भारत-ईयू FTA: दो दशकों का गतिरोध खत्म, प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रंप पर तंज कसते हुए बताया 'ऐतिहासिक विन-विन'

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 'मदर ऑफ ऑल डील्स' यानी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के सफल समापन ने वैश्विक व्यापार जगत में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां सरकार इसे आर्थिक उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष ने भी इसका स्वागत किया है।

Jan 28, 2026 - 07:31
भारत-ईयू FTA: दो दशकों का गतिरोध खत्म, प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रंप पर तंज कसते हुए बताया 'ऐतिहासिक विन-विन'
भारत-ईयू FTA: दो दशकों का गतिरोध खत्म, प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रंप पर तंज कसते हुए बताया 'ऐतिहासिक विन-विन'

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से चर्चित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिए जाने पर राजनीतिक हलकों में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आई हैं। शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस डील का जोरदार स्वागत किया है और इसे दोनों पक्षों के लिए 'विन-विन' करार दिया है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर व्यंग्यात्मक तंज कसते हुए इस समझौते का 'उत्प्रेरक' बताया।

प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईयू-इंडिया एफटीए डील का स्वागत है, जो दो दशकों की बातचीत और हिचकिचाहट के बाद हुई है। लंबे समय से जिस पल का इंतजार था, वह आखिरकार दोनों के लिए एक विन-विन डील में बदल गया है।"

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए लिखा, "हिचकिचाहट को दूर करने में उत्प्रेरक बनने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी बहुत-बहुत धन्यवाद! उम्मीद है कि लोकतंत्र, साझा समृद्धि, नियमों पर आधारित व्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड के मूल्यों में विश्वास रखने वाले ये दोनों क्षेत्र, हम जिस मुश्किल समय में रह रहे हैं, उसमें एक-दूसरे को सशक्त बनाते रहेंगे!"

यह पोस्ट ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीतियों के संदर्भ में आई है। ट्रंप ने पिछले साल रूस से तेल खरीद और ब्रिक्स में भागीदारी का हवाला देते हुए भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। हाल ही में उन्होंने यूरोपीय देशों पर भी टैरिफ की धमकी दी, खासकर ग्रीनलैंड अधिग्रहण के मुद्दे पर। ऐसे में भारत-ईयू एफटीए को ट्रंप की नीतियों के 'प्रतिक्रियात्मक' परिणाम के रूप में देखा जा रहा है, जो वैश्विक व्यापार में अमेरिका-केंद्रित निर्भरता कम करने की दिशा में कदम है।

यह समझौता, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद 27 जनवरी 2026 को भारत-ईयू समिट में अंतिम रूप लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईयू नेताओं उर्सुला वॉन डेर लेयेन तथा एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी में घोषित यह डील वैश्विक जीडीपी के करीब 25 प्रतिशत हिस्से को कवर करती है। समझौते से दोनों पक्षों के बीच व्यापार में भारी वृद्धि की उम्मीद है। भारत से टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर, मरीन प्रोडक्ट्स आदि को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जबकि ईयू के ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल गुड्स, वाइन, चॉकलेट आदि पर टैरिफ घटेंगे।

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