सावरकर पर सियासी घमासान: मोहन भागवत की 'भारत रत्न' की मांग पर भड़का विपक्ष, बताया दुर्भाग्यपूर्ण
मोहन भागवत द्वारा सावरकर को भारत रत्न देने के सुझाव पर सीपीआई(एम) और सपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जॉन ब्रिटास और राजीव राय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने संबंधी बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे विवादास्पद बताया है।
सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है, तो यह भारत के इतिहास का एक दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय होगा। उन्होंने कहा कि सावरकर को आजादी की लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि अंग्रेजों से माफी मांगने के लिए जाना जाता है। उन्हें नफरत, बंटवारे की राजनीति और ध्रुवीकरण का जनक माना जाता है। ऐसे में अगर उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाता है, तो यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन होगा।