फेसबुक का धमाका: 'Creator Fast Track Program' लॉन्च, अब रील्स और वीडियो से हर महीने होगी लाखों की गारंटीड कमाई
मेटा के स्वामित्व वाले फेसबुक ने क्रिएटर्स के लिए एक क्रांतिकारी 'फास्ट ट्रैक प्रोग्राम' शुरू किया है। इसके तहत इंस्टाग्राम, यूट्यूब या टिकटॉक पर लोकप्रिय क्रिएटर्स को फेसबुक पर शिफ्ट होने के लिए हर महीने 3000 डॉलर (करीब 2.8 लाख रुपये) तक की गारंटीड इनकम और मोनेटाइजेशन का तुरंत एक्सेस दिया जा रहा है।
नई दिल्ली: सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी बादशाहत बरकरार रखने के लिए मेटा (Meta) ने एक बड़ा दांव खेला है। फेसबुक ने आधिकारिक तौर पर “Creator Fast Track Program” की घोषणा की है। यह प्रोग्राम विशेष रूप से उन प्रभावशाली क्रिएटर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो अन्य प्लेटफॉर्म्स पर पहले से ही स्थापित हैं, लेकिन फेसबुक पर अपनी नई पारी शुरू करना चाहते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्रिएटर्स के संघर्ष को कम करना और उन्हें शुरुआत से ही बेहतर 'रीच' प्रदान करना है।
नए क्रिएटर्स के लिए 'फास्ट ट्रैक' एंट्री और आर्थिक सुरक्षा
फेसबुक ने स्वीकार किया है कि दूसरे प्लेटफॉर्म पर मशहूर होने के बावजूद नए सिरे से फेसबुक पर पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी समस्या को हल करने के लिए यह प्रोग्राम क्रिएटर्स की वीडियो और विशेष रूप से रील्स (Reels) को जबरदस्त पुश देगा। इस प्रोग्राम की सबसे आकर्षक कड़ी 3 महीने की गारंटीड पेमेंट योजना है। फेसबुक उन क्रिएटर्स को एक निश्चित मासिक आय की गारंटी दे रहा है जो तय नियमों के अनुसार नियमित कंटेंट पोस्ट करेंगे। इससे क्रिएटर्स को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और वे बिना किसी दबाव के उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट बना सकेंगे।
फॉलोअर्स के आधार पर कमाई का गणित
फेसबुक ने इस प्रोग्राम के जरिए कमाई के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे काफी प्रभावशाली हैं। यदि आप एक स्थापित क्रिएटर हैं, तो आपकी संभावित आय आपकी मौजूदा लोकप्रियता पर निर्भर करेगी। यदि आपके इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर कम से कम 1 लाख फॉलोअर्स हैं, तो आप फेसबुक से हर महीने लगभग 1000 डॉलर (करीब 90 हजार रुपये) तक कमा सकते हैं। वहीं, जिन क्रिएटर्स की पहुंच 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स तक है, उनके लिए हर महीने 3000 डॉलर (लगभग 2.8 लाख रुपये) तक कमाने का सुनहरा मौका है।
मोनेटाइजेशन टूल्स का इंस्टेंट एक्सेस
आमतौर पर फेसबुक पर मोनेटाइजेशन शुरू करने के लिए कई कड़े मापदंड पूरे करने होते हैं, लेकिन 'फास्ट ट्रैक' क्रिएटर्स को इन टूल्स का तुरंत एक्सेस दिया जाएगा। इसमें विज्ञापनों (Ads on Reels) और अन्य इन-स्ट्रीम फीचर्स के जरिए होने वाली कमाई शामिल है। सबसे बड़ी बात यह है कि 3 महीने का प्रोग्राम खत्म होने के बाद भी क्रिएटर्स अपने कंटेंट से नियमित रूप से कमाई जारी रख सकेंगे।
फेसबुक का क्रिएटर इकोनॉमी में रिकॉर्ड निवेश
मेटा अब फेसबुक को केवल एक सोशल नेटवर्किंग साइट नहीं, बल्कि कमाई का सबसे बड़ा जरिया बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में फेसबुक ने अपने मोनेटाइजेशन प्रोग्राम के तहत क्रिएटर्स को कुल 3 बिलियन डॉलर का भुगतान किया है। यह 2024 की तुलना में 35% की भारी बढ़ोतरी है, जो अब तक का सबसे बड़ा सालाना भुगतान रिकॉर्ड है। यह कदम साफ तौर पर यूट्यूब और अन्य शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स को टक्कर देने की रणनीति है।