पुलिस की 'गढ़ी हुई' कहानी पर कोर्ट का डंडा, ड्रग्स केस में राजेश उर्फ काला को मिला संदेह का लाभ
चंडीगढ़ की स्पेशल अदालत ने 2020 के ड्रग्स मामले में आरोपी को बरी कर दिया। पुलिस जांच में खामियों और केस प्रॉपर्टी की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवालों के चलते मिला संदेह का लाभ।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ की एक स्पेशल कोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज करीब पांच साल पुराने एक मामले में आरोपी राजेश कुमार उर्फ काला को बरी कर दिया है। अदालत ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए माना कि 'केस प्रॉपर्टी' (बरामद नशीला पदार्थ) की सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों की गवाही में गहरा विरोधाभास है, जिसका सीधा लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।
क्या था मामला? यह मामला 9 जनवरी 2020 का है, जब थाना सेक्टर-11 की पुलिस ने दावा किया था कि सेक्टर-25/38 लाइट पॉइंट के पास से आरोपी राजेश कुमार को 10.70 ग्राम हेरोइन और 14 बुप्रेनॉरफिन इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के तहत मामला दर्ज किया था।