'2100 का वादा कर दे रहे सिर्फ 1100', लाडो लक्ष्मी योजना पर अनुराग ढांडा का बड़ा हमला; बताया महिलाओं के साथ छल
आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर 'लाडो लक्ष्मी योजना' के जरिए महिलाओं से धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ढांडा ने कहा कि चुनाव में 2100 रुपये का वादा किया गया था, लेकिन अब शर्तें थोपकर केवल 1100 रुपये दिए जा रहे हैं। जानें क्यों 96% महिलाएं इस योजना से बाहर हो गईं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने शनिवार को लाडो लक्ष्मी योजना पर झूठ फैलाने को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के नाम पर महिलाओं के साथ जो किया है, वह सशक्तिकरण नहीं बल्कि खुला छल है। अब सरकार यह कह रही है कि महिलाओं को 2100 रुपये नहीं, बल्कि पहले केवल 1100 रुपये ही दिए जाएंगे और शेष 1000 रुपये कभी बाद में, किसी शर्त के साथ जमा होंगे। यह साफ दिख रहा है कि भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं से खुला झूठ बोला और अब उस झूठ को ढकने के लिए नियम बदल रही है।
उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बिना किसी शर्त के हरियाणा की हर महिला को 2100 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया था। न आय की सीमा बताई गई, न उम्र की, न बच्चों, पढ़ाई या कुपोषण की कोई शर्त थी। लेकिन आज स्थिति यह है कि योजना को जानबूझकर इतना जटिल बना दिया गया है कि ज्यादातर महिलाएं अपने-आप लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। आय सीमा, बच्चों की शिक्षा, पोषण, उम्र और निवास जैसी शर्तें थोपकर सरकार ने यह सुनिश्चित कर दिया कि महिलाओं को तत्काल आर्थिक मदद न मिले और योजना सिर्फ कागजों और मंचों तक सिमट कर रह जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के 80 प्रतिशत अंक जैसी शर्तें गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं के लिए व्यावहारिक नहीं हैं। यह केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि सोची-समझी राजनीतिक धोखाधड़ी है। हरियाणा में 18 से 60 वर्ष की उम्र की लगभग 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं हैं, जिन्हें चुनावी वादे के मुताबिक 2100 रुपये मिलने थे। लेकिन पहली किस्त में सिर्फ 5 लाख महिलाओं को ही पैसे मिले, जो कुल पात्र महिलाओं का महज करीब 4 प्रतिशत है। यानी 96 प्रतिशत महिलाओं को सरकार ने बाहर कर दिया। पिछले साल के बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जो करीब 20 लाख महिलाओं के लिए पर्याप्त था, लेकिन लाभार्थियों की संख्या इससे भी कम रखी गई। अब 2100 रुपये की जगह 1100 रुपये देने की बात कर भाजपा अपने ही वादे से पीछे हट रही है।