बजट 2026-27: क्या कर्मचारियों को मिलेगा 'वेतन वृद्धि' का तोहफा? 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद पहले बजट से जुड़ी 5 बड़ी बातें

1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट 2026 सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद खास होने वाला है। हालांकि 8वें वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2025 में ही हो चुका है, लेकिन इस बजट में इसके कार्यान्वयन (Implementation) की गति और वित्तीय प्रावधानों को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।

Jan 31, 2026 - 14:16
बजट 2026-27: क्या कर्मचारियों को मिलेगा 'वेतन वृद्धि' का तोहफा? 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद पहले बजट से जुड़ी 5 बड़ी बातें
बजट 2026-27: क्या कर्मचारियों को मिलेगा 'वेतन वृद्धि' का तोहफा? 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद पहले बजट से जुड़ी 5 बड़ी बातें

नई दिल्ली : देश के 1.1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से 8वें वेतन आयोग को लेकर किसी बड़े संकेत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सभी की नजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर रहेगी कि क्या वेतन और पेंशन बढ़ाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 में वेतन और पेंशन बढ़ोतरी को पूरी तरह लागू किया जाना अभी मुश्किल माना जा रहा है।

बजट के दिन 8वें वेतन आयोग के औपचारिक गठन को केवल तीन महीने ही पूरे हुए होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में यह संभावना कम है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वेतन और पेंशन बढ़ोतरी लागू हो पाए।

एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर बजट में वेतन और पेंशन बढ़ोतरी से सरकार पर पड़ने वाले खर्च के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया जाता है, तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि सरकार इस प्रक्रिया को तेज करना चाहती है।

अगर ऐसा होता है, तो वेतन आयोग कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया तेज कर सकता है और तय समय से पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। फिलहाल आयोग की रिपोर्ट की आखिरी तारीख मई 2027 है।

जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को पहले शून्य कर दिया जाता है और फिर धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर थोड़ा कम भी रखा जाता है, तब भी कर्मचारियों को अच्छा फायदा मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि अभी डीए और डीआर की दर 7वें वेतन आयोग के अंत के मुकाबले काफी कम है।

अक्टूबर में हुए आखिरी संशोधन के बाद डीए और डीआर की दर 58 प्रतिशत है। 7वें वेतन आयोग का सरकार पर कुल खर्च करीब 1.02 लाख करोड़ रुपए था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार कर्मचारियों और पेंशनधारकों की संख्या ज्यादा होने के कारण 8वें वेतन आयोग का सरकार पर असर 2.4 लाख करोड़ से 3.2 लाख करोड़ रुपए तक हो सकता है।

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