मोबाइल डेटा पर राघव चड्ढा का बड़ा प्रहार: क्या टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं करोड़ों का 'डेटा खेल'?

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया है। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की 'डेली डेटा लिमिट' (Daily Data Limit) व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे उपभोक्ताओं के साथ होने वाला आर्थिक नुकसान बताया है। चड्ढा ने मांग की है कि बचा हुआ डेटा बेकार जाने के बजाय 'कैरी फॉरवर्ड' होना चाहिए।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Mar 23, 2026 • 11:28 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
12 days ago
मोबाइल डेटा पर राघव चड्ढा का बड़ा प्रहार: क्या टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं करोड़ों का 'डेटा खेल'?
: क्या टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं करोड़ों का 'डेटा खेल'?
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया है। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की 'डेली डेटा लिमिट' (Daily Data Limit) व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे उपभोक्ताओं के साथ होने वाला आर्थिक नुकसान बताया है। चड्ढा ने मांग की है कि बचा हुआ डेटा बेकार जाने के बजाय 'कैरी फॉरवर्ड' होना चाहिए।
Full Story: https://www.newstvindia.in/raghav-chadha-s-big-hit-on-mobile-data-are-telecom-companies-doing-crores-of-data-games
https://www.newstvindia.in/raghav-chadha-s-big-hit-on-mobile-data-are-telecom-companies-doing-crores-of-data-games
Copied
मोबाइल डेटा पर राघव चड्ढा का बड़ा प्रहार: क्या टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं करोड़ों का 'डेटा खेल'?
मोबाइल डेटा पर राघव चड्ढा का बड़ा प्रहार: क्या टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं करोड़ों का 'डेटा खेल'?
Advertisement
Advertisement

Telecom Data Crisis : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया है। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की 'डेली डेटा लिमिट' (Daily Data Limit) व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे उपभोक्ताओं के साथ होने वाला आर्थिक नुकसान बताया है। चड्ढा ने मांग की है कि बचा हुआ डेटा बेकार जाने के बजाय 'कैरी फॉरवर्ड' होना चाहिए।

डेली डेटा लिमिट का गणित

सांसद राघव चड्ढा ने सदन में विस्तार से समझाया कि कैसे देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स हर दिन अनजाने में वित्तीय नुकसान झेल रहे हैं। वर्तमान में, जब कोई यूजर 1.5GB या 2GB प्रतिदिन वाला प्लान खरीदता है, तो वह पूरे डेटा का भुगतान पहले ही कर चुका होता है।

विवाद की मुख्य जड़ यह है कि यदि कोई उपभोक्ता दिन भर में केवल 1GB डेटा इस्तेमाल कर पाता है, तो बचा हुआ 500MB या 1GB डेटा आधी रात को अपने आप खत्म हो जाता है। वह अगले दिन के कोटा में नहीं जुड़ता, जबकि यूजर ने उसकी पूरी कीमत चुकाई होती है।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
रणनीतिक साझेदारी को धार: जयशंकर और मंटुरोव ने वैश्विक चुनौतियों पर साझा किया दृष्टिकोण
NEW
flash_on
पश्चिम एशिया संकट: राहुल गांधी के रुख से अलग आनंद शर्मा ने की भारतीय कूटनीति की तारीफ; बोले- 'देशहित में एकजुटता जरूरी'
flash_on
एएआई का 31वां स्थापना दिवस: 'उड़ान' विजन की रीढ़ बना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण; मंत्री राम मोहन नायडू ने सराहा
flash_on
पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की हाई-लेवल मीटिंग: एलपीजी-उर्वरक की सप्लाई और महंगाई रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश
flash_on
पद्मश्री एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल, हरदीप पुरी बोले- 1984 सिख नरसंहार 'सुनियोजित हत्या'
flash_on
दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट से निकला धुआं, लखनऊ में की आपातकालीन लैंडिंग
flash_on
अमित शाह का लोकसभा में भाषण: नक्सलवाद पर राहुल गांधी और अर्बन नक्सलियों को घेरा

पेट्रोल के उदाहरण से घेरा

राघव चड्ढा ने इस समस्या को एक सरल उदाहरण के जरिए पेश किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति 20 लीटर पेट्रोल खरीदता है और गाड़ी में केवल 15 लीटर ही इस्तेमाल करता है, तो बचा हुआ 5 लीटर पेट्रोल कंपनी वापस नहीं ले सकती।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

ठीक इसी तरह, डेटा भी उपभोक्ता की 'डिजिटल प्रॉपर्टी' है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेलीकॉम कंपनियां जानबूझकर ऐसे प्लान्स को बढ़ावा देती हैं ताकि बचा हुआ डेटा लैप्स हो जाए और कंपनियों का मुनाफा बढ़े। उन्होंने इंटरनेट को आज के दौर की 'डिजिटल ऑक्सीजन' (Digital Oxygen) करार दिया।

समाधान के लिए तीन प्रमुख मांगें

संसद में चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार और रेगुलेटरी बॉडी के सामने तीन बड़े सुझाव रखे हैं, जो मोबाइल यूजर्स की जेब को राहत दे सकते हैं:

Advertisement
Advertisement
  • डेटा कैरी फॉरवर्ड (Data Carry Forward): दिन के अंत में बचा हुआ डेटा अगले दिन या अगले महीने के बैलेंस में जोड़ा जाना चाहिए।

  • वैल्यू एडजस्टमेंट (Value Adjustment): यदि महीने के अंत में डेटा बच जाता है, तो उसकी कीमत को अगले रिचार्ज में कम (Adjust) किया जाना चाहिए।

  • डेटा ट्रांसफर सुविधा: अनयूज्ड डेटा को डिजिटल संपत्ति मानते हुए उसे दूसरे यूजर्स को ट्रांसफर करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

उपभोक्ता अधिकारों की लड़ाई

यह पहली बार नहीं है जब राघव चड्ढा ने टेलीकॉम सेक्टर की विसंगतियों पर बात की है। इससे पहले भी वह 28 दिन की वैलिडिटी वाले 'महीने के प्लान' और रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद होने जैसे मुद्दों पर आवाज उठा चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर विचार करती है, तो यह भारतीय टेलीकॉम बाजार में एक बड़ा बदलाव होगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों को उनके खर्च किए गए हर पैसे का पूरा लाभ मिल सकेगा।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications