Hormuz Crisis: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर हुई चर्चा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को खुला रखने पर दिया जोर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच मंगलवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पहली बार आधिकारिक फोन कॉल हुई। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की नाजुक स्थिति और वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे प्रमुख मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की।
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर विमर्श किया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा हुई। भारत ने हमेशा से ही युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर बल दिया है और यह कॉल उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर गहराता संकट
बातचीत का सबसे मुख्य केंद्र 'होर्मुज जलडमरूमध्य' रहा जो वर्तमान युद्ध के कारण ब्लॉक होने की कगार पर है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण रूट है और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 60 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल और गैस इसी मार्ग से आयात करता है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप इस बात पर सहमत हुए कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है क्योंकि यहाँ किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक तेल-गैस सप्लाई को पूरी तरह ठप कर सकता है।