मिजोरम सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत 11.55 लाख से अधिक लोग कवर
मिजोरम में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करते हुए राज्य की मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (एमयूएचसीएस) के तहत 11.55 लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
Agency Verified Media or Organization • 27 Mar, 2026Editor
Feb 17, 2026 • 7:45 AM
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3 months ago
मिजोरम सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत 11.55 लाख से अधिक लोग कवर
मिजोरम में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करते हुए राज्य की मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (एमयूएचसीएस) के तहत 11.55 लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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मिजोरम सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत 11.55 लाख से अधिक लोग कवर
आइजोल : मिजोरम में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करते हुए राज्य की मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (एमयूएचसीएस) के तहत 11.55 लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
योजना की संचालन समिति की बैठक मुख्यमंत्री लालदुहोमा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें योजना की प्रगति और भविष्य की रूपरेखा की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई और एमयूएचसीएस अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी समर्पित सेवा से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 2.88 लाख परिवार- जिनमें सामान्य परिवार, पेंशनभोगी, सरकारी कर्मचारी और आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के लाभार्थी शामिल हैं- योजना में पंजीकृत हैं। इससे कुल लगभग 11.55 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक पंजीकृत परिवारों में से लगभग 29 प्रतिशत ने चिकित्सा दावा प्रस्तुत किया, जो कुल लाभार्थियों का करीब सात प्रतिशत है। प्रति मरीज औसत स्वीकृत भुगतान 15,106 रुपये है।
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करीब 70 प्रतिशत दावे सरकारी अस्पतालों में उपचार से जुड़े हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि मरीजों का भरोसा सरकारी संस्थानों पर बढ़ा है। हालांकि, गंभीर बीमारियों के इलाज के कारण निजी अस्पतालों में उच्च राशि के दावे अधिक देखे गए हैं।
बैठक में सरकारी अस्पतालों को और मजबूत करने तथा जहां संभव हो, इलाज सरकारी या सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) अस्पतालों में ही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आपातकालीन या जीवन-रक्षक स्थितियों में गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए रेफरल नियमों को और स्पष्ट किया जाएगा।
वित्तीय स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि चालू वर्ष में अब तक लगभग 154 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और 48 करोड़ रुपये और मिलने की उम्मीद है।
अब तक 83,682 दावों का निपटारा किया जा चुका है, जिन पर लगभग 126 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। करीब 38 करोड़ रुपये के दावे जांच के अधीन हैं, जिन्हें जल्द जारी किया जाएगा।
हालांकि नियमों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों को 30 दिनों के भीतर भुगतान का प्रावधान है, लेकिन राज्य सरकार साप्ताहिक आधार पर धनराशि जारी कर रही है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आगामी वित्त वर्ष में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संचालन समिति ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने, दवाओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए फार्मा डिपो स्थापित करने और दोहरी सदस्यता लाभ रोकने के उपायों को मंजूरी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार टी.बी.सी. लालवेंचहुंगा सहित संचालन समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
Agency Verified Media or Organization • 27 Mar, 2026Editor
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