BMC Election Result 2026: मुंबई में 'महायुति' का राज, 30 साल बाद गिरा ठाकरे का किला; संजय राउत का शिंदे पर हमला- 'मराठी जनता याद रखेगी जयचंद'
बीएमसी चुनाव 2026 में बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। शिवसेना (UBT) को मिली करारी हार के बाद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे को 'जयचंद' करार दिया। वहीं शिंदे ने एलान किया है कि अब मुंबई का मेयर महायुति का ही होगा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jan 17, 2026 • 6:45 AM
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BMC Election Result 2026: मुंबई में 'महायुति' का राज, 30 साल बाद गिरा ठाकरे का किला; संजय राउत का शिंदे पर हमला- 'मराठी जनता याद रखेगी जयचंद'
बीएमसी चुनाव 2026 में बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। शिवसेना (UBT) को मिली करारी हार के बाद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे को 'जयचंद' करार दिया। वहीं शिंदे ने एलान किया है कि अब मुंबई का मेयर महायुति का ही होगा।
Full Story: https://www.newstvindia.in/mahayuti-rule-in-mumbai-thackeray-s-fort-collapses-after-30-years-sanjay-raut-s-attack-on-shinde-marathi-people-will-remember-jaychand
BMC Election Result 2026: मुंबई में 'महायुति' का राज, 30 साल बाद गिरा ठाकरे का किला; संजय राउत का शिंदे पर हमला- 'मराठी जनता याद रखेगी जयचंद'
मुंबई : बीएमसी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) को करारा झटका लगा है। महायुति को बहुमत मिल गया है। नतीजों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुशी जाहिर की, तो वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐलान कर दिया है कि बीएमसी का मेयर हमारा होगा। वहीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे को जयचंद कहा है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयचंद की फोटो शेयर कर लिखा है कि अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नहीं बनता! मराठी जनता शिंदे को जयचंद के तौर पर याद रखेगी।
एक तरफ जहां शिवसेना (यूबीटी) को तगड़ा झटका मिला है, तो वहीं महायुति में जश्न का माहौल है क्योंकि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर अब उसका कब्जा हो गया है।
ऐतिहासिक रूप से बीएमसी पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से शिवसेना का मुख्य गढ़ रही है। बालासाहेब ठाकरे की विरासत को संरक्षित करने के लिए, शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने भाई राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ और हार का सामना करना पड़ा।
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शिवसेना 1985 से बीएमसी पर शासन कर रही थी। 2017 के चुनावों में मुकाबला बहुत करीबी था। शिवसेना ने 84 सीटें, भाजपा ने 82 सीटें, कांग्रेस ने 31 सीटें, एनसीपी ने 9 सीटें और एमएनएस ने 7 सीटें जीतीं। स्पष्ट बहुमत न होने की स्थिति में, भाजपा ने राज्य गठबंधन को बनाए रखने के लिए शिवसेना को महापौर का पद रखने की अनुमति दी थी।
1865 में स्थापित बीएमसी केवल एक स्थानीय निकाय नहीं है। यह भारत का सबसे धनी निगम है। 74,000 करोड़ रुपए से अधिक के वार्षिक बजट के साथ, इसकी वित्तीय क्षमता गोवा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों से भी अधिक है।
बीएमसी की जीत पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में महायुति महापौरों की नियुक्ति करेगी, जिसमें प्रतिष्ठित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) भी शामिल है। शिंदे ने कहा कि गठबंधन ने ठाणे, कल्याण-डोम्बिवली और पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में महत्वपूर्ण पैठ बना ली है।
शिंदे ने कहा, "महायुति पार्टी का मुंबई में अपना मेयर जरूर होगा।"
उन्होंने कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट ने 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा और लगभग 60 सीटें जीतीं, लेकिन कुल मिलाकर जनादेश महायुति के 'विकास' एजेंडे के पक्ष में ही है। शिंदे ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई नगर निगम में महायुति के नेतृत्व वाली 'ट्रिपल इंजन' सरकार मुंबई के लिए बेहद लाभदायक होगी।