजकर आपके कंटेंट तक पहुंच रहे हैं।</span></p>
<p><span>जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सपोर्ट कर आगे विश्लेषण भी किया जा सकेगा।</span></p>
<h3><span>Google Discover Traffic को समझने में मिलेगी मदद</span></h3>
<p><span>Google का नया फीचर केवल Search तक सीमित नहीं है। Platform Properties के जरिए Discover पर कंटेंट की परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी।</span></p>
<p><span>क्रिएटर्स के लिए यह समझना आसान होगा कि हाल के दिनों में कौन-सा कंटेंट बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।</span></p>
<p><span>Insights Report में ट्रैफिक ट्रेंड, टॉप परफॉर्मिंग पोस्ट और Google के जरिए कंटेंट खोजे जाने के तरीकों का हाई-लेवल स्नैपशॉट मिलेगा।</span></p>
<h3><span>Google Search Console में मिलेगा Achievements सेक्शन</span></h3>
<p><span>नए अपडेट में Achievements सेक्शन भी दिया गया है। यह क्रिएटर्स को Google Search से मिलने वाले ट्रैफिक की ग्रोथ और महत्वपूर्ण माइलस्टोन ट्रैक करने में मदद करेगा।</span></p>
<p><span>उदाहरण के तौर पर पिछले 28 दिनों में Google Search से नया Click Threshold हासिल करने जैसी उपलब्धियों को यहां देखा जा सकेगा।</span></p>
<p><span>इससे क्रिएटर्स को अपने कंटेंट की ग्रोथ समझने में मदद मिलेगी।</span></p>
<h4><span>Platform Properties को कैसे करें सेटअप?</span></h4>
<p><span>Google Search Console में Platform Property जोड़ने के लिए Property Selector से ‘Add property’ विकल्प चुनना होगा।</span></p>
<p><span>इसके बाद उपलब्ध सोशल या वीडियो प्लेटफॉर्म को चुनकर अकाउंट कनेक्शन को अधिकृत करना होगा। Verification Process पूरा होने के बाद संबंधित प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।</span></p>
<p><span>Google के मुताबिक यह फीचर आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।</span></p>
<h3><span>Publishers और News Creators के लिए क्यों अहम है अपडेट?</span></h3>
<p><span>न्यूज पब्लिशर्स और डिजिटल मीडिया क्रिएटर्स के लिए यह फीचर खास मायने रखता है। अब यह समझना संभव होगा कि Instagram Reels, YouTube Videos या सोशल पोस्ट में से कौन-सा कंटेंट Google Search में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।</span></p>
<p><span>इस डेटा के आधार पर कंटेंट टीम Search Queries, टॉप पोस्ट और ऑडियंस डिस्कवरी पैटर्न को समझ सकती है।</span></p>
<p><span>हालांकि Search Console का डेटा किसी पोस्ट की रैंकिंग बढ़ाने की गारंटी नहीं देता। यह एक परफॉर्मेंस और एनालिसिस टूल है, जिसकी मदद से कंटेंट रणनीति से जुड़े फैसले अधिक डेटा आधारित तरीके से लिए जा सकते हैं।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM Modi New Zealand Visit: ऑकलैंड में बोले पीएम मोदी&#45; भारत और न्यूजीलैंड हैं नैचुरल पार्टनर, रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-in-auckland-india-and-new-zealand-are-natural-partners-new-direction-for-strategic-partnership</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-in-auckland-india-and-new-zealand-are-natural-partners-new-direction-for-strategic-partnership</guid>
<description><![CDATA[ PM Modi New Zealand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ वार्ता की। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202607/image_1200x675_6a51ad3806882.webp" length="51884" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 08:11:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi New Zealand Visit, Narendra Modi New Zealand, Christopher Luxon, India New Zealand Strategic Partnership, PM Modi Auckland, India New Zealand Relations</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>PM Modi New Zealand Visit</span></strong><span> के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री </span><strong><span>क्रिस्टोफर लक्सन</span></strong><span> के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को </span><strong><span>रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership)</span></strong><span> के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को "नैचुरल पार्टनर" बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देगा।</span></p>
<h2><span>PM Modi New Zealand Visit: 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक दौरा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड पहुंचने पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि करीब </span><strong><span>40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा</span></strong><span> हो रहा है, जो अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि ऑकलैंड में आयोजित कार्यक्रम दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने का अवसर बना है। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के लोगों द्वारा भारत के प्रति दिखाए गए स्नेह और सम्मान को भी भावुक करने वाला बताया।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">Honoured to receive a ceremonial welcome at Government House in Auckland. The traditional Māori pōwhiri was a moving reflection of New Zealand’s rich heritage and traditions.<a href="https://x.com/chrisluxonmp?ref_src=twsrc%5Etfw">@chrisluxonmp</a> <a href="https://t.co/6yhtmert9N">pic.twitter.com/6yhtmert9N</a></p>
— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2075746460759646527?ref_src=twsrc%5Etfw">July 11, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><span>भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों की मित्रता में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू हो रहा है, जो भविष्य में आर्थिक, व्यापारिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के योगदान को नई दिशा देगी।</span></p>
<h2><span>क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा का भी किया जिक्र</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की हालिया भारत यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि होली के अवसर पर उनकी भारत यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में "नए रंग" भर दिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी कहा कि उसी यात्रा के दौरान शुरू हुई </span><strong><span>मुक्त व्यापार समझौता (FTA)</span></strong><span> प्रक्रिया बेहद कम समय में आगे बढ़ी, जो वैश्विक स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार और प्रधानमंत्री लक्सन की टीम की सराहना की।</span></p>
<h2><span>कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण </span><strong><span>समझौता ज्ञापनों (MoUs)</span></strong><span> का आदान-प्रदान भी किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, शिक्षा, नवाचार, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना है।</span></p>
<h2><span>गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत</span></h2>
<p><span>ऑकलैंड स्थित </span><strong><span>गवर्नमेंट हाउस</span></strong><span> में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें </span><strong><span>गार्ड ऑफ ऑनर</span></strong><span> भी दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Hormuz Strait Crisis: समझौते के कुछ घंटों बाद ही भड़का ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर बंद, दुनिया की बढ़ी चिंता</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/hormuz-strait-crisis-iran-strait-of-hormuz-close-again-after-a-few-hours-of-agreement</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिका-ईरान समझौते के कुछ घंटों बाद ही नया विवाद खड़ा हो गया। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर बंद करने का फैसला किया है। जानिए लेबनान विवाद, ट्रंप-नेतन्याहू मतभेद और वैश्विक तेल बाजार पर इसका असर। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 20 Jun 2026 07:23:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Strait of Hormuz, Iran News, Middle East Crisis, Donald Trump, Benjamin Netanyahu, Iran Israel Conflict, Global Oil Market, Hormuz Strait Closure, America Iran Agreement, West Asia News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>नई दिल्ली डेस्क:</span></strong><span> पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और समझौते की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद नया विवाद सामने आ गया। ईरान ने आरोप लगाया है कि समझौते की कई अहम शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी नाराजगी के बीच तेहरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद करने का फैसला किया है। इस कदम ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चिंता पैदा कर दी है।</span></p>
<h4><span>समझौते के बाद क्यों भड़का ईरान?</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा था। हालांकि, ईरान का कहना है कि समझौते में शामिल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। तेहरान का आरोप है कि लेबनान से इजरायली सेना की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम करने जैसी शर्तों को लागू नहीं किया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी वजह से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जब तक समझौते की शर्तों को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद रखा जाएगा। ईरान इस फैसले को अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जोड़कर देख रहा है।</span></p>
<h4><span>लेबनान में जारी सैन्य अभियान बना विवाद की बड़ी वजह</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>मौजूदा तनाव की सबसे बड़ी वजह लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियां हैं। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान में अपना अभियान फिलहाल बंद नहीं करेगा। इजरायली नेतृत्व का मानना है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य मौजूदगी जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है और भारी नुकसान भी हुआ है। इन घटनाओं के बाद युद्धविराम की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। ईरान का मानना है कि लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई समझौते की भावना के खिलाफ है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।</span></p>
<h4><span>ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बढ़े मतभेद</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस पूरे घटनाक्रम का असर अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सैन्य अभियानों को सीमित किया जाना चाहिए। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) अपने सुरक्षा दृष्टिकोण पर कायम हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>दोनों नेताओं के बयानों में दिखाई दे रहे अंतर ने यह संकेत दिया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर रणनीतिक मतभेद उभर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों का भी मानना है कि केवल सैन्य कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देना जरूरी है।</span></p>
<h4><span>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से बढ़ी वैश्विक चिंता</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इसके बंद होने की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारत समेत कई ऐसे देश, जो बड़े पैमाने पर ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं, इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर देखने को मिल सकता है।</span></p>
<h4><span>कूटनीतिक समाधान की कोशिशें तेज</span></h4>
<p class="isSelectedEnd"><span>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की बड़ी शक्तियां स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुट गई हैं। कई देशों की कोशिश है कि हाल ही में हुए समझौते को बचाया जाए और क्षेत्र को एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने से रोका जा सके।</span></p>
<p><span>हालांकि मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि समझौते की शर्तों को लेकर सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तो पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है। इसका असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला टी20 विश्व कप 2026: दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी, भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराकर किया विजयी आगाज</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/womens-t20-world-cup-2026-deepti-sharmas-lethal-bowling-india-beat-pakistan-by-64-runs</link>
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<description><![CDATA[ महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women&#039;s T20 World Cup 2026) में भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। स्मृति मंधाना ने 68 रन की दमदार पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 07:10:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Women&#039;s T20 World Cup 2026, India Women vs Pakistan Women, Deepti Sharma, Smriti Mandhana, Harmanpreet Kaur, Richa Ghosh, Team India Women, Cricket News, Sports News Hindi, IND W vs PAK W</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एजबेस्टन : </strong>महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान का आगाज शानदार जीत के साथ किया है। भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना की शानदार बल्लेबाजी और दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी भारतीय टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह रही।</p>
<h3>स्मृति मंधाना ने खेली शानदार अर्धशतकीय पारी</h3>
<p>टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर टीम के इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं और 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।</p>
<p>इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे भारत को शुरुआती झटका लगा। हालांकि, स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 91 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।</p>
<p>स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 68 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने कई आकर्षक शॉट लगाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 35 गेंदों में 36 रन का योगदान दिया।</p>
<h3>ऋचा घोष ने अंत में खेली तूफानी पारी</h3>
<p>पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन बटोरते हुए भारतीय स्कोर को 170 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ऋचा ने 17 गेंदों में 34 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें एक छक्का और पांच चौके शामिल रहे।</p>
<p>निर्धारित 20 ओवर में भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए।</p>
<p>पाकिस्तान की ओर से सादिया इकबाल और फातिमा सना ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि तस्मिया रुबाब और रमीन शमीम को एक-एक सफलता मिली।</p>
<h3>दीप्ति शर्मा का 'पंच', पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखरी</h3>
<p>171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ने जरूर संघर्ष करते हुए 35 गेंदों में 41 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।</p>
<p>पूरी पाकिस्तानी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 64 रन से अपने नाम कर लिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">A historic fifer for a historic milestone! 🫡<br><br>Deepti Sharma, take a bow 👏💙<br><br>Scorecard ▶️ <a href="https://t.co/1tfRc3jcrX">https://t.co/1tfRc3jcrX</a><a href="https://x.com/hashtag/TeamIndia?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#TeamIndia</a> | <a href="https://x.com/hashtag/WomenInBlue?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WomenInBlue</a> | <a href="https://x.com/hashtag/T20WorldCup?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#T20WorldCup</a> | <a href="https://x.com/Deepti_Sharma06?ref_src=twsrc%5Etfw">@Deepti_Sharma06</a> <a href="https://t.co/i606UJ3qPI">pic.twitter.com/i606UJ3qPI</a></p>
— BCCI Women (@BCCIWomen) <a href="https://x.com/BCCIWomen/status/2066213808931324390?ref_src=twsrc%5Etfw">June 14, 2026</a></blockquote>
<p>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</p>
<h3>पांच विकेट लेकर छाईं दीप्ति शर्मा</h3>
<p>भारतीय टीम की जीत की सबसे बड़ी हीरो ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं। उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।</p>
<p>दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) ने चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा श्री चरणी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट झटके।</p>
<p>शेफाली वर्मा को भी एक विकेट हासिल हुआ।</p>
<h3>जीत के साथ भारत ने दिया मजबूत संदेश</h3>
<p>महिला टी20 विश्व कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) के अपने पहले मुकाबले में भारत ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना और ऋचा घोष ने जिम्मेदारी निभाई, जबकि गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने पाकिस्तान की टीम को संभलने का मौका नहीं दिया।</p>
<p>इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए हैं और आगे के मुकाबलों के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले से पाकिस्तान में बढ़ा जल संकट, सिंध और बलूचिस्तान में हालात गंभीर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/indias-decision-on-indus-waters-treaty-aggravates-water-crisis-in-pakistan-situation-in-sindh-and-balochistan-critical</link>
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<description><![CDATA[ भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में जल संकट गहराता जा रहा है। नहरों में पानी की कमी से खेती प्रभावित हो रही है और लाखों लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:51:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>सिंधु जल संधि, Indus Waters Treaty, Pakistan Water Crisis, सिंध जल संकट, बलूचिस्तान जल संकट, India Pakistan News, Rajnath Singh, Pahalgam Terror Attack, Pakistan Agriculture Crisis, India Pakistan Relations</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर जारी विवाद का असर अब पाकिस्तान के कई हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांत गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि देश की बड़ी आबादी पानी की कमी से जूझ रही है और इसका सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है।</p>
<h3>सिंध और बलूचिस्तान में गहराया जल संकट</h3>
<p>पाकिस्तान के सिंध प्रांत की कई प्रमुख नहरों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। इसकी वजह से किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। कई इलाकों में खेत सूखने लगे हैं, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसका असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण रोजगार पर भी पड़ सकता है।</p>
<h3>भारत ने क्यों रोकी सिंधु जल संधि?</h3>
<p>भारत ने वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने का फैसला लिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर तनाव और बढ़ गया।</p>
<p>भारत सरकार का रुख साफ रहा है कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ सामान्य संबंध संभव नहीं हैं। केंद्र सरकार की ओर से कई बार यह दोहराया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p>हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मुद्दे पर भारत का सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि देश अपने जल संसाधनों को आतंकवाद को समर्थन देने वालों तक नहीं पहुंचने देगा।</p>
<h3>क्या है सिंधु जल संधि?</h3>
<p>सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। यह समझौता दोनों देशों के बीच नदियों के जल बंटवारे का आधार बना और कई दशकों तक दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण माध्यम रहा।</p>
<p>हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दों के कारण यह समझौता फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।</p>
<h3>पाकिस्तान में बढ़ रहा राजनीतिक विवाद</h3>
<p>जल संकट के बीच पाकिस्तान में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हालात बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p>जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेतृत्व वाली सिंध सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कराची समेत कई इलाकों में पानी की पुरानी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पानी की कमी आने वाले समय में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।</p>
<h3>अर्थव्यवस्था और कृषि पर पड़ सकता है असर</h3>
<p>पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में जल संकट ने नई चिंता खड़ी कर दी है। कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है और पानी की कमी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।</p>
<p>यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो खाद्यान्न उत्पादन, ग्रामीण रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मौसम और बारिश की स्थिति पाकिस्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<h3>भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ी संवेदनशीलता</h3>
<p>सिंधु जल संधि को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।</p>
<p>फिलहाल, पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में पानी की कमी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कृषि व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जबकि विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IND vs AFG Live Score: रहमत शाह आउट, भारत को मिली तीसरी सफलता, धर्मशाला में रोमांचक मुकाबला जारी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/ind-vs-afg-live-score-rahmat-shah-out-indias-third-success-exciting-match-in-dharamsala</link>
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<description><![CDATA[ IND vs AFG 1st ODI Live Score: भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में खेले जा रहे पहले वनडे में टीम इंडिया को बड़ी सफलता मिली है। रहमत शाह के आउट होने के साथ ही अफगानिस्तान को तीसरा झटका लगा। मैच से जुड़े हर अपडेट के लिए पढ़ें पूरी खबर। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:41:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>IND vs AFG Live Score, India vs Afghanistan Live Score, IND vs AFG 1st ODI, भारत बनाम अफगानिस्तान लाइव स्कोर, India vs Afghanistan 1st ODI</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धर्मशाला : </strong>भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार, 13 जून को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और शुरुआती ओवरों से ही अफगानिस्तान पर दबाव बनाए रखा। इस बीच टीम इंडिया को तीसरी बड़ी सफलता तब मिली, जब अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह (Rahmat Shah) पवेलियन लौट गए।</p>
<h3>IND vs AFG Live Score: अफगानिस्तान को लगा तीसरा झटका</h3>
<p>अफगानिस्तान की पारी के दौरान भारत के गेंदबाज लगातार विकेट निकालने में सफल रहे। रहमत शाह के आउट होने से मेहमान टीम की स्थिति दबाव में आ गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए अफगान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।</p>
<p>धर्मशाला की तेज पिच का फायदा भारतीय गेंदबाजों को मिलता हुआ नजर आया और अफगानिस्तान की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही।</p>
<h3>भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी</h3>
<p>भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से यह सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।</p>
<p>इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को वनडे क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। वहीं लंबे समय बाद रोहित शर्मा की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी भी फैंस के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।</p>
<h3>रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें</h3>
<p>IND vs Afghanistan 1st ODI (India vs Afghanistan 1st ODI) में सभी की नजरें रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में नंबर-3 पर कौन बल्लेबाजी करेगा, इसे लेकर भी काफी चर्चा रही। ऐसे में ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल को लेकर कई संभावनाएं जताई जा रही हैं।</p>
<p>इसके अलावा हार्दिक पांड्या की जगह टीम में शामिल किए गए नितीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन पर भी क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बनी हुई हैं।</p>
<h3>कहां देख सकते हैं IND vs AFG 1st ODI Live?</h3>
<p>भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ। क्रिकेट फैंस इस मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर देख सकते हैं।</p>
<p>इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप यूजर्स जियोहॉटस्टार ऐप के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं। वहीं डीडी फ्री डिश उपयोगकर्ताओं के लिए डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुकाबले का सीधा प्रसारण उपलब्ध है।</p>
<h3>दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन</h3>
<h4>भारत</h4>
<p>शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।</p>
<h4>अफगानिस्तान</h4>
<p>इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर और जिया उर रहमान शरीफी।</p>
<h3>धर्मशाला की पिच और मौसम का हाल</h3>
<p>HPCA स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में गेंद स्विंग होने की वजह से बल्लेबाजों को सावधानी बरतनी पड़ती है। हालांकि, एक बार बल्लेबाज के सेट हो जाने के बाद यहां बड़े स्कोर भी देखने को मिलते हैं।</p>
<p>मौसम की बात करें तो बारिश की संभावना ने मैच से पहले चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक मौसम साफ रहेगा और दर्शकों को पूरे मुकाबले का रोमांच देखने को मिलेगा।</p>
<h3>वनडे में भारत का पलड़ा भारी</h3>
<p>अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत का दबदबा साफ दिखाई देता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक खेले गए चार वनडे मुकाबलों में टीम इंडिया ने तीन मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा था। अफगानिस्तान अभी तक वनडे क्रिकेट में भारत को हराने में सफल नहीं हो पाया है।</p>
<p>फिलहाल धर्मशाला में मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है और भारतीय गेंदबाज अफगानिस्तान पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। मैच के हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ? अब संभालेंगे भारतीय सेना प्रमुख की कमान</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/who-is-lt-gen-dheeraj-seth-will-now-take-over-the-command-of-the-indian-army-chief</link>
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<description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले धीरज सेठ 30 जून से आर्मी चीफ का पद संभालेंगे। जानिए उनका पूरा सैन्य सफर और उपलब्धियां। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, Lieutenant General Dhiraj Seth, Indian Army Chief, New Army Chief of India, भारतीय सेना प्रमुख, धीरज सेठ कौन हैं, Army Chief Appointment, General Upendra Dwivedi, Indian Army News, Defence News India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली :</strong> भारतीय थल सेना के नेतृत्व में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) को देश का अगला सेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह 30 जून को जनरल के स्थायी रैंक के साथ भारतीय सेना की कमान संभालेंगे और मौजूदा थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।</p>
<h3>कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ?</h3>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) भारतीय सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिनके पास लगभग 40 वर्षों का व्यापक सैन्य अनुभव है। उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया और दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर (Armoured Corps) में कमीशन हासिल किया।</p>
<p>अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आतंकवाद विरोधी अभियानों तक, उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।</p>
<p><img src="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202606/image_1200x675_6a2d5432eafc5.webp" alt="" style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;"></p>
<h3>रक्षा मंत्रालय ने बताया अनुभव का दायरा</h3>
<p>रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कमांडिंग अनुभव काफी व्यापक और विविध रहा है। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक बख्तरबंद रेजिमेंट का नेतृत्व किया, जबकि विकसित इलाकों में बख्तरबंद ब्रिगेड की कमान भी संभाली।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों का सफल संचालन किया। उनकी रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के कारण उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr">The Government has appointed Lieutenant General Dhiraj Seth, PVSM, UYSM, AVSM, presently serving as the Vice Chief of the Army Staff, as the next Chief of the Army Staff in the substantive rank of General with effect from the afternoon of 30 June 2026.<br><br>An alumnus of the National… <a href="https://t.co/RExcCKjWJh">pic.twitter.com/RExcCKjWJh</a></p>
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) <a href="https://x.com/SpokespersonMoD/status/2065734279913758952?ref_src=twsrc%5Etfw">June 13, 2026</a></blockquote>
<p>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने प्रसिद्ध सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्हें दिल्ली क्षेत्र का जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सैन्य दायित्वों का निर्वहन किया।</p>
<h3>दो ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व करने का गौरव</h3>
<p>सेना में शीर्ष स्तर तक पहुंचने के बाद धीरज सेठ ने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व करने का दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया।</p>
<p>सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का अनुभव किसी भी सेना प्रमुख के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे युद्धक तैयारियों और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता और मजबूत होती है।</p>
<h3>जम्मू-कश्मीर से लेकर संयुक्त राष्ट्र मिशन तक निभाई अहम भूमिका</h3>
<p>अपने करियर में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (Lieutenant General Dhiraj Seth) ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर काम किया है। जम्मू-कश्मीर में उन्होंने स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में जिम्मेदारी निभाई।</p>
<p>इसके अलावा, वह अफ्रीकी देश अंगोला में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) शांति मिशन के संचालन अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सेना मुख्यालय में सहायक सैन्य सचिव की भूमिका निभाने के साथ-साथ उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑपरेशंस और अनुशासन, समारोह एवं कल्याण महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया।</p>
<p>भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और क्षमता विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयासों में भी उनका अहम योगदान माना जाता है।</p>
<p><img src="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202606/image_1200x675_6a2d543eea022.webp" alt="" style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;"></p>
<h3>सैन्य शिक्षा में भी रहे अव्वल</h3>
<p>धीरज सेठ सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण में भी हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ छात्र अधिकारी पदक’ से सम्मानित किया गया।</p>
<p>उन्होंने प्रतिष्ठित हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अंतरराष्ट्रीय सैन्य समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया।</p>
<h3>30 जून से संभालेंगे सेना की कमान</h3>
<p>30 जून से लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ देश के 31वें सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। ऐसे समय में जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार आधुनिक बना रहा है और सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं, तब उनके अनुभव और नेतृत्व को भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>करीब चार दशकों के अनुभव और विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में नेतृत्व की पृष्ठभूमि के साथ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ अब भारतीय सेना को नई दिशा देने की जिम्मेदारी निभाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला टी20 विश्व कप: डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रनों से रौंदा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/sports-news/women-t20-world-cup-danny-wyatt-century-england-thrashes-sri-lanka</link>
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<description><![CDATA[ डैनी व्याट के धमाकेदार शतक और फ्रेया ग्रेस केम्प के चार विकेट की बदौलत इंग्लैंड ने महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका को 87 रनों से हराया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 07:16:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>Women&#039;s T20 World Cup, England, Sri Lanka, Danny Wyatt, Century, Cricket, ICC, Edgbaston</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><b>बर्मिंघम, (न्यूज़ टीवी इंडिया)।</b> मेजबान इंग्लैंड ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। शुक्रवार रात एजबेस्टन के मैदान पर खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रनों के बड़े अंतर से रौंदकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी पेश की। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 132 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।</p>
<h2>इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी का जलवा: डैनी व्याट का ऐतिहासिक शतक</h2>
<p>टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सिर्फ एक विकेट खोकर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी है। सलामी बल्लेबाज एमी जोन्स और डैनी व्याट ने पहले विकेट के लिए 13.4 ओवर में 135 रनों की लाजवाब साझेदारी कर टीम को मजबूत नींव प्रदान की।</p>
<p>एमी जोन्स ने 38 गेंदों में 4 चौके और एक छक्के की मदद से शानदार 53 रन बनाए। हालांकि, पारी की मुख्य आकर्षण डैनी व्याट रहीं, जिन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शतकीय पारी खेली। व्याट ने 62 गेंदों में 13 चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 105 रन बनाए, जो उनके टी20 करियर का एक यादगार पल बन गया। कप्तान नैट साइवर ब्रंट ने भी अंत के ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 46 रन बनाए और टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया।</p>
<h2>श्रीलंकाई बल्लेबाजों का संघर्ष और इंग्लैंड की धारदार गेंदबाज़ी</h2>
<p>220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान चमारी अटापट्टू बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और महज 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। विश्मी गुणरत्ने को लॉरेन बेल ने 6 रनों के स्कोर पर आउट किया, जबकि इमेशा दुलानी भी 7 रन ही बना सकीं।</p>
<p>हंसिमा करुणारत्ने 11 रन बनाने के बाद चार्ली डीन का शिकार बनीं। हर्षिता समरविक्रमा ने कुछ दमदार शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहीं और 18 गेंदों में 29 रन बनाकर आउट हो गईं। कविशा दिलहरी ने 19 रनों का योगदान दिया, जबकि नीलाक्षी डी सिल्वा 33 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। हालांकि, उनकी यह पारी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं थी।</p>
<p>इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में फ्रेया ग्रेस केम्प ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 22 रन खर्च करते हुए चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। सोफी एक्लेस्टोन और चार्ली डीन ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए, जबकि लॉरेन बेल और स्मिथ के खाते में एक-एक विकेट आया। इस तरह इंग्लैंड ने एकतरफा मुकाबले में श्रीलंका को 87 रनों से हराकर महिला टी20 विश्व कप में अपनी मजबूत शुरुआत की है।</p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नेपाल के पूर्व PM केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक जेल से रिहा: 13 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली आजादी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/former-nepal-pm-kp-sharma-oli-and-ramesh-lekhak-released-from-jail-13-days-after-supreme-court-order</link>
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<description><![CDATA[ नेपाल की राजनीति में पिछले दो हफ्तों से चल रही उठापटक के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गुरुवार को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोनों नेताओं की 13 दिनों की जेल यात्रा समाप्त हुई है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 07:03:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>BaluSingh Rajpurohit</dc:creator>
<media:keywords>KP Sharma Oli Released, Ramesh Lekhak, Nepal Supreme Court, Kathmandu News, Gen-Z Protests Nepal, Nepal Politics 2026</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>काठमांडू : </strong>नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। उन्होंने जेल में 13 दिन बिताए थे।</p>
<p></p>
<p>इन दोनों को 28 मार्च को एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो पिछले साल सितंबर में जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों को दबाने से जुड़ा था। इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों की जान चली गई थी और इसे 'दोषपूर्ण हत्या' का मामला माना गया था।</p>
<p></p>
<p>केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक के परिवारों की ओर से दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि काठमांडू जिला अदालत की ओर से दी गई पांच दिन की अतिरिक्त रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, गुरुवार तक इन दोनों को रिहा कर दिया जाए।</p>
<p></p>
<p>सोमवार को जारी अदालत के आदेश में कहा गया था कि जांच पूरी करें और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें, या 'राष्ट्रीय आपराधिक प्रक्रिया संहिता' के अनुसार केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक को हिरासत से रिहा करें।</p>
<p></p>
<p>पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने दावा किया कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था।</p>
<p></p>
<p>ओली ने फेसबुक पर लिखा कि हालाँकि सरकार ने मेरे खिलाफ पक्षपातपूर्ण और बदले की भावना से आपराधिक आरोप लगाए और मुझे 13 दिनों तक अवैध हिरासत में रखा, लेकिन आखिरकार मुझे रिहा कर दिया गया, क्योंकि सरकार इस मामले में मुझ पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार और सबूत पेश करने में विफल रही।</p>
<p></p>
<p>हालाँकि, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी खराब सेहत के कारण वे इलाज के लिए कुछ और दिनों तक अस्पताल में ही रहेंगे।</p>
<p></p>
<p>बता दें कि ओली और लेखक की गिरफ़्तारी, 'विशेष अदालत' के पूर्व अध्यक्ष गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले एक आयोग की सिफारिश के बाद हुई। इस आयोग का गठन पिछले साल 8 और 9 सितंबर को नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच के लिए किया गया था।</p>
<p></p>
<p>आयोग ने सिफ़ारिश की थी कि केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक और पूर्व पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग पर 'राष्ट्रीय दंड संहिता' की धारा 181 और 182 के तहत 'आपराधिक लापरवाही' का आरोप लगाया जाए। अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की कैद की सजा हो सकती है।</p>
<p></p>
<p>सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, जेन-जी आंदोलन के दौरान 77 लोगों की जान चली गई थी, और 84 अरब नेपाली रुपये से अधिक की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।</p>]]> </content:encoded>
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