पंजाब में पराली प्रबंधन के लिए जापानी निवेश, CM भगवंत सिंह मान का पूरा समर्थन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान की जी.एन.जे. ग्रुप को झोने की पराली वेस्टेज प्रोजेक्ट में पंजाब में 1,500 करोड़ रुपये निवेश के लिए समर्थन का भरोसा दिया। यह पहल प्रदूषण कम करने और किसानों के लिए स्थायी समाधान लाने में मदद करेगी।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Nov 20, 2025 • 7:15 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
5 months ago
पंजाब में पराली प्रबंधन के लिए जापानी निवेश, CM भगवंत सिंह मान का पूरा समर्थन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान की जी.एन.जे. ग्रुप को झोने की पराली वेस्टेज प्रोजेक्ट में पंजाब में 1,500 करोड़ रुपये निवेश के लिए समर्थन का भरोसा दिया। यह पहल प्रदूषण कम करने और किसानों के लिए स्थायी समाधान लाने में मदद करेगी।
Full Story: https://www.newstvindia.in/japanese-investment-for-stubble-management-in-punjab-full-support-of-cm-bhagwant-singh-mann
पंजाब में पराली प्रबंधन के लिए जापानी निवेश, CM भगवंत सिंह मान का पूरा समर्थन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी ग्लोबल नेटवर्क जापान (जी.एन.जे.) ग्रुप को झोने की वेस्टेज के प्रबंधन के लिए सूबे में निवेश करने के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग का भरोसा दिया।
जी.एन.जे. ग्रुप का शिष्टमंडल, जिसमें सायतो मासाहीको, नोबूटोकी इतो, ताकेशी इशीगुरो, हितोशी कोनागानो, रोहित बख्शी, मनप्रीत सिंह और अन्य शामिल थे, ने आज यहां मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने भारत के वातावरण और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता देने के लिए जी.एन.जे. ग्रुप की वचनबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जानकर बड़ी खुशी हुई कि कंपनी वेस्टेज से ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है और इस लाभदायक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए मुख्य तौर पर पंजाब को चुना गया है।
मुख्यमंत्री ने कंपनी द्वारा इस अहम और लोक-पक्षी क्षेत्र में पंजाब सरकार के साथ संभावित सहयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गठजोड़ की बहुत संभावनाएं हैं और सूबा सरकार इस नेक कार्य के लिए कंपनी का पूरा समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि धान की पराली जलाना सूबा सरकार के सामने बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसी कारण जापानी व्यापारिक कंपनी के साथ रणनीतिक गठजोड़ समय की मांग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झोने की पराली जलाने से वातावरण प्रदूषण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान होता है, इसलिए सूबा सरकार इस मसले का स्थायी हल चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि झोने की पराली जलाने से मिट्टी के कई सूक्ष्म पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण किसानों को फसलों के लिए खाद और अन्य चीजें इस्तेमाल करनी पड़ती हैं, जिससे लागत बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने आशा प्रकट की कि यह पहल इन समस्याओं का पक्का समाधान ढूंढ़ने में बहुत मददगार सिद्ध होगी और सूबे को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।