Bangladesh Election 2026: जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव परिणामों को दी कानूनी चुनौती; 32 सीटों पर पुनर्मतगणना की मांग
12 फरवरी 2026 को हुए बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जमात-ए-इस्लामी ने कानूनी रास्ता अपनाया है। पार्टी ने 32 सीटों पर पुनर्मतगणना के लिए चुनाव आयोग में याचिका दायर की है और 13 सीटों पर परिणामों को अदालत में चुनौती दी है।
ढाका: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए पहले बड़े चुनावों के नतीजे अब विवादों के घेरे में हैं। बुधवार, 25 मार्च 2026 को आई रिपोर्ट्स के अनुसार जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि उसके गठबंधन के कई उम्मीदवार मामूली अंतर से हारे जिसकी मुख्य वजह चुनाव प्रक्रिया में की गई गड़बड़ियां हैं। जमात ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतगणना में जानबूझकर देरी की गई, पोलिंग एजेंट्स के हस्ताक्षर गायब थे और कुछ मामलों में पेंसिल से अंकित परिणाम पाए गए जो 'इलेक्शन इंजीनियरिंग' की ओर इशारा करते हैं।
पुनर्मतगणना की मांग और अदालती कार्यवाही
11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही जमात ने उन 32 निर्वाचन क्षेत्रों में पुनर्मतगणना (Recounting) की मांग की है जहाँ जीत-हार का अंतर मात्र 1,026 से 13,632 वोटों के बीच था। इनमें से 25 सीटों पर जमात के उम्मीदवार, तीन नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी), दो खेलाफत मजलिस और अन्य सहयोगी दलों के प्रत्याशी शामिल थे। चुनाव आयोग में शिकायत के बाद अब तक 12 उम्मीदवार अदालत का रुख कर चुके हैं जिनमें जमात के महासचिव मिया गुलाम परवर भी शामिल हैं जिन्होंने खुलना-5 सीट से याचिका दायर की है।
पूर्व सलाहकारों की भूमिका पर उठाए सवाल
जमात-ए-इस्लामी ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के दो पूर्व सलाहकारों, सैयदा रिज़वाना हसन और खलीलुर रहमान की भूमिका पर कड़े सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इन दोनों से पूछताछ और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मिया गुलाम परवर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता इन दोनों पूर्व सलाहकारों की भूमिका की न्यायिक जांच कराना है जबकि अन्य मुद्दों को बाद में उठाया जाएगा। जमात का कहना है कि वे फिलहाल बड़े स्तर पर जन आंदोलन से बच रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया के जरिए न्याय चाहते हैं।
चुनावी आंकड़े: बीएनपी का बहुमत और जमात की स्थिति
13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को स्पष्ट बहुमत मिला है जिसने अपने दम पर 209 सीटें जीतीं और गठबंधन के साथ यह आंकड़ा 212 तक पहुँचा। वहीं जमात ने अकेले 68 सीटें और गठबंधन के साथ कुल 77 सीटें हासिल की हैं। जमात का तर्क है कि यदि निष्पक्ष जांच और पुनर्मतगणना होती है तो नतीजों की तस्वीर बदल सकती है। फिलहाल पार्टी "इलेक्शन इंजीनियरिंग" के आरोपों की न्यायिक जांच की मांग पर कायम है और सरकार से निष्पक्षता की उम्मीद कर रही है।