1931 के बाद पहली बार होगी जातिवार जनगणना, जानिए कब और कैसे होगी यह प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने देश में जातिगत जनगणना कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह निर्णय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि भारत के सामाजिक ताने-बाने और नीतिगत संरचना के लिए दूरगामी प्रभाव वाला माना जा रहा है। यह पहली बार होगा जब स्वतंत्र भारत में सभी जातियों की गणना आधिकारिक रूप से की जाएगी।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jun 5, 2025 • 7:10 AM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
10 months ago
1931 के बाद पहली बार होगी जातिवार जनगणना, जानिए कब और कैसे होगी यह प्रक्रिया
, जानिए कब और कैसे होगी यह प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने देश में जातिगत जनगणना कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह निर्णय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि भारत के सामाजिक ताने-बाने और नीतिगत संरचना के लिए दूरगामी प्रभाव वाला माना जा रहा है। यह पहली बार होगा जब स्वतंत्र भारत में सभी जातियों की गणना आधिकारिक रूप से की जाएगी।
Full Story: https://www.newstvindia.in/caste-wise-census-to-be-held-for-the-first-time-since-1931-know-when-and-how
https://www.newstvindia.in/caste-wise-census-to-be-held-for-the-first-time-since-1931-know-when-and-how
Copied
1931 के बाद पहली बार होगी जातिवार जनगणना, जानिए कब और कैसे होगी यह प्रक्रिया
1931 के बाद पहली बार होगी जातिवार जनगणना, जानिए कब और कैसे होगी यह प्रक्रिया
Advertisement
Advertisement

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में जातिगत जनगणना कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह निर्णय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि भारत के सामाजिक ताने-बाने और नीतिगत संरचना के लिए दूरगामी प्रभाव वाला माना जा रहा है। यह पहली बार होगा जब स्वतंत्र भारत में सभी जातियों की गणना आधिकारिक रूप से की जाएगी।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी विवरण के अनुसार, यह जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 से और दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से आरंभ होगा।

पहले चरण में चार राज्यों में होगी शुरुआत

पहले चरण के अंतर्गत उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में जातिगत जनगणना कराई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में देशभर में यह प्रक्रिया विस्तारित की जाएगी।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
रणनीतिक साझेदारी को धार: जयशंकर और मंटुरोव ने वैश्विक चुनौतियों पर साझा किया दृष्टिकोण
NEW
flash_on
पश्चिम एशिया संकट: राहुल गांधी के रुख से अलग आनंद शर्मा ने की भारतीय कूटनीति की तारीफ; बोले- 'देशहित में एकजुटता जरूरी'
flash_on
एएआई का 31वां स्थापना दिवस: 'उड़ान' विजन की रीढ़ बना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण; मंत्री राम मोहन नायडू ने सराहा
flash_on
पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की हाई-लेवल मीटिंग: एलपीजी-उर्वरक की सप्लाई और महंगाई रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश
flash_on
पद्मश्री एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल, हरदीप पुरी बोले- 1984 सिख नरसंहार 'सुनियोजित हत्या'
flash_on
दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट से निकला धुआं, लखनऊ में की आपातकालीन लैंडिंग
flash_on
अमित शाह का लोकसभा में भाषण: नक्सलवाद पर राहुल गांधी और अर्बन नक्सलियों को घेरा

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया लगभग तीन वर्षों में पूरी की जाएगी और इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

17 वर्षों बाद दोबारा हो रही है राष्ट्रीय जनगणना

भारत में पिछली बार राष्ट्रीय जनगणना वर्ष 2011 में कराई गई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अगली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। अब यह प्रक्रिया 17 साल के अंतराल के बाद दोबारा शुरू की जा रही है, जिसमें इस बार जातीय आधार पर भी विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।

 क्या है जातिगत जनगणना और क्यों है यह महत्वपूर्ण?

जातिगत जनगणना के अंतर्गत सभी जातियों की गिनती के साथ-साथ उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। इसमें शिक्षा स्तर, आय, रोजगार, आवास और जीवन स्तर जैसे सूचकांकों को शामिल किया जाएगा।

Advertisement
Advertisement

अब तक की जनगणनाओं में केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और धार्मिक अल्पसंख्यकों की ही गणना की जाती रही है। OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) और अन्य जातियों की गणना का कोई ठोस आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं था। इस नई प्रक्रिया से नीति-निर्धारण, योजनाओं के लक्षित वितरण और आरक्षण नीति की समीक्षा में उपयोगी डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा।

राजनीतिक और सामाजिक मांग का मिला जवाब

जातिगत जनगणना की मांग लंबे समय से विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। वर्ष 1931 के बाद से अब तक कोई आधिकारिक जातिवार जनगणना नहीं कराई गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देश में सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे उन तबकों की सटीक पहचान हो सकेगी जिन्हें अब तक योजनाओं और संसाधनों में यथोचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।

history This is an archived post. The information provided may be outdated.

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications