मायावती के 'ब्राह्मण कार्ड' से दिल्ली-लखनऊ की राजनीति में उबाल; भाजपा का पलटवार- 'हमें बसपा के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं'
मायावती के जन्मदिन पर दिए गए बयान ने यूपी की राजनीति में नया विवाद छेड़ दिया है। ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर एसपी सिंह बघेल, मनोज तिवारी और पंकज चौधरी ने कड़ा जवाब दिया है, वहीं कांग्रेस और जदयू ने मायावती की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाए हैं।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jan 15, 2026 • 5:06 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
3 months ago
मायावती के 'ब्राह्मण कार्ड' से दिल्ली-लखनऊ की राजनीति में उबाल; भाजपा का पलटवार- 'हमें बसपा के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं'
मायावती के जन्मदिन पर दिए गए बयान ने यूपी की राजनीति में नया विवाद छेड़ दिया है। ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर एसपी सिंह बघेल, मनोज तिवारी और पंकज चौधरी ने कड़ा जवाब दिया है, वहीं कांग्रेस और जदयू ने मायावती की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाए हैं।
Full Story: https://www.newstvindia.in/mayawati-s-brahmin-card-boils-down-to-delhi-lucknow-politics-bjp-retorts-we-don-t-need-bsp-certificate
मायावती के 'ब्राह्मण कार्ड' से दिल्ली-लखनऊ की राजनीति में उबाल; भाजपा का पलटवार- 'हमें बसपा के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं'
नई दिल्ली/लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पर भाजपा, जदयू और कांग्रेस के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। मायावती के बयान को लेकर जहां कुछ नेताओं ने सामाजिक समरसता की बात कही, वहीं कुछ ने इसे राजनीतिक भ्रम से जोड़ा।
बता दें कि मायावती का 15 जनवरी को जन्मदिन है। जन्मदिन पर उनके द्वारा दिए गए बयान से लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी तूफान मचा हुआ है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने मायावती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक खूबसूरत गुलदस्ते की तरह है, जिसमें हर रंग और हर तरह के फूल होते हैं।
उन्होंने कहा, "किसी एक जाति की बात करने के बजाय समाज के पूरे ताने-बाने को साथ लेकर चलने की जरूरत है। जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, 'सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास।' अगर किसी एक जाति को लेकर टिप्पणी की जाएगी तो दूसरे वर्ग भी सवाल उठाएंगे कि क्या उनका कोई रोल नहीं है।"
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी मायावती के बयान पर कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा समाज के कल्याण के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज एकता और साथ आगे बढ़ने में विश्वास रखता है और हमेशा समाज को जोड़ने की भूमिका निभाता रहा है।
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज को लेकर बसपा से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज अपने विवेक से निर्णय लेने में सक्षम है और किसी के बहकावे में नहीं आता।
जदयू नेता केसी त्यागी ने मायावती के जन्मदिन के मौके पर दिए गए उनके बयानों पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मायावती को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हैं और उनके साथ संसद में भी काम कर चुके हैं।
त्यागी ने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर की गई टिप्पणियों पर वह कोई सीधी टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन यह जरूर कहा कि मायावती ने समय के साथ समाज के कई वर्गों को अपने से दूर कर लिया है, यहां तक कि अपने ही समुदाय को भी।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भी मायावती को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक विचारधारा अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, "जब तक वह इस भ्रम से बाहर नहीं आतीं, तब तक उनके सत्ता में आने का सवाल ही नहीं उठता।"
अनवर ने मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान को भी इसी राजनीतिक असमंजस से जोड़कर देखा।
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मायावती के बयान पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि उन्होंने उनका बयान नहीं देखा है। उन्होंने केवल मायावती को जन्मदिन की बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की।
बता दें कि इससे पहले मायावती ने अपने बयान में कहा कि भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बहकावे में ब्राह्मण समाज को नहीं आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि केवल बांटी-चोखे जैसे प्रतीकों से ब्राह्मणों को बहलाया नहीं जा सकता।