बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है भारत, तारिक रहमान की वापसी पर MEA का बयान
भारत ने बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीएनपी नेता तारिक रहमान की 17 साल बाद देश वापसी को व्यापक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। भारत ने बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Dec 26, 2025 • 9:54 PM
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बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है भारत, तारिक रहमान की वापसी पर MEA का बयान
भारत ने बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीएनपी नेता तारिक रहमान की 17 साल बाद देश वापसी को व्यापक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। भारत ने बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई।
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बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है भारत, तारिक रहमान की वापसी पर MEA का बयान
नई दिल्ली : भारत ने बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हुए शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की देश वापसी को व्यापक लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, “हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों का समर्थन करते हैं और लंदन से बीएनपी नेता की वापसी को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।”
गंभीर राजनीतिक संकट के बीच तारिक रहमान 17 वर्षों के आत्म-निर्वासन के बाद गुरुवार को बांग्लादेश लौटे। वे अपनी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के साथ बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश चुनाव आयोग ने देश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह की घोषणा की है, जो अगले वर्ष 12 फरवरी को प्रस्तावित हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान की वापसी और फरवरी 2026 के चुनावों में उनकी संभावित भागीदारी, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हालात की परीक्षा होगी। अंतरिम सरकार पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव कराने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
आलोचकों का यह भी कहना है कि बांग्लादेश के अस्थिर राजनीतिक माहौल में रहमान की वापसी देशभर में तनाव को और गहरा कर सकती है।
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत और विकास व जन-जन के संपर्क से मजबूत हुए भारत-बांग्लादेश संबंधों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
रणधीर जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश को लेकर हमारा रुख हमेशा स्पष्ट और सुसंगत रहा है। भारत बांग्लादेश के लोगों के साथ संबंधों को मजबूत करने के पक्ष में है। हम वहां शांति और स्थिरता के समर्थक हैं। चुनावों को लेकर भी हमारा दृष्टिकोण साफ है। हम शांतिपूर्ण माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और सहभागी चुनावों का समर्थन करते हैं।”
ढाका को भारत की वित्तीय सहायता से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में एमईए ने कहा कि परिस्थितियां भले ही बदली हों, लेकिन भारत बांग्लादेश में शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा है और वहां के लोगों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना चाहता है।
बता दें कि यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें देशभर में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत बांग्लादेश में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर उसने बांग्लादेशी अधिकारियों के समक्ष अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं।