कूनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी: मादा चीता 'आशा' ने दिया 5 शावकों को जन्म, मध्य प्रदेश बना वन्यजीव संरक्षण का वैश्विक केंद्र
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क (KNP) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद समाचार आया है। नामीबिया से लाई गई मादा चीता 'आशा' ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस वृद्धि के साथ ही भारत का 'चीता प्रोजेक्ट' सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
भोपाल : मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक अच्छी खबर आई है। यहां एक मादा चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इस उपलब्धि से मध्य प्रदेश वन्य प्राणी संरक्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।
दरअसल, कूनो नेशनल पार्क चीता पुर्नस्थापन के प्रयोग का बड़ा केंद्र बन गया है। यहां दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से चीते लाए गए थे, इन चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर छोड़ा था। यह प्रयोग सफल रहा है। यहां चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां एक चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चीता परिवार में पांच शावकों के जन्म पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की गई है। मादा चीता आशा ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत के चीता पुनर्स्थापन अभियान को नई मजबूती मिली है।
सीएम ने कहा कि अब भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि कूनो में कुल चीतों की संख्या 35 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश को देश में वन्य जीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है। इस सफलता का श्रेय समर्पित वन अमले और पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और अथक मेहनत को जाता है। कूनो में हो रहा यह सकारात्मक विकास भारत की जैव-विविधता संरक्षण यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।