आजाद भारत का पहला बजट 197 करोड़ और आज 50 लाख करोड़ पार! ओम बिरला ने बताया- कैसे 25 हजार गुना बढ़ गई देश की अर्थव्यवस्था
संसद का बजट सत्र आज से शुरू। राष्ट्रपति का अभिभाषण तय करेगा भावी भारत की दिशा। 1947 से 2026 तक के भारतीय बजट के सफर पर लोकसभा अध्यक्ष ने साझा किया विशेष वीडियो।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jan 28, 2026 • 12:50 PM
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आजाद भारत का पहला बजट 197 करोड़ और आज 50 लाख करोड़ पार! ओम बिरला ने बताया- कैसे 25 हजार गुना बढ़ गई देश की अर्थव्यवस्था
संसद का बजट सत्र आज से शुरू। राष्ट्रपति का अभिभाषण तय करेगा भावी भारत की दिशा। 1947 से 2026 तक के भारतीय बजट के सफर पर लोकसभा अध्यक्ष ने साझा किया विशेष वीडियो।
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आजाद भारत का पहला बजट 197 करोड़ और आज 50 लाख करोड़ पार! ओम बिरला ने बताया- कैसे 25 हजार गुना बढ़ गई देश की अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण देश को मार्गदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण संदेश होता है।
ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संसद का बजट सत्र आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अभिभाषण से प्रारंभ हो रहा है। राष्ट्रपति का अभिभाषण केवल परंपरा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण देश को मार्गदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण संदेश होता है। इसमें राष्ट्र की भावी नीतियों, निर्णयों और कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट होती है, जो आने वाले वर्ष की विकास यात्रा का सार प्रस्तुत करती है।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह अभिभाषण लोकतंत्र की उस मूल भावना का प्रतिबिम्ब है, जहां जनता की आकांक्षाएं नीति-निर्माण का आधार बनती हैं और संसद उन्हें क्रियान्वित करने का दायित्व निभाती है।"
वीडियो में जानकारी दी गई कि जब भारत आजाद हुआ, तब देश आर्थिक रूप से कमजोर था। 1947-48 के पहले केंद्रीय बजट का कुल आकार लगभग 197 करोड़ रुपए था। उस समय भारत की अर्थव्यवस्था 2.78 लाख करोड़ रुपए के आसपास थी। बजट का जोर खाद्य सुरक्षा, प्रशासन चलाने और बुनियादी ढांचे की शुरुआत की जरूरतों पर था। 1960 से 1970 के दशक में हरित क्रांति के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र और ग्रामीण भारत पर निवेश बढ़ा। भारत ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता हासिल की। 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद बजट की दिशा बदली।
इसके अलावा, करोड़ों देशवासियों के सहयोग से भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ी। 1991-1992 का केंद्रीय बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए था और भारत की अर्थव्यवस्था करीब 270 अरब डॉलर तक पहुंची। साल 2000-01 में बजट व्यय तीन से चार लाख करोड़ रुपए था, जबकि जीडीपी लगभग 468 अरब डॉलर थी। 2010-2011 में केंद्रीय बजट 10 से 12 लाख करोड़ रुपए था और जीडीपी 1.67 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंची। 2020-2021 में कोरोना महामारी के बावजूद करीब 35 लाख करोड़ रुपए का केंद्रीय बजट रहा और इस वर्ष जीडीपी 2.67 ट्रिलियन डॉलर पर रही।
वर्तमान भारत का केंद्रीय बजट 50 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है। भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की हो चुकी है, यानी 1947 के पहले बजट से लगभग 25 हजार गुना बढ़ोतरी हुई है। जहां पहले बजट का फोकस सिर्फ जरूरतें पूरा करने पर था, वहीं आज इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप्स, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी, एआई, डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत केंद्र में हैं।