Kolkata Municipal Corporation Election: दिसंबर में होंगे KMC चुनाव, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव दिसंबर 2026 में कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर तक नए निर्वाचित बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा। राजनीतिक बदलाव के बाद केएमसी में पैदा हुए संकट के बीच यह बड़ा फैसला सामने आया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 16, 2026 • 7:32 AM | कोलकाता
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Kolkata Municipal Corporation Election: दिसंबर में होंगे KMC चुनाव, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव दिसंबर 2026 में कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर तक नए निर्वाचित बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा। राजनीतिक बदलाव के बाद केएमसी में पैदा हुए संकट के बीच यह बड़ा फैसला सामने आया है।
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार बदलते घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation-KMC) चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले छह महीनों के भीतर नगर निगम चुनाव संपन्न कराए जाएंगे और 7 दिसंबर 2026 तक नए बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कोलकाता नगर निगम में आयोजित स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के दौरान की। उनके इस बयान के बाद नगर निकाय चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
7 दिसंबर तक बनेगा नया बोर्ड
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता नगर निगम का नया निर्वाचित बोर्ड 7 दिसंबर तक कार्यभार संभाल लेगा। पिछले कुछ समय से यह सवाल उठ रहे थे कि राजनीतिक बदलाव और प्रशासनिक संकट के बीच क्या राज्य सरकार समय पर चुनाव करा पाएगी, लेकिन अब सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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कोलकाता नगर निगम का मौजूदा कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है। हालांकि, इससे पहले महापौर फिरहाद हकीम (Firhad Hakim) के इस्तीफे के बाद नगर निगम में राजनीतिक संकट गहरा गया था।
महापौर के पद छोड़ने के बाद निगम बोर्ड को भंग कर दिया गया और राज्य सरकार ने नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त कर प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंप दी। फिलहाल, चुनाव होने तक केएमसी का संचालन प्रशासक के माध्यम से किया जा रहा है।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। पूर्व सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress-TMC) के भीतर बढ़ते मतभेद और कई पार्षदों के इस्तीफों ने पार्टी की स्थिति को कमजोर कर दिया।
इसके अलावा, कई पार्षद विभिन्न मामलों में गिरफ्तार भी हुए, जिसके चलते नगर निगम में प्रशासनिक और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिली। कुछ पार्षदों ने स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाने की शिकायत भी की थी।
नए मेयर के नाम पर नहीं बन पाई सहमति
फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग ने केएमसी को नोटिस जारी कर पूछा था कि बोर्ड को भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही तीन दिनों के भीतर नए मेयर के नाम की घोषणा करने को कहा गया था।
लेकिन तय समय बीतने के बावजूद नए मेयर के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद राज्य सरकार ने बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने का फैसला लिया।
2021 में तृणमूल कांग्रेस ने दर्ज की थी बड़ी जीत
कोलकाता नगर निगम का पिछला चुनाव दिसंबर 2021 में हुआ था। उस समय तृणमूल कांग्रेस ने 144 में से 137 वार्डों में जीत हासिल कर भारी बहुमत के साथ बोर्ड का गठन किया था।
हालांकि, विपक्षी दलों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए थे। इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने नगर निगम पर मजबूत पकड़ बनाए रखी थी।
दिसंबर चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें
अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के ऐलान के बाद कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिसंबर में होने वाले चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति की नई दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राज्य में बदलते राजनीतिक माहौल और स्थानीय निकायों में सत्ता संतुलन के बीच यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।