कर्तव्य पथ पर उतरी 'शांति की सेना': 77वें गणतंत्र दिवस पर 40 देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने बढ़ाया मान, दुनिया को दिया करुणा का संदेश
नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड और दूसरे वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का अद्भुत संगम। देखें कैसे विदेशी मेहमानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी भारत की सैन्य शक्ति और बौद्ध विरासत।
नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश ने न केवल सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक वैभव का प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी लोकतांत्रिक आत्मा और आध्यात्मिक विरासत का भी सशक्त संदेश दुनिया को दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर 40 से अधिक देशों से आए पूज्य अंतरराष्ट्रीय बौद्ध भिक्षुओं ने गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया, जिससे यह उत्सव और भी विशेष बन गया।
गणतंत्र दिवस समारोह के साथ ही नई दिल्ली में आयोजित दूसरे वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का समापन भी हुआ। इसी क्रम में भारत सरकार के सम्मानित अतिथि के रूप में विश्व के विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं ने कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड को देखा। इस दौरान भारत की सैन्य शक्ति, अनुशासन, विविध सांस्कृतिक झांकियां और जीवंत लोकतंत्र की रंगीन झलक ने विदेशी मेहमानों को गहराई से प्रभावित किया।