जन्मदिन विशेष: कैंसर को मात देकर मिसाल बनीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर

ग्लैमर की दुनिया में खूबसूरती तो बहुत है, लेकिन फौलादी इरादे कम ही देखने को मिलते हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री और अंतरराष्ट्रीय मॉडल लीजा रे एक ऐसा ही नाम हैं, जिनकी कहानी सिर्फ चकाचौंध भरी सफलता की नहीं, बल्कि मौत के मुंह से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा गले लगाने की है।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Apr 4, 2026 • 7:34 AM | Mumbai
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
6 hours ago
जन्मदिन विशेष: कैंसर को मात देकर मिसाल बनीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
नीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
ग्लैमर की दुनिया में खूबसूरती तो बहुत है, लेकिन फौलादी इरादे कम ही देखने को मिलते हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री और अंतरराष्ट्रीय मॉडल लीजा रे एक ऐसा ही नाम हैं, जिनकी कहानी सिर्फ चकाचौंध भरी सफलता की नहीं, बल्कि मौत के मुंह से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा गले लगाने की है।
Full Story: https://www.newstvindia.in/s/d9b439
https://www.newstvindia.in/s/d9b439
Copied
जन्मदिन विशेष: कैंसर को मात देकर मिसाल बनीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
जन्मदिन विशेष: कैंसर को मात देकर मिसाल बनीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
Advertisement
Advertisement

मुंबई: ग्लैमर की दुनिया में खूबसूरती तो बहुत है, लेकिन फौलादी इरादे कम ही देखने को मिलते हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री और अंतरराष्ट्रीय मॉडल लीजा रे एक ऐसा ही नाम हैं, जिनकी कहानी सिर्फ चकाचौंध भरी सफलता की नहीं, बल्कि मौत के मुंह से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा गले लगाने की है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर दुनिया उनके उस जज्बे को सलाम कर रही है, जिसने उन्हें एक 'वॉरियर' के रूप में स्थापित किया।

4 अप्रैल 1972 को कनाडा के टोरंटो में जन्मी लीजा ने महज 16 साल की उम्र में मॉडलिंग शुरू की थी। लेकिन भारतीय दर्शकों के दिलों में उन्होंने अपनी जगह 1996 में नुसरत फतेह अली खान के प्रतिष्ठित म्यूजिक वीडियो ‘आफरीन-आफरीन’ से बनाई। उनकी नीली आंखों और सादगी ने रातों-रात उन्हें नेशनल क्रश बना दिया था।

'कसूर' से 'वॉटर' तक: अभिनय का सुनहरा सफर

लीजा रे के अभिनय करियर का टर्निंग पॉइंट साल 2001 में आई फिल्म ‘कसूर’ रही। आफताब शिवदासानी के साथ उनकी केमिस्ट्री और सस्पेंस थ्रिलर में उनकी अदाकारी ने बॉलीवुड में उनके लिए रास्ते खोल दिए। हालांकि, उनकी कलात्मक ऊंचाई तब देखने को मिली जब उन्होंने दीपा मेहता की ऑस्कर नामांकित फिल्म ‘वॉटर’ (2004) में काम किया। इस फिल्म ने उन्हें वैश्विक मंच पर एक गंभीर और सक्षम अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
जन्मदिन विशेष: कैंसर को मात देकर मिसाल बनीं लीजा रे, संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
NEW
flash_on
मां का सम: मोना सिंह की नई सीरीज; सिंगल मदर 'विनीता' के किरदार में तोड़ेंगी पुरानी रूढ़ियां
flash_on
OTT पर अभिनेत्रियों के लिए ज्यादा 'स्पेस': भूमि पेडनेकर ने दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खोला दिल
flash_on
भोजपुरी क्वीन निधि झा का 'परदेसी' अवतार: पति यश कुमार के लिए शेयर किया इमोशनल वीडियो; वायरल हुई प्रेम कहानी
flash_on
बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर' का कोहराम: 10 दिनों में ₹1226 करोड़ पार; जवान, पठान और KGF 2 के रिकॉर्ड ध्वस्त
flash_on
सांसद राजकुमार चाहर ने लॉन्च किया 'हिंदू वीर बलिदानी गोकुला जाट' पर शौर्य गीत; कर्मवीर चाहर ने निभाया मुख्य किरदार
flash_on
The 50 Winner: शिव ठाकरे ने फिर रची जीत की इबारत, मिस्टर फैजू की हार पर ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

कैंसर से जंग और 'येलो डायरी' की हिम्मत

साल 2009 लीजा की जिंदगी का सबसे काला अध्याय लेकर आया, जब उन्हें 'मल्टीपल मायलोमा' नामक दुर्लभ ब्लड कैंसर का पता चला। जहां कई लोग इस खबर से टूट जाते हैं, लीजा ने इसे एक चुनौती की तरह लिया। उन्होंने अपने इलाज के दौरान 'द येलो डायरी' नाम से ब्लॉग लिखना शुरू किया, जिसने दुनिया भर के कैंसर मरीजों को हिम्मत दी।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

साल 2010 में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के जरिए उन्होंने इस जानलेवा बीमारी पर फतह हासिल की। कैंसर मुक्त होने के बाद उन्होंने न केवल अपनी सेहत पर ध्यान दिया, बल्कि समाज में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का जिम्मा भी उठाया।

मातृत्व का सुख और नई शुरुआत

कैंसर के इलाज के कारण लीजा के लिए प्राकृतिक रूप से मां बनना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2012 में जेसन देहनी से शादी के बाद, इस दंपति ने सरोगेसी का विकल्प चुना। साल 2018 में जॉर्जिया में सरोगेसी के जरिए उनके घर दो जुड़वा बेटियों—सूफी और सोलेल—की किलकारी गूंजी। लीजा अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें साझा करती हैं, जो यह बताती हैं कि विज्ञान और विश्वास मिलकर किसी भी सपने को सच कर सकते हैं।

Advertisement
Advertisement

आज लीजा रे न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि एक लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। फिल्म ‘इश्क फॉरएवर’ और ‘वीरप्पन’ जैसी फिल्मों से पर्दे पर वापसी करने वाली लीजा आज की पीढ़ी के लिए यह संदेश देती हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, 'सकारात्मक सोच' और 'कभी न हार मानने वाला जज्बा' आपको हर जंग जिता सकता है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications